बिहार : Bihar विधानसभा अध्यक्ष का इस्तीफा देने से इनकार, कहा, अविश्वास प्रस्ताव नियम, परंपरा की अनदेखी

विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को साफ कर दिया कि वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव का जो नोटिस सभा सचिवालय को दिया गया है, उसमें संवैधानिक नियमों और प्रावधानों की अनदेखी की गयी है।

Bihar विधानसभा अध्यक्ष का इस्तीफा देने से इनकार, कहा, अविश्वास प्रस्ताव नियम, परंपरा की अनदेखी
बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा

पटना | बिहार में महागठबंधन की सरकार के बनने बाद 24 अगस्त से दो दिवसीय विधानमंडल का सत्र प्रारंभ हो रहा है। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को साफ कर दिया कि वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव का जो नोटिस सभा सचिवालय को दिया गया है, उसमें संवैधानिक नियमों और प्रावधानों की अनदेखी की गयी है।

विधानसभा अध्यक्ष सिन्हा ने कहा कि सरकार का काम पहले होगा, यही नियम है और यही परंपरा है। सरकारी कार्य के बाद अन्य कार्य लिए जाएंगें। उन्होंने साफ तौर पर कह दिया कि वे इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि सदन की बात सदन में करेंगे। ऐसी स्थिति में साफ है कि सत्र हंगामेदार होगा।

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उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस जो सभा सचिवालय से प्राप्त हुआ है वह नियम, प्रवधान की स्पष्ट अनदेखी की गई है तथा संसदीय शिष्टाचार का भी पालन नहीं किया गया है। इस कारण इसे अस्वीकृत कर दिया गया।

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उन्होंने कहा कि लोकतंत्र हमारे लिए सिर्फ व्यवस्था नहीं है। विगत दिनों सत्ता को बचाए रखने के लिए जो कुछ भी हुआ उसपर इस समय कुछ भी कहना उचित नहीं, लेकिन इस क्रम में विधायिका की प्रतिष्ठा पर जो प्रश्न खड़ा किया गया है, उस पर चुप रहना अनुचित है। अध्यक्ष संसदीय नियमों तथा परंपराओं का संरक्षक है। यह केवल पद नहीं बल्कि एक न्यास का अंगरक्षक है।

सिन्हा ने कहा कि वह बिहार विधानसभा के अध्यक्ष पद के दायित्व से बंधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए व्यक्तिगत सम्मान से ऊपर लोकतंत्र की गरिमा को सुरक्षित रखना है। यह विधानसभा का अध्यक्ष होने के नाते मेरा कर्तव्य भी है।

उल्लेखनीय है कि अध्यक्ष के समर्थन में भाजपा के 76 सदस्य हैं, जबकि सत्ता पक्ष के 164 विधायक उनके खिलाफ एकजुट हैं।

इधर, विधानसभा उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी ने कहा कि अध्यक्ष को नैतिकता का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसके विरूद्ध में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है वह आसन पर नहीं बैठ सकता है। उन्होंने कहा कि सदन अंकों का खेल है।

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