मुंबई का जिन्ना हाउस: जिन्ना हाउस का अधिग्रहण कर कल्चरल सेंटर शुरू  करने को आग्रह,मंगल प्रभात लोढ़ा ने गृहमंत्री अमित शाह से की मुलाकात 

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के साथ ही अब जिन्ना हाउस को भी अधिग्रहण करने की मांग उठने लगी। मुंबई के मलबार हिल स्थित जिन्ना हाउस को अब साउथ एशिया सेंटर फॉर आर्ट एंड कल्चरल सेंटर शुरू करने की मांग की जा रही है। मुंबई के मंगल प्रभात लोढ़ा ने देश के गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर  ज्ञापन दिया।

जिन्ना हाउस का अधिग्रहण कर कल्चरल सेंटर शुरू  करने को आग्रह,मंगल प्रभात लोढ़ा ने गृहमंत्री अमित शाह से की मुलाकात 

गणपत सिंह मांडोली, 9929420786

मुंबई।

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के साथ ही अब जिन्ना हाउस को भी अधिग्रहण करने की मांग उठने लगी। मुंबई के मलबार हिल (Mumbai's Malabar Hill) स्थित जिन्ना हाउस को अब साउथ एशिया सेंटर फॉर आर्ट एंड कल्चरल सेंटर (South Asia Center for Art and Cultural Center) शुरू करने की मांग की जा रही है। मुंबई के मंगल प्रभात लोढ़ा (Mangal Prabhat Lodha of Mumbai)ने जिन्ना हाउस के अधिग्रहण करने के संबंध में देश के गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah)से मुलाकात कर  ज्ञापन दिया। लोढ़ा ने बताया कि मलबार हिल के पास जिन्ना हाउस आज उजाड़ सा पड़ा है। जिन्ना हाउस भारत विभाजन की दुखद स्मृति है। इस जमीन का अधिग्रहण कर सांस्कृतिक गतिविधियां शुरू किया जा सकता है। इसके लिए जिन्ना हाउस के गेट पर बोर्ड तक लगा हुआ है।

हैदराबाद हाउस के तर्ज पर होगा जीर्णोद्धार 
जानकारी के मुताबिक जिन्ना हाउस का जीर्णोद्धार करने की योजना बनाई जा रही हैं। इसे दिल्ली के हैदराबाद हाउस की तर्ज पर इंटरनेशनल सेंटर बनाएंगे। ध्यान रहे कि दिल्ली के हैदराबाद हाउस का इस्तेमाल उच्चस्तरीय विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और विशिष्ट मेहमानों के साथ द्विपक्षीय बातचीत और उनके सम्मान में भोज आदि के लिए होता है।
क्या है जिन्ना हाउस?
1936 में मोहम्मद अली जिन्ना (Mohammad Ali Jinnah)ने मुंबई के पॉश इलाके मालाबार हिल में यह इमारत बनवाई थी। इस इमारत को बनवाने में तब 2 लाख रुपए लागत आई थी। तब इस इमारत को साउथ कोर्ट कहा जाता था। यह इमारत 2.5 एकड़ में फैली है। जिन्ना हाउस को यूरोपीय अंदाज में बनाया गया है जिसका डिजाइन क्लाउड बेटली ने किया था। बेटली इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स के पूर्व अध्यक्ष थे। जिन्ना हाउस बनाने के लिए खासतौर पर इटली से प्रशिक्षित कामगारों को भारत लाया गया था। बंगले का रुख समुद्र की ओर है। जिन्ना हाउस को बनाने के लिए शानदार इटैलियन मार्बल और वॉलनट वुडवर्क का इस्तेमाल किया गया है। लेकिन, मौजूदा समय में इसकी कई दीवारें जर्जर हो चुकी हैं।