बच्चों में वैक्सीनेशन की तैयारी: अमेरिकी कंपनी फाइजर की वैक्सीन बच्चों में लगाने की तैयारी, कोवैक्सीन पर किया जा रहा है ट्रायल

देश में 2 से 18 साल के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन की तैयारी चल रही है। जहां को वैक्सिन की बच्चों पर ट्रायल चल रही है, वहीं बच्चों के लिए एक और वैक्सीन जल्द मिलने की उम्मीदें बढ़ गई है। एम्स डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि अमेरिकी कंपनी फाइजर की वैक्सीन भी बच्चों को लगाई जा सकेगी।

अमेरिकी कंपनी फाइजर की वैक्सीन बच्चों में लगाने की तैयारी, कोवैक्सीन पर किया जा रहा है ट्रायल

नई दिल्ली। 
देश में 2 से 18 साल के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन (Vaccination) की तैयारी चल रही है। जहां को वैक्सिन की बच्चों (Children) पर ट्रायल चल रही है, वहीं बच्चों के लिए एक और वैक्सीन जल्द मिलने की उम्मीदें बढ़ गई है। एम्स डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया (Dr. Randeep Guleria) ने कहा है कि अमेरिकी कंपनी फाइजर की वैक्सीन भी बच्चों को लगाई जा सकेगी। गुलेरिया ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि ये पहला मौका नहीं है, जब भारत ने किसी वैक्सीन को बिना ट्रायल के ग्रीन सिग्नल दिया हो। केंद्र ने पहले भी ऐसी वैक्सीन को मंजूरी दी है, जिन्हें अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, WHO द्वारा इमरजेंसी यूज की मंजूरी दी जा चुकी है। ऐसे में हमें लगता है कि जल्द ही भारत में वयस्कों और बच्चों के लिए एक और वैक्सीन मौजूद होगी। फाइजर का टीका जल्द भारत आने की संभावाना जताई जा रही है। इस बीच ब्रिटेन में 12 से 15 साल के बच्चों को फाइजर बायोएनटेक की वैक्सीन को ड्रग रेगुलेटर ने मंजूरी दे दी है। मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी के मुताबिक फाइजर की वैक्सीन सुरक्षित और असरदार है। इससे पहले यूरोपीयन यूनियन और अमेरिका में इस एज ग्रुप के लिए फाइजर को मंजूरी मिल चुकी है। गुलेरिया ने बताया कि फाइजर और मॉडर्ना जैसी वैक्सीन को भारत लाने में शुरुआती देरी इसलिए हुई, क्योंकि वैक्सीन के बारे में कोई डेटा नहीं था। उन्होंने कहा कि अब हमारे पास इस बात का डेटा है कि ये वैक्सीन कितनी सेफ है। पहले यूरोप में इसके साइड इफेक्ट की खबरें आई थीं। अब अमेरिका और ब्रिटेन में वैक्सीनेशन का डेटा मौजूद है। जब हमारी कमेटी को ये पता चल गया कि भारत में इसका इस्तेमाल सेफ रहेगा, तो इसे लाने को लेकर मंजूरी दी गई। इधर, 2 से 18 साल के बच्चों के लिए भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की कोवैक्सिन की ट्रायल भी जारी है। 525 स्वास्थ्य वॉलंटियर्स पर इस वैक्सीन का ट्रायल किया जा रहा है। पहली डोज देने के 28 दिन बाद इन वॉलंटियर्स को दूसरी डोज दी जाएगी। ट्रायल के दौरान कोवैक्सिन का इस्तेमाल किया जाएगा।