सिरोही पुलिस का कमाल: मात्र 11 घंटे में नकली घी को असली बना दिया

वैसे तो सिरोही देवभूमि है, लेकिन सिरोही की पुलिस जादूगर से कम नहीं। नकली घी को मात्र 11 घंटे में असली बनाकर बता दिया। यह कोई जादूगरी नहीं, बल्कि कारनामा नजर आता है। 11 बजे डीएसटी अथवा डीएसबी टीम जिसे जिला पुलिस की विशेष शाखा कहा जाता है। उसने बाहरी घाटा में करीब पौन क्विंटल नकली घी पकड़ा और कोतवाली पुलिस को सौंप दिया।

मात्र 11 घंटे में नकली घी को असली बना दिया

सिरोही | वैसे तो सिरोही देवभूमि है, लेकिन सिरोही की पुलिस जादूगर से कम नहीं। नकली घी को मात्र 11 घंटे में असली बनाकर बता दिया। यह कोई जादूगरी नहीं, बल्कि कारनामा नजर आता है। 11 बजे डीएसटी अथवा डीएसबी टीम जिसे जिला पुलिस की विशेष शाखा कहा जाता है। उसने बाहरी घाटा में करीब पौन क्विंटल नकली घी पकड़ा और कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। एक अपराधी भी पकड़ा। 11 घंटे बाद पुलिस ने बिना लैब जांच के यह भी बता दिया कि यह घी बिलौने का शुद्ध घी था और प्रकरण रफा—दफा कर दिया।
सिरोही, जालोर और पाली के घी से जुड़ा एक मामला बहुत चर्चा में रहा था और उसमें करीब सवा सौ पुलिस के अधिकारियों का नाम आया था। एसीबी राजस्थान ने पाया था कि यह राजस्थान के इतिहास का सबसे घिनौना रिश्वत का काम था। एडीजी जसवंत सम्पतराम तक का उसमें नाम आया था। मामला वहां भी रफा—दफा ही कर दिया गया। कोतवाल सरोज बैरवा को घी डीएसटी की टीम ने सौंपा, यह टीम एसपी के निर्देशन में काम करती है। आरोपित को माल समेत छोड़ दिया गया। रात दस बजे एसपी हिम्मत अभिलाष टांक से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें किसी कार्रवाई के संबंध में जानकारी नहीं है। जबकि जिला विशेष शाखा के प्रभारी ने बताया कि सुबह 11 बजे नकली घी पर कार्रवाई की गई थी। कोतवाली पुलिस को आगामी जांच के लिए मामला दे दिया गया था। सोचने वाली बात यह है कि ​इलाके में नकली घी का कारोबार एक बार फिर से पैर पसारने लगा है और इसके बावजूद अफसरों की इस तरह की मेहरबानियां और कदरदानियां जिले को किस हद तक के गर्त में गिराएगी। यह समझ से परे है।