ब्रह्माकुमारीज संस्थान और भारत सरकार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी को वर्चुअल जल जन अभियान का करेंगे शुभारंभ

ब्रह्माकुमारीज संस्थान और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आठ माह तक पूरे देश में चलाया जाएगा अभियान राष्ट्रीय उद्घाटन समारोह में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, सुप्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर और उदयपुर के महाराजा लक्ष्यराज सिंह होंगे शामिल देशभर के अलग-अलग पांच हजार जलाशय, कुंआ, बावड़ी के संरक्षण,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी को वर्चुअल जल जन अभियान का करेंगे शुभारंभ
संस्थान के द्वारा जल संरक्षण की दिशा में बनाया गया जल संरक्षण प्लांट।  
  • - ब्रह्माकुमारीज संस्थान और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आठ माह तक पूरे देश में चलाया जाएगा अभियान
  • राष्ट्रीय उद्घाटन समारोह में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, सुप्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर और उदयपुर के महाराजा लक्ष्यराज सिंह होंगे शामिल
  • देशभर के अलग-अलग पांच हजार जलाशय, कुंआ, बावड़ी के संरक्षण, जीर्णोद्धार का रखा लक्ष्य
  • शहर से लेकर गांव-गांव में सभा, सम्मेलन, रैली, गोष्ठी से देंगे जल संरक्षण का संदेश

फैक्ट फाइल-

  1. 08 माह तक देशभर में चलाया जाएगा जल जन अभियान
  2. 10 हजार कार्यक्रम करने का रखा लक्ष्य
  3. 5000 जलाशय, कुंआ, बावड़ी के संरक्षण का लक्ष्य
  4. 1 लाख भाई-बहनें बनेंगे अभियान के सारथी
  5. 4200 सेवाकेंद्रों के माध्यम से चलाया जाएगा अभियान
  6. 10 करोड़ लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने का लक्ष्य

आबू रोड/सिरोही । ब्रह्माकुमारीज संस्थान और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आठ माह तक जल जन अभियान देशभर में चलाया जाएगा। अभियान का शुभारंभ 16 फरवरी को शांतिवन  के डायमंड हॉल में आयोजित गरिमामय समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 11.30 बजे वर्चुअल रूप से करेंगे।  

इस मौके पर विशेष रूप से डायमंड हॉल में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत,  सुप्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर और उदयपुर के महाराजा लक्ष्यराज सिंह होंगे सहित अन्य जानीं-मानीं हस्तियां मौजूद रहेंगी। कार्यक्रम को लेकर शांतिवन में तैयारियां जारी हैं।

 संस्थान के कार्यकारी सचिव बीके डॉ. मृत्युंजय भाई ने बताया कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से दिसंबर 2023 तक जल जन अभियान देशभर में चलाया जाएगा। इसके तहत ब्रह्माकुमारीज संस्थान के ब्रह्माकुमार भाई-बहनें मेगा शहरों से लेकर गांव-गांव तक अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जल संरक्षण का संदेश देंगे।

लोगों को नुक्कड़ नाटक, रैली, सभा, सम्मेलन, अभियान के माध्यम से जल संरक्षण का महत्व बताएंगे। इसमें पर्यावरण विशेषज्ञ जल संरक्षण की तकनीक और विभिन्न उपायों से लोगों को मार्गदर्शन देंगे। साथ ही ऐतिहासिक महत्व के जलाशय, तालाब, कुंआ, बावड़ी आदि जलाशयों और जलस्रोतों का संरक्षण और जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसमें जल शक्ति मंत्रालय की ओर से जरूरी संसाधन और सुविधाएं मुहैया कराईं जाएंगी।
 
आठ माह तक चलेगा अभियान- 
बीके डॉ. मृत्युंजय भाई ने बताया कि देशभर में 08 माह तक जल जन अभियान के तहत दस हजार जारूकता कार्यक्रम करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही पांच हजार जलाशयों के जीर्णोद्धार की योजना है। इस कार्य में एक लाख भाई-बहनें सारथी बनेंगे। अभियान के माध्यम से दस करोड़ लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। 

 ब्रह्माकुमारीज का जल संरक्षण में योगदान- 
ब्रह्माकुमारीज संस्था के अन्तर्राष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन, ज्ञान सरोवर सहित अनेक स्थानों पर जल संरक्षण के लिए इको फ्रेंडली सिस्टम का निर्माण किया गया है। शांतिवन परिसर में भूमिगत जलस्तर को बनाए रखने के लिए 32 लाख लीटर जल को स्टोरेज करने की व्यवस्था की गई है। साथ ही चेन फिल्टर विधि से आठ लाख लीटर जल का शुद्धिकरण किया जाता है। प्रयोग किए गए जल को रिसाइकिल विधि से पुन: स्वच्छ बनाकर पौधों की सिंचाई करके परिसर को हरा-भरा बनाया जाता है।

क्या है जल-जन अभियान- 
मनुष्य और मनुष्यता को बचाने के लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और ब्रह्माकुमारीज संस्था के द्वारा संयुक्त रूप से संचालित जल-जन अभियान, जल संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। लोगों में जल एवं प्रकृति के संरक्षण के प्रति सामूहिक चेतना का निर्माण करके ही जल संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इसी लक्ष्य को लेकर इस अभियान की योजना बनाई गई है।

जल-जन अभियान का उद्देश्य
- जल प्रबंधन द्वारा जल संरक्षण के प्रति लोगों में जागृति उत्पन्न करना।
- लोगों को उनके पास उपलब्ध भूमि में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम द्वारा जल संरक्षण के लिए प्रेरित करना।
- जल संरक्षण के पारम्परिक स्रोतों जैसे तालाब की खुदाई तथा नाला या ढलान वाली भूमि पर छोटे-छोटे जल संग्रह बनाने के लिए प्रेरित करना।
- लोगों को खाली पड़ी भूमि एवं खेतों के किनारे पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना।
- फव्वारा (स्प्रिंकलर) विधि से सिंचाई करके जल की बचत करने के लिए किसानों को प्रेरित करना।
- राजयोग मेडिटेशन द्वारा लोगों में जल संरक्षण के प्रति सकारात्मक चेतना उत्पन्न करना।
- जल संरक्षण के प्रति जागृति उत्पन्न करने के लिए सेमिनार आयोजित करना।
- स्कूल/कॉलेज के विद्यार्थियों में जल संरक्षण के प्रति जागृति उत्पन्न करने के लिए निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन करना।
- जल संरक्षण मेले का आयोजन करके किसानों एवं ग्रामीणों को जल-संरक्षण के प्रति जागरूक करना। 
- धार्मिक व समाजसेवी संस्थाएं, युवाओं और महिलाओं की जल संरक्षण के प्रति जागृति लाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
- प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया द्वारा जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना।
- हर घर में जल संरक्षण के प्रति जागृति लाना।

फोटो- 14 एबीआर 01,02- संस्थान के द्वारा जल संरक्षण की दिशा में बनाया गया जल संरक्षण प्लांट।  
फोटो- 14 एबीआर 03- वाटर सीवरेज प्लांट से गंदे पानी को रीसाइकिल करके पेड़-पौधों के लिए उपयोग किया जाता है। 

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