Sirohi भाजपा की जन आक्रोश रैली : Advisor to the Chief Minister संयम लोढ़ा ने भाजपा की जन आक्रोश रैली को बताया मुद्दाविहिन रैली और फ्लॉप शो

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार के तीन वर्ष के पूर्ण होने पर भाजपा की ओर से निकाली गई जन आक्रोश रैली को सीएम के सलाहकार ने फ्लॉप बताई। मुख्यमंत्री के सलाहकार सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने रैली को मुद्दा विहिन बताया।

Advisor to the Chief Minister संयम लोढ़ा ने भाजपा की जन आक्रोश रैली को बताया मुद्दाविहिन रैली और फ्लॉप शो

सिरोही। 
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार के तीन वर्ष के पूर्ण होने पर भाजपा की ओर से निकाली गई जन आक्रोश रैली को सीएम के सलाहकार ने फ्लॉप बताई। 
मुख्यमंत्री के सलाहकार सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने रैली को मुद्दा विहिन बताया। इतना ही नहीं, लोढ़ा ने राज्य सरकार की सफलता एवं बढ़ते जनाधार से भाजपा की बौखलाहत बताई।
 उन्होंने कहा कि भाजपा को अभी से आगामी विधानसभा चुनावों की हार दिखने लगी है। 
विधायक लोढ़ा ने कहा कि पूरे प्रदेश भर में प्रशासन शहरों व गांवों के संग अभियान सहित राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की भारी सफलता से भाजपा के पास जनता में जाने का कोई मुद्दा नहीं रह गया है। 
भाजपा जिसे जन आक्रोश रैली बता रही है उसमें आमजनता कही नहीं है, भाजपा के कार्यकर्ताओं एवं भाडे के मजदूरों के दम पर की गई रैली को जन आक्रोश रैली का नाम दिया जा रहा है। 
सिरोही जिले में ही प्रशासन शहर व गांव के संग अभियान में लगभग हर जगह भाजपा के जिला प्रमुख, प्रधान व अन्य जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित रहकर आमजनता को अभियान का लाभ दिला रहे है। 
जनता अभियान का भरपूर लाभ उठा रही है। पहली बार किसी भी गांव व शहर के किसी भी कैम्प में कोई विरोध नहीं होने से प्रमाणित हो जाता है कि आमजनता में कोई आक्रोश राज्य सरकार के प्रति नहीं है।  


भाजपा में नेतृत्व और सीएम चेहरे को लेकर गुटबाजी
विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा का असली चेहरा जान चुकी है। 
सत्ता प्राप्त करने के लिए प्रदेश भाजपा नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर गुटो में बंटी भाजपा से जनता को अब कोई उम्मीद नही रह गयी है। 
इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है कि राजस्थान में पिछले 8 उप चुनावों में महज दो चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की है। 
केन्द्र में सत्तासीन भाजपा एक उप चुनाव में चौथे नंबर व एक
उप चुनाव में तीसरे नंबर पर रही है। 
एक चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए है। 
इन परिणामों से जहां आम जनता ने भाजपा को राजस्थान में आईना दिखाया है वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल की सफलता पर मोहर लगायी है।
भाजपा के नेताओं का सत्ताविहिन हो जाने से मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। 
इसके चलते कभी मेवाड़ के गौरव महाराणा प्रताप पर तो कभी प्रदेश व देश के करोडों लोगों के  आराध्य देव भगवान राम पर भी अर्नगल टिप्पणी करने लगे हैं। 
फिर मतदाताओं की नाराजगी से डरकर माफी भी मांग रहे है।
विधायक संयम लोढा ने यह भी कहां कि अपने पिछले पांच वर्ष के कार्यकाल में भाजपा की सरकार एवं भाजपा के नेता कोई उपलब्धिपूर्ण कार्य नहीं कर पाए।
इसलिए जनता के बीच जाने के लिए वर्तमान कांग्रेस की राज्य
सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं पर केन्द्र सरकार का चेहरा लगाकर सस्ती वाह वाही लूटने का प्रयास कर रहे है।
विधायक संयम लोढा ने कहां कि दूसरी पार्टियों पर परिवारवाद का आरोप लगाने वाली भाजपा को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए कि सिरोही में भाजपा के जिला अध्यक्ष व जिला प्रमुख दोनों ही एक ही परिवार के सदस्य है। क्या यह परिवारवाद नहीं है।

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