जालोर एमएलए गर्ग का ऑडियो वायरल मामला: अमित शाह गृह मंत्री या फिर शोले के गब्बर सिंह, जिसे चाहे उनके नाम से डरा रही है भाजपा:चिकित्सा मंत्री शर्मा

भाजपा के बागी लादूलाल पितलिया के नामांकन वापस लेने के मामले में एक ऑडियो वायरल हुआ है। यह ऑडियो भाजपा के सचेतक और जालोर विधायक जोगेश्वर गर्ग और गंगापुर सहाड़ा के विहिप नेता जगदीश झंवर के बीच हुई बातचीत का है। इस ऑडियो में जागेश्वर गर्ग जहां पितलिया को धमकी दे रहे है।

अमित शाह गृह मंत्री या फिर शोले के गब्बर सिंह, जिसे चाहे उनके नाम से डरा रही है भाजपा:चिकित्सा मंत्री शर्मा

जालोर। 
सहाड़ा सीट से भाजपा के बागी लादूलाल पितलिया के नामांकन वापस लेने के मामले में एक ऑडियो वायरल हुआ है। यह ऑडियो भाजपा के सचेतक और जालोर विधायक जोगेश्वर गर्ग और गंगापुर सहाड़ा के विहिप नेता जगदीश झंवर के बीच हुई बातचीत का है। इस ऑडियो में जागेश्वर गर्ग जहां पितलिया को धमकी दे रहे है। वहीं दूसरी ओर ऑडियो वायरल होने के बाद से प्रदेश का सियासी घमासान तेज हो गया। चिकित्सा, परिवहन मंत्री सहित कांग्रेसी नेता इसे लोकतंत्र की हत्या बता रहे है। कोरोना को लेकर मीडिया से रूबरू हुए चिकित्सा मंत्री ने अमित शाह को गब्बर सिंह बताते हुए कहा कि शाह के नाम से हर किसी को डराया जा रहा है।
यहां आप को बता दें कि  जालोर विधायक और भाजपा सचेतक गर्ग ऑडियो में कह रहे है कि ‘अमित शाह तक वॉच कर रहे हैं, पितलिया ने फॉर्म नहीं उठाया तो गंगापुर से बेंगलुरु तक रगड़ कर रख देंगे।’ ‘तीन तारीख यानी नामांकन वापस लेने की तारीख निकल जाने दीजिए, फिर इनके साथ क्या होता है। इसकी कल्पना भी नहीं होगी। पहले पितलिया को टिकट देने की मंशा थी, लेकिन राजसमंद से दीप्ति माहेश्वरी को मजबूरी में टिकट देना पड़ा। दो जगह से वैश्य वर्ग को टिकट नहीं दे सकते थे। गर्ग ने हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी का जिक्र भी किया। तंज कसते हुए कहा कि यहां आरएलपी तो है नहीं कि जो मर्जी आए कर लिया। जोगेश्वर गर्ग के इस वायरल ऑडियो से ​पितलिया पर दबाव डालकर नामांकन वापस करवाने के आरोप फिर से ताजा हो गए हैं। तीन दिन पहले लादूलाल पितलिया का ऑडियो और सीएम को लिखा लेटर वायरल हुआ था। इसमें वे भारी दबाव और परिवार की सुरक्षा की खातिर नामांकन वापस लेने की बात कह रहे थे। पितलिया ने नामांकन वापस लेने के बाद ​कहा था कि उन्होंने परिवार पर दबाव की वजह से नामांकन वापस लिया है।
अभी तो मनुहार, बाद में कल्पना भी नहीं कर पाएंगे
वायरल ऑडियो में गर्ग कह रहे है कि आम चुनाव हो तो कोई मायने नहीं रखता, किसी को मान मनोव्वल का इतना वक्त नहीं रहता, सब बिजी रहते हैं। इस वक्त तो सब फ्री हैं। अमित शाह तक वॉच कर रहे हैं। इस समय अगर जिद करके पार्टी को नुकसान पहुंचाया और खड़े रहे तो आप क्या समझते हैं हम छोड़ देंगे। रगड़कर रख देंगे गंगापुर से बंगलौर तक। अभी तो हम मनुहार कर रहे हैं, 3 तारीख निकल जाएगी, फिर क्या शुरु होगा उन्हें इसकी कल्पना नहीं है। प्यार से समझा दीजिए, अच्छा और भला आदमी हैं नुकसान हो जाएगा। वो भी रगड़ेंगे और हम भी मारेंगे, दोनों तरफ से मार खाएंगे। जीत हार की बात अलग है आपकी ऐसी तैसी होनी तय है। जीत हार की कोई बात नहीं है, हार भी गए तो कोई प्रलय नहीं होने वाली है। न कांग्रेस को न हमें फर्क पड़ने वाला है, आप सबके टारगेट पर आ जाओगे, इधर के भी और उधर के भी। भला आदमी है, हम सम्मानजनक पद देंगे।

मैंने तो समझाने के लिए कहा था, कोई गलत बात नहीं की
इस मामले को लेकर जोगेश्वर गर्ग ने ऑडियो पर सफाई देते हुए कहा, ‘मेरी झंवर साहब से बात हुई थी, लेकिन उन्होंने रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया। इसकी जानकारी नहीं है। मैंने झंवर साहब से कोई गलत बात नहीं कही थी। यही कहा था उन्हें समझाइए कि टिकट नहीं मिला तो अब पार्टी जॉइन की है तो पार्टी का आदेश मानना चाहिए। पार्टी की खिलाफत नहीं करनी चाहिए।’

भाजपा की गुंडागर्दी, चुनाव जीतने के हथकंडे:खाचरियावास


मामले को लेकर परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला है। परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने आरोप लगाया कि भाजपा उपचुनाव में गुंडागर्दी कर रही है और चुनाव जीतने के लिए सारे गलत हथकंडे अपना रही है। खाचरियावास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लादूलाल पितलिया का कथित पत्र और उनके बेटे का ऑडियो वायरल होने के बाद स्पष्ट है कि भाजपा ने उन्हें डरा धमका कर नामांकन वापस कराया है। बेंगलुरु में उनके प्रतिष्ठान खोलने नहीं दिए गए और उनके परिवार को भी धमकाया और डराया गया है। खाचरियावास ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है, लोकतंत्र में चुनाव लड़ने की आजादी सभी को है लेकिन जिस तरह से एक चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति को डरा धमका कर उसका नामांकन वापस करवाया गया है यह सही नहीं है। इससे लोकतंत्र कमजोर होगा। खाचरियावास ने कहा किस देश में जो भी लोग भाजपा या केंद्र सरकार की आलोचना करते हैं उन लोगों पर ईडी, सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों के छापे पड़वाए जाए जाते हैं। केंद्र और भाजपा की सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करती है इस तरह का रवैया लोकतंत्र में उचित नहीं है ।

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