India@ मिसाइन अग्नि—5 का परीक्षण: भारत में आज होगा बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि—5 का परीक्षण, अब चीन भी इस मिसाइल की रेंज में

भारत में आज ओडिया के तट से न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम अग्नि—5 मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा। इस मिसाइल को लेकर चीन की चिंता बढ़ गई,क्योंकि चीन भी अब भारत की इस मिसाइल की रेंज में आ गया। इस मिसाइल की रेंज 5 हजार किलोमीटर बताई जा रही है। डीआरडीओ की ओर से इस मिसाइल के सात परीक्षण किए जा चुके है,

भारत में आज होगा बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि—5 का परीक्षण, अब चीन भी इस मिसाइल की रेंज में

नई दिल्ली, एजेंसी। 
भारत में आज ओडिया के तट से न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम अग्नि—5 मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा। इस मिसाइल को लेकर चीन की चिंता बढ़ गई,क्योंकि चीन भी अब भारत की इस मिसाइल की रेंज में आ गया। इस मिसाइल की रेंज 5 हजार किलोमीटर बताई जा रही है। डीआरडीओ की ओर से इस मिसाइल के सात परीक्षण किए जा चुके है, अब आज आठवां परीक्षण किया जाएगा। आज ओडिया के तट से अग्नि—5 के उड़ान भरने के बाद सफल होते ही भारत भी उन आठ चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिनके पास परमाणु सक्षम मिसाइल है। या दूसरे शब्दों में कहा जाए तो भारत दुनिय के उन एलीट देशों में शामिल हो जाएगा, जिनके पास न्यूक्लियर हथियारों से लैस इंटर कॉनिटनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है। अ​भी तक इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस, इजराइल, ब्रिटेन, चीन और उत्तर कोरिया के पास हैं।

डीआरडीओ ने 2008 में शुरू किया था मिसाइल पर काम
भारत में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 2008 में अग्नि—5 मिसाइल पर काम शुरू कर दिया था। डीआरडीओ के रिसर्च सेंटर इमारत, एडवांस्ड सिस्टम लैबोरेटरी और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेटरी ने मिलकर इसे तैयार किया। 19 अप्रैल 2012 में ओडिसा में इसका पहला टेस्ट किया गया था। यह सफल रहा। इसके बाद 2015 में मिसाइलका पहला कैनिस्ट टेस्ट किया, यह भी सफल रहा। इसके बाद और पांच टेस्ट किए गए। सभी टेस्ट सफल रहे, अब अग्नि—5 को 2020 में ही सेना में शामिल करने की तैयारी थी, लेकिन कोरोना की वजह से टेस्ट में देरी हो गई। 

मल्टीपल टारगेट के लिए की जा सकती है इस्तेमाल
अग्नि—5 मिसाइल भारत की पहली और एकमात्र इंटर कॉन्टिनेंट बैलिस्टिक मिसाइल है। इसे डीआरडीओ ने बनाया है। इसकी रेंज पांच हजार किलोमीटर है। इस मिसाइल से एक साथ कई हथियार ले जाए जा सकते है। ये एमआईआरवी तकनीक से लैस है। इस मिसाइल से डेढ़ टन तक न्यूक्लियर हथियार ले जाया जा सकता है। इस मिसाइल की स्पीड मैक 24 है। इसका मतलब आवाज की स्पीड से 24 गुना ज्यादा इसकी स्पीड है। 

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