Government of Rajasthan एक ओर बड़ा कदम: Chief Minister ने 25 लाख तक के आवासीय भूखण्ड और 50 लाख तक के फ्लैट के लिए प्रभार्य शुल्क किया 4 प्रतिशत

राजस्थान सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर पच्चीस लाख रुपए बाजार मूल्य तक के खाली आवासीय भूखण्डों से संबंधित हस्तान्तरण विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क घटाया दिया।

Chief Minister ने 25 लाख तक के आवासीय भूखण्ड और 50 लाख तक के  फ्लैट के लिए प्रभार्य शुल्क किया 4 प्रतिशत

जयपुर।
राजस्थान सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर पच्चीस लाख रुपए बाजार मूल्य तक के खाली आवासीय भूखण्डों से संबंधित हस्तान्तरण विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क घटाया दिया।

अब चार प्रतिशत की दर से प्रभारित किए जाने के आदेश किए गए हैं। वहीं सरकार ने एक ओर अधिसूचना जारी कर कहा कि चार तलों से अधिक के बहुमंजिला भवन में पचास लाख रुपए बाजार मूल्य तक के फ्लैट से संबंधित हस्तान्तरण विलेख पर भी प्रभार्य शुल्क घटाया जाता है।

इसमें भी चार प्रतिशत की दर से प्रभारित किए जाने के आदेश किए गए हैं। यह दोनों आदेश ऐसे हस्तान्तण विलेख पर लागू होंगे, जो 31 दिसम्बर 2021 तक निष्पादित और रजिस्ट्रीकरण के लिए प्रस्तुत कर दिया जाएंगे।


राजधानी में स्थापित होगा राजीव गांधी सेन्टर ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने युवाओं को सूचना तकनीक की नवीनतम विधाओं का प्रशिक्षण देने के लिए राजधानी में  सूचना केन्द्र में स्थापित किए जाने की घोषणा की।

इसके तहत जयपुर में राजीव गांधी सेन्टर ऑफ एडवान्स टेक्नोलॉजी में विश्वस्तरीय आईटी कंपनियों को सुसज्जित प्रशिक्षण स्थान एवं रख-रखाव सुविधा निःशुल्क प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। 
गौरतलब है कि सीएम गहलोत ने 2021-22 के बजट में प्रदेश के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स तथा वर्चुअल रियलिटी में सर्टिफिकेट कोर्स एवं मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च कराने के लिए केंद्र की स्थापना करने की घोषणा की थी। इस केंद्र को  जयपुर में 200 करोड़ रुपए की राशि से तैयार किया जाएगा।
इस सेन्टर की परिकल्पना एक उच्च स्तरीय संस्थान के रूप में की गई है।

इसमें आईटी की विश्व स्तरीय कंपनियों द्वारा प्रदेश के युवाओं के लिए सूचना तकनीक के नवीनतम प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

इसमें पहला प्रीमियम पाठ्यक्रम होगा,जो शुल्क आधारित होगा। दूसरा पाठ्यक्रम राज्य सरकार द्वारा अनुदानित होगा। इसमें प्रत्येक ट्रेनिंग पार्टनर्स के लिए 100 बच्चों का चयन किया जाएगा।

तीसरा पाठ्यक्रम ई-लर्निंग पर आधारित होगा और निःशुल्क होगा, इसमें पाठ्यक्रम सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

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