Sirohi @ स्नेह मिलन और प्रतिभा समारोह: सिरोही में सम्मान समारोह में विधायक ने जनसमूह को किया संबोधित, कहा हर इंसान को बाबा साहब के जीवन से लेनी चाहिए प्रेरणा

हमें बाबा साहब के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। बाबा साहब का जीवन संघर्षपूर्ण रहा हैं। उन्होंने भारतीय समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष किया है। यह बात विधायक संयम लोढ़ा ने जटिया एवं रेगर समाज विकास संस्थान द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही।

सिरोही में सम्मान समारोह में विधायक ने जनसमूह को किया संबोधित, कहा हर इंसान को बाबा साहब के जीवन से लेनी चाहिए प्रेरणा

सिरोही।
हमें सवा सो करोड़ लोगों को बात समझाने की आवश्यकता हैं कि हर मनुष्य, मनुष्य है, हर मनुष्य का अपना एक सम्मान है। हमें बाबा साहब के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। बाबा साहब का जीवन संघर्षपूर्ण रहा हैं। उन्होंने भारतीय समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष किया है। यह बात विधायक संयम लोढ़ा ने जटिया एवं रेगर समाज विकास संस्थान द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही।


विधायक लोढा ने कहा कि बाबा साहेब जीवन भर अनुसूचित जाति पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाते रहे। उन्होंने हमेशा मजदूर वर्ग और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। बाबा साहब ने जितना जीवन में पढा- लिखा वो सब हमारे लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है लेकिन हम सबने देखा कि उनका जीवन सामान्य नहीं रहा। हर मार्ग पर उन्हें चुनौती का सामना करना पड़ा। जिस संविधान की हम बात कर रहे है उस संविधान में भी बहुत से प्रावधानों से वह असहमत थे लेकिन उन्हें संविधान में शामिल करना पड़ा क्योंकि संविधान निर्मात्री की सभा के निर्णय होते है। 141 दिन सभा की बैठकें हुई। सभा में बाबा साहब ने अनेकों बार विचार भी इस पर प्रकट किए।
बीजेपी संविधान समीक्षा की बात करती है, कभी दूसरी बात करते है। संविधान की समीक्षा की जरूत नहीं है। हमें अपने विचारो को बदलने की जरूरत है। उसकी समीक्षा करे। आज आजादी के 70 साल के बाद भी बाबा साहब के सपनो के भारत को तरफ हम बहुत अग्रसर नहीं हुए हैं। आज भी गांवों में एक नागरिक जो बराबरी मिलनी चाहिए, तमाम प्रयासों के बाद भी हम उसे दिलाने में असफल है। संविधान के अधीन समाज और देश चलता है। मै आपसे भी विनती करता हूं कि जब भी आपको कहीं भी किसी प्रकार का अवसर मिले या आप देखे की किसी नागरिक अधिकारो का हनन हो रहा है तो उसमे उसमे साथ खड़े रहे। अभी बहुत... कार्यक्रम के प्रारंभ में समाज की बालिका ने स्त्रियों के हक को लेकर गीत गाया था। बाबा साहब ने महिलाओं के अधिकार को लेकर बहुत लड़ाई लडी है, अगर बाबा साहब नहीं होते तो महिलाओं कों जो अधिकार मिले है वो नहीं मिलते।


लोढा ने कहा कि बाबा साहब हिन्दू मैरिज एक्ट लाए थे तब उन्हें बहुत जबरदस्त प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन दिया है हमारे लिए। हम सभी सौभाग्य शाली है कि हम मनुष्य जीवन मिला है, जीवन को खूबसूरत बनाने में अपनी अहम भूमिका निभानी चाहिए। लोढ़ा ने कहा कि आज मंच पर अनेक महापुरुषों की तस्वीर लगा रखी है, ये तस्वीरे यहां तक ऐसे ही नहीं आई है। सभी महापुरूषों ने बहुत संघर्ष किया है। नायक रहे है। सभी महापुरुषों ने दृढ़ता के साथ समाज में एक रोशनी का संचार किया है। उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध जब सन्यासी बने और उसके बाद एक गांव में दीक्षा के लिए गए तो वहां तब के प्रभावशाली लोग थे उन्होंने उनके गांव में प्रवेश पर कांटे बिछा दिए। और उन्हें अपमानित किया। गांव में अनेक चुनौती सामना करना पड़ा। सबसे पहले समता सैनिक महात्मा बुद्ध थे। लोढ़ा ने कहा कि बाबा साहब नेअपना पूरा जीवन भारतीय समाज की जातीय व्यवस्था और हिंदू धर्म की कुरूतियों के खिलाफ संघर्ष करते हुए बीता दिया। इतना ही नहीं उनका जीवन खास तौर पर दलितों और पिछड़ों को उनके अधिकार दिलाने के लिए संघर्षशील रहा।
उन्होंने हमेशा महिलाओं को शिक्षा देने पर जोर दिया। उन्होंने समाज में हर वर्ग के लिए समानता, शिक्षा, अधिकार और सम्मान देने की बात कही और उसके लिए सदैव काम किया। उन्होंने पिछड़े और मजदूर वर्ग के अधिकारों का कड़ा समर्थन किया। बाबा साहब अम्बेडकर के प्रयासों और संघर्षमय जीवन के लिए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने हमेशा ही महिलाओं को समानता, शिक्षा, सम्मान, अधिकार और अपनी समर्थता को समझने पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं को मनुवादी सोच से निकाला। उनकी समाज में बराबरी के लिए कानून बनाया। उन्हें हर क्षेत्र में जगह मिल सके ऐसी व्यवस्था बनाई। हिन्दू कोड बिल लाकर उन्होंने महिलाओं को भरण-पोषण, तलाक, पति की हैसियत के हिसाब से खर्चे का अधिकार दिलाया। जीवन लम्बा होने के बजाय महान होना चाहिए। इस अवसर पर रेगर समाज विकास संस्थान के अध्यक्ष प्रवीण जाटोलिया ने कहा कि इस कार्यक्रम के ज़रिए हम समाज के लोगो को संगठित करना चाहते है और शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु समाज के सक्षम लोगों को आगे आना चाहिए । इस कार्यक्रम में अतिथि सभपति महेन्द्र कुमार मेवाड़ा, पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता स्वरूपराज खोरवाल, आबूरोड पार्षद किरण बोहरा, दीपक परसोया किशनगढ़, किशोर चौहान, डॉ रितेश कुमार ब्लॉक सीएमएचओ रेवदर, डॉ प्रवीण सिंगाड़िया व समस्त रेगर समाज में उपस्थित रहा।समारोह में संविधान ज्ञान परीक्षा के परीक्षार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता किशोर चौहान ने की।

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