घूसकांड में दाव पर आरएसएस की छवि : राजस्थान में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचाकर का नाम घूसकांड में आने के बाद तेज हुई राजनीति, भाजपा के बाद अब आरएसएस भी बीच बचाव में

राजधानी जयपुर की मेयर सौम्या गुर्जर के पति को रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी और इसी मामले में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम (RSS regional pracharak Nimbaram) का नाम सामने आने के बाद भाजपा पूर्ण रूप से बचाव मे आ गई। वहीं दूसरी ओर मामले पहली बार आरएसएस की ओर से इस मामले में बीच बचाव किया गया

राजस्थान में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचाकर का नाम घूसकांड में आने के बाद तेज हुई राजनीति, भाजपा के बाद अब आरएसएस भी बीच बचाव में

जयपुर। 
राजधानी जयपुर की मेयर सौम्या गुर्जर के पति को रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी और इसी मामले में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम (RSS regional pracharak Nimbaram) का नाम सामने आने के बाद भाजपा पूर्ण रूप से बचाव मे आ गई। वहीं दूसरी ओर मामले पहली बार आरएसएस की ओर से इस मामले में बीच बचाव किया गया और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जा रही है।जयपुर नगर निगम में कचरा उठाने वाली BVG कंपनी घूसकांड केस में आरएसएस खुलकर निंबाराम के समर्थन में उतर आया है। 
आरएसएस के क्षेत्रीय कार्यवाह हनुमान सिंह राठौड़ ने निंबाराम पर लगे आरोपों का बचाव करते हुए राजनीतिक स्वार्थ से उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई के विकल्पों पर विचार करने की भी बात कही गई है। राठौड़ के मुताबिक BVG इंडिया लिमिटेड कंपनी के प्रतिनिधि निम्बारामजी के पास प्रताप गौरव केंद्र, उदयपुर में अपने CSR फण्ड से सहयोग करने का प्रस्ताव लेकर आए थे। आरएसएस के प्रचाकर निम्बाराम जी ने कंपनी के प्रतिनिधि से आग्रह किया था कि कंपनी इस केंद्र का खुद दौरा करें। इसके बाद वहां की आवश्यकताओं को समझने के बाद यदि उचित लगने पर इसमें सहयोग देने का तय करें।
राष्ट्रीय तीर्थ है प्रताप गौरव केंद्र 
प्रताप गौरव केंद्र एक नया दर्शनीय स्थल है जो भारतीय राज्य राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित है। इसका आरम्भ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति ने की थी। इसका लक्ष्य यह रखा गया कि लोग महाराणा प्रताप के बारे में और मेवाड़ के बारे में ऐतिहासिक जानकारी पा सकें। यह केन्द्र विभिन्न प्रदर्शनियों के माध्यम से मेवाड़ के पूर्व साम्राज्य के प्रसिद्ध राजा महाराणा प्रताप के जीवन, वीरता और उपलब्धियों के बारे में जानकारी देता है। 
निंबारामजी की यह शिष्टाचार मुलाकात 
क्षेत्रीय कार्यवाह राठौड़ ने कहा कि 20 अप्रेल को जो वीडियो दिखाया जा रहा है इसमें निम्बारामजी से कंपनी के प्रतिनिधियों की मुलाकात की थी और जो बातचीत हुई वह सामाजिक शिष्टाचार के नाते ही थी। क्षेत्र प्रचारक निम्बारामजी से समाज क्षेत्र के बहुत से लोग स्वाभाविक ही मिलने आते हैं। उनकी इस सामान्य शिष्टाचार भेंट को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में उनकी भूमिका से जोड़ना निंदनीय है। अलग-अलग समय और संदर्भ में की गई बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग कर, उन्हें जोड़कर राजनीतिक कारणों से उसके अन्य अर्थ लगाए जा रहें हैं। यह तथ्यों से विपरीत है और सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए जारी किए गए हैं।

नहीं हुआ पैसे का कोई लेन देन
क्षेत्रीय कार्यवाह राठौड़ ने कहा कि कानून का पालन करने वाले एक जिम्मेदार नागरिक के नाते निम्बारामजी हर तरह की जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। राजनीतिक स्वार्थ के चलते तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का प्रयास किया गया है। इस मामले में किसी प्रकार की राशि का कोई आदान- प्रदान नहीं हुआ है। इसलिए इसे भ्रष्टाचार से जोड़कर देखना ठीक नहीं है। इस तरह का अनर्गल आरोप लगाना समाज में प्रतिष्ठित व्यक्ति के चरित्र हनन के सामान है। दुर्भावना से लगाए जा रहे इन झूठे आरोपों का हम खंडन करते हैं। कानून सम्मत कार्रवाई करने के सभी प्रकार के विकल्प हमारे सामने खुले हुए हैं।
यह है मामला
जयपुर ग्रेटर की निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर और बीवीजी के प्रतिनिधि के बीच 276 करोड़ के बकाया बिल के एवज में 10 फीसदी कमीशन की बातचीत का वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम भी उस जगह बैठे दिख रहे थे। उस वीडियो के आधार पर एसीबी ने पहले पीई दर्ज की और फिर जांच के बाद 28 जून को राजाराम गुर्जर, बीवीजी के प्रतिनिधियों और निम्बाराम के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। राजाराम और कंपनी का एक प्र​तिनिधि गिरफ्तार हो चुके हैं। इस मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने निम्बाराम की गिरफ्तारी की मांग की है। 

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