बेटियों के नाम पर अनूठी पहल: बेटी बचाओ—बेटी पढ़ाओ योजना के अन्तर्गत ‘एक पौधा सुपोषित बेटी के नाम’ कार्यक्रम की शुरूआत

बेटी जन्म पर महिलाओं को बधाई संदेश देते हुए सभी नवजात बालिकाओं को सहजन फली का पौधा भेंट स्वरूप देकर आरंभ किया गया

बेटी बचाओ—बेटी पढ़ाओ योजना के अन्तर्गत ‘एक पौधा सुपोषित बेटी के नाम’ कार्यक्रम की शुरूआत
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत माताओं को सहजनी का पौधा सौंपते विधायक संयम लोढ़ा

सिरोही | जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग, सिरोही द्वारा बेटी बचाओ—बेटी पढ़ाओ योजना के अन्तर्गत ‘‘एक पौधा सुपोषित बेटी के नाम’’ कार्यक्रम का आयोजन जिला कलेक्टर परिसर में क्षेत्रीय विधायक संयम लोढ़ा एवं जिला कलक्टर भगवती प्रसाद द्वारा बेटी जन्म पर महिलाओं को बधाई संदेश देते हुए सभी नवजात बालिकाओं को सहजन फली का पौधा भेंट स्वरूप देकर आरंभ किया गया।
इस अवसर पर विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि बदलते परिवेश एवं समय के साथ भारतीय समाज की मानसिकता बच्चियों के जन्म पर सकारात्मक होती जा रही है। उन्होंने कहा कि हम सभी का मिला झुला प्रयास है और हमारे उत्तरदायित्व भी है कि सबको आगे बढ़ने का समान अवसर प्राप्त हों। और बेटा व बेटी में फर्क न रखें। उन्होंने कहा कि आज हम देखते है कि 50 फीसदी के ज्यादा महिलाएं भारत में रक्त की कमी से पीड़ित रहती हैं और बच्चे भी अति कुपोषण सामने आते हैं। उन्होंने सिरोही जिले के हर ब्लाॅक में भी ऐसी स्थिति को बताया और उसको सुधारने की दिशा में किया गया यह एक अभिनव कार्यक्रम है।

उन्होंने वहां उपस्थित महिलाओं को कहा कि वे बच्चियों को अच्छे से देखभाल करें मानसिकता सकारात्मक बनाएं, नकारात्मक सोच नहीं रखे और बच्चियों के जन्म पर भी परिवार में उल्लास हों, जो हमारी सोच बदलें और इस सोच के साथ ही कार्यक्रम की शुरूआत हुई है, हम सभी मिलकर बच्चों को अच्छा स्वास्थ्य एवं पोषण दे सके। इस अवसर पर जिला कलक्टर भगवती प्रसाद ने बताया कि जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग, सिरोही द्वारा एक पौधा सुपोषित बेटी के नाम कार्यक्रम के अन्तर्गत बेटी जन्म को प्रोत्साहित करने एवं कन्या भ्रूण हत्या रोकने के उद्दद्देश्य के साथ ही कुपोषण मुक्त सिरोही अभियान की दिशा में प्रयत्न किया जा रहा है। सहजन पौधा में कार्बोहाईड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन ए, सी और बी काॅम्पलैक्स प्रचूर मात्रा में है। सहजन में दूध की तुलना में 4 गुना कैल्शियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है।

सहजन की फली वात व उदरशूल मे पत्ती नेत्ररोग, मोच, साईटिक, गठिया रोग में उपयोगी है। जिसका रोपण व उपयोग को बढ़ावा देकर कुपोषण की समस्या का निदान संभव है। महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक श्रीमती अंकिता राजपुरोहित ने कहा कि सिरोही जिले में अब तक सहजन फली के 500 पौधो को आंगनबाड़ी केन्द्रों, ग्राम पंचायत व विगत माह मे जन्म लेने वाली नवजात बालिकाओं के घर पर लगवाए गए और आगामी माह में भामाशाह के माध्यम से सिरोही जिले में 15000 सहजन फली के पौधो को लगाया जाएगा।
कार्यक्रम मे अति0 जिला कलक्टर गितेश श्रीमालवीय ,उपखंड अधिकारी हंसमुख कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक श्रीमती कमला परमार, महिला पर्यवेक्षक श्रीमती मंजूला खत्री, महिला शक्ति केन्द्र के जिला समन्वयक कल्पेश खण्डेलवाल, राजेन्द्र सिंह, मोहन सिंह व सहयोगी संस्था अजित फाउडेशन फाॅर ओरिएंटल एण्ड सोशियल स्टडीज सिरोही के आशुतोष पाटनी, एजुकेट गर्ल्स सिरोही ओमप्रकाश, आईडियल संस्थान सिरोही के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।