New Delhi विज्ञान ​भवन में बैठक: Rajasthan को स्पेशल कैटेगरी का दर्जा देने की मांग, शिक्षा राज्य मंत्री ने केंद्र सरकार के समक्ष रखा प्रस्ताव

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री ने केंद्र से राजस्थान को स्पेशल कैटेगरी का दर्जा देने की मांग की। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ.सुभाष गर्ग ने कहा कि राजस्थान की कॉस्ट आफ सर्विस डिलीवरी अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा है। 

Rajasthan को स्पेशल कैटेगरी का दर्जा देने की मांग, शिक्षा राज्य मंत्री ने केंद्र सरकार के समक्ष रखा प्रस्ताव

जयपुर।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री ने केंद्र से राजस्थान को स्पेशल कैटेगरी का दर्जा देने की मांग की। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ.सुभाष गर्ग ने कहा कि राजस्थान की कॉस्ट आफ सर्विस डिलीवरी अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा है। 
ऐसे में केंद्र की ओर से राजस्थान को स्पेशल कैटेगरी का दर्जा दिया जाए। 
डॉ गर्ग गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ आगामी बजट के संबंध में आयोजित बैठक में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहेे थे। 
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि राजस्थान में इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली पॉलिसिज की बदौलत, राजस्थान देश के सबसे बड़े इंवेस्टमेंट हब के रूप में उभर रहा है। 
राजस्थान में 24 एवं 25 जनवरी 2022 को इन्वेस्टमेंट राजस्थान समिट आयोजित किया जाएगा। इसमें अभी तक साढ़े 5 लाख करोड़ रूपए से अधिक के 487 समझौते हो चुके है। 
इनसे लगभग 3 लाख 28 हजार लोगों को रोजगार मिलने की आशा है। डॉ सुभाष गर्ग ने  बैठक में मांग रखी कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट को शीघ्र राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही मरूस्थलीय एवं आदिवासी क्षेत्रों की मुख्य 5 पांच परियोजनाओं को स्वीकृत कर 100 प्रतिशत खर्चा केन्द्र सरकार को वहन करना चाहिए। 
डॉ गर्ग ने मांग की है कि जल जीवन मिशन के सफल क्रियान्वयन के लिए केन्द्र तथा राज्य सरकार का वित्त पोषण अनुपात 90:10 का किया जाना चाहिए।  
उन्होंने केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 के लिए 4862 करोड़ रुपए से बढाकर 9878 करोड़ रुपए किया जाना चाहिए। 
उन्होंने मांग रखी कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों में शिथिलता दी जानी चाहिए। 

सोने एवं चांदी पर आयात शुल्क घटाया जाए
बैठक में डॉ गर्ग ने मांग की है कि वर्तमान में सोने और चांदी पर आयात शुल्क 7.5 प्रतिशत और प्लेटिनम पर 10 प्रतिशत है। इसे घटाकर 4 प्रतिशत किया जाना चाहिए। 
इससे भारतीय उत्पाद दुबई, सिंगापुर आदि से प्रतिस्पर्धा कर सकें। डॉ. गर्ग ने राज्य विशिष्ट अनुदान एवं क्षेत्र विशिष्ट अनुदान को जारी रखने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में प्रीमियम सब्सिडी बॅटवारा पैटर्न 60:40 करने की मांग की। 
इसके साथ ही एल.पी.जी. गैस की दरें घटाये जाने, जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि को बढ़ाए जाने की भी मांग केंद्र से की है।

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