Corona awareness @ दिव्यांग का संदेश: हाथ और पांव सही नहीं होने के बावजूद हम मास्क लगा सकते है तो आप क्यों नहीं: दिव्यांग संजय सिंह

राजस्थान सरकार कोरोना गाइड लाइन के पालना करने के लिए लगातार जागरूक कर रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार की इस मुहिम में सिरोही जिले का एक दिव्यांग भी लोगों से मास्क लगाने की अपील कर रहा है।

हाथ और पांव सही नहीं होने के बावजूद हम मास्क लगा सकते है तो आप क्यों नहीं: दिव्यांग संजय सिंह

सिरोही। 
कोरोना देश—विदेश में लगातार बढ़ रहा है, लोगों की लापरवाही के चलते आए दिन राजस्थान नए रिकॉर्ड बना रहा है। एक ओर जहां राजस्थान सरकार कोरोना गाइड लाइन के पालना करने के लिए लगातार जागरूक कर रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार की इस मुहिम में सिरोही जिले का एक दिव्यांग भी लोगों से मास्क लगाने की अपील कर रहा है।


पीथापुरा हाल सिरोही निवासी संजय सिंह देवड़ा दिव्यांग होने के कारण ना तो चल पाते है और ना ही सही ढ़ंग से हाथों का इस्तेमाल कर पा रहे है। इतना ही नहीं, संजय को बोलने में भी परेशान होती है, इन सब के बावजूद संजय इन दिनों लोगों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित कर रहा है। सरकार के जागरूकता अभियान में संजय भी बिना किसी निर्देश के या बिना किसी के आदेश के स्वयं मन की इच्छा से प्रेरित होकर जुड़ गए।

मैं दिव्यांग, फिर भी पहना मास्क, आप....

https://www.facebook.com/sanjaysingh.deorapithapura 
संजय ने सोशल मीडिया पर मैंसेज चलाया है कि मैं दिव्यांग हूं, फिर भी मास्क लगाकर रखता हूं। आप तो सही हैं फिर लापरवाही क्यों। आपको भगवान ने सबकुछ दिया है फिर भी आप लापरवाही करते हो, मास्क नहीं पहनते हो , मास्क को अपने जीवन का हिस्सा बनाइए और सुरक्षित रहिये। जब तक कोरोना वायरस पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता हैं, तब तक मास्क को अपने जीवन का हिस्सा बनाइए। संजय ने लिखा है कि कोरोना वैक्सीन जरूर लगवाइए, वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार को जो कदम उठाना हैं वो तो उठा रही हैं, लेकिन हमें अपने स्तर से इसकी पालना करनी चाहिए। 

मोबाइल पर लिखते है प्रेरक कहानियां
संजयसिंह देवड़ा जन्म से ही दिव्यांग है। ना तो हाथ काम करते हैं और ना ही पांव से चल सकते हैं। वहीं बोल भी नहीं सकते हैं। खाने-पीने में के लिए भी मदद की जरूरत रहती है। परिवार के सदस्यों से महज इशारों के माध्यम से बातचीत करते हैं। लेकिन समझ व हुनर ऐसा कि मोबाइल से प्रेरक कहानियां लिखते हैं। वहीं वाट्सएप के माध्यम से लोगों को प्रेषित भी करते हैं। देवड़ा आठवीं कक्षा तक पढ़े हुए हैं लेकिन हर घटना की जानकारी रखते हैं। देवड़ा समय बिताने के लिए दिनभर समाचार पत्र पढऩे के साथ मोबाइल के माध्यम से संदेश भेजते हैं। माता कैलाश कंवर ने बताया कि संजय हमेशा मोबाइल से खेलता रहता है। मोबाइल ग्रुप बनाकर परिचितों को प्रेरक कहानियां भेजता है। लोग भी पढकऱ रिप्लाई करते हैं।

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