C—DOT @ दूरसंचार कार्यशाला में ऐलान: India में 5-G spectrum की नीलामी अगले वर्ष के आरंभ में होने की संभावना, दूरसंचार विभाग के सचिव ने दिए संकेत

सी-डॉट को भारतीय कंपनियों, स्टार्ट-अप्स और शिक्षाविदों के सहयोग से 5-जी और 6-जी के शीघ्र कार्यान्वयन करने की दिशा में सक्रिय नेतृत्व करने का आह्वान किया। 5-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी अगले वर्ष के आरंभ में होने वाली है।

India में  5-G spectrum की नीलामी अगले वर्ष के आरंभ में होने की संभावना, दूरसंचार विभाग के सचिव ने दिए संकेत

नई दिल्ली, एजेंसी। 5G Spectrum Auction

भारत सरकार 5 जी स्पेक्ट्रम नीलामी को लेकर जल्द घोषणा कर सकती है। 5-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी अगले वर्ष के आरंभ में होने वाली है। यह कहना है कि भारत सरकार के दूरसंचार विभाग में सचिव, और अध्यक्ष, डिजिटल संचार आयोग के.राजारमन का। राजारमन दूरसंचार विभाग के प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र, टेलीमैटिक्स के विकास केंद्र (सी-डॉट) ने आज "भारतीय दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास की क्षमता का एक साथ लाभ के लिए आगे का रास्ता" विषय पर केंद्रित एक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का उद्देश्य उद्योग, अनुसंधान एवं विकास, शिक्षा जगत, स्टार्टअप और एमएसएमई सहित विभिन्न हितधारकों को एक साझा मंच पर लाना था, ताकि स्वदेशी विनिर्माण ईकोसिस्टम की ताकत और कमजोरियों पर विचार-विमर्श किया जा सके और प्रभावी तकनीकों को तेजी से तैयार किया जा सके। कार्यशाला के प्रतिभागियों को वैश्विक स्तर पर स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित प्रौद्योगिकियों के प्रसार में सहयोग करने के लिए दूरसंचार विभाग की अत्याधुनिक पहलों के साथ-साथ सी-डॉट के अनुसंधान एवं विकास के प्रयासों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने सी-डॉट को भारतीय कंपनियों, स्टार्ट-अप्स और शिक्षाविदों के सहयोग से 5-जी और 6-जी के शीघ्र कार्यान्वयन करने की दिशा में सक्रिय नेतृत्व करने का आह्वान किया। राजारमन घरेलू प्रौद्योगिकियों और विशेषज्ञता की विशाल क्षमता का लाभ लेने के लिए संबंधित हितधारकों के बीच तालमेल करने की आवश्यकता पर बल दिया। राजारामन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "आत्मनिर्भर भारत" और "गति शक्ति" की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में यह एक प्रयास है। उन्होंने भारत को एक बड़ा विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डाला। राजारामन ने कहा कि वर्ष 2014-15 से घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के अभूतपूर्व विकास में यह दिखाई देता है।

स्वदेशी विकास और उत्पादन को प्रोत्साहन
भारत सरकार के Department of Telecommunications में विशेष सचिव अनीता प्रवीण ने दूरसंचार प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी विकास और उत्पादन में तेजी लाने के लिए उद्योग जगत और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहन से सम्बद्ध योजना-पीएलआई और जिटल संचार नवाचार स्क्वायर-डीसीआईएस जैसी दूर संचार विभाग की पहल पर बल दिया। उन्होंने देश में 5-जी के कार्यान्वयन में सक्रिय भागीदारी के लिए दूरसंचार क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास के साथ सहयोग पर भी बल जोर दिया। उन्होंने सी-डॉट उत्पाद प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और सी-डॉट को स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास के व्यावसायीकरण के लिए स्थानीय उद्योग जगत और स्टार्ट-अप के साथ मिलकर काम करने की सलाह दी। सी-डॉट के कार्यकारी निदेशक, डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने कहा कि सी-डॉट लागत-प्रतिस्पर्धी स्वदेशी प्रणालियों को विकसित करने के लिए दूरसंचार के विभिन्न क्षेत्रों में एमएसएमई और स्टार्ट-अप सहित अकादमिक और उद्योग जगत के साथ सहयोग करने के लिए उत्सुक है और उन्हें इस संबंध में पूर्ण समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया है। उन्होंने सहयोगी अनुसंधान एवं विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सहित सी-डॉट के साथ सम्बद्ध होने के विभिन्न स्वरूपों पर भी विस्तार से जानकारी प्रदान की।

Must Read: 27 जनवरी 2022 सरकारी कंपनी एअर इंडिया अब हो जाएगी प्राइवेट कंपनी, आज से एविएशन इंडस्ट्री में हो जाएगा बदलाव

पढें दिल्ली खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें First Bharat App.

  • Follow us on :