5 साल की बच्ची से रेप, 26 दिन में फैसला: पॉक्सो कोर्ट के जज ने 5 साल की मासूम से रेप के आरोपी को 26​ दिन में सुनाई फांसी की सजा

पॉक्सो कोर्ट ने महज 26 दिन में 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को फांसी की सजा सुनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।  पॉक्सो कोर्ट के जज ने बुधवार को सजा सुनाते हुए कहा कि सुनवाई के दौरान तुम्हारे अंदर एक बार भी पश्चाताप नहीं देखा, अगर तुम पश्चाताप करते तो हो सकता था तुम्हारी सजा दूसरी होती। 

पॉक्सो कोर्ट के जज ने 5 साल की मासूम से रेप के आरोपी को  26​ दिन में सुनाई फांसी की सजा

जयपुर। 
पॉक्सो कोर्ट ने महज 26 दिन में 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को फांसी की सजा सुनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।  पॉक्सो कोर्ट के जज ने बुधवार को सजा सुनाते हुए कहा कि सुनवाई के दौरान तुम्हारे अंदर एक बार भी पश्चाताप नहीं देखा, अगर तुम पश्चाताप करते तो हो सकता था तुम्हारी सजा दूसरी होती। 
जानकारी के मुताबिक घटना राजस्थान के झुंझनूं जिले की है। घटना 19 फरवरी को राजस्थान के पिलानी थाने के तहत श्योराणों की ढाणी की है। शाम करीब साढ़े पांच बजे पांच साल की मासूम खेत में अपने भाई-बहनों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान एक स्कूटी पर आरोपी सुनील कुमार (20) आया और मासूम का अपहरण कर ले गया था। 19 फरवरी को अपहरण के तुरंत बाद ही मासूम के भाई-बहनों ने आरोपी का पीछा भी किया था, लेकिन वे उसे नहीं पकड़ पाए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। SP मनीष त्रिपाठी के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी की। इस बीच रात करीब 8 बजे मासूम गाड़ाखेड़ा गांव में लहूलुहान स्थिति में मिली थी। इसके बाद गाड़ाखेड़ा चौकी प्रभारी शेरसिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और मासूम को अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उसे जयपुर रैफर किया गया था। घटना के पांच घंटे बाद ही पुलिस ने शाहपुर निवासी आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया था। SP मनीष त्रिपाठी ने इस मामले में टीम का गठन का जल्द से जल्द चालान पेश करने को कहा। इसके बाद जांच अधिकारी चिड़ावा DSP सुरेश शर्मा ने आरोपी के खिलाफ 9वें दिन ही 1 मार्च को चालान पेश कर दिया था। तब से मामले की नियमित सुनवाई हो रही थी। बुधवार को पॉक्सो कोर्ट के जज सुकेश कुमार जैन ने आरोपी सुनील को फांसी की सजा सुनाई।

 40 से अधिक गवाह, 250 दस्तावेज
इस मामले में 40 से अधिक गवाह जुटाए गए। इसके साथ ही करीब 250 दस्तावेज बतौर सबूत रखे। जल्द से जल्द चालान पेश करने के लिए पुलिस ने इस मामले में रोजाना 12 से 13 घंटे काम किया और 10 दिन में ही चालान पेश कर दिया था। पॉक्सो एक्ट लागू होने के बाद मासूम से रेप को फांसी का यह झुंझुनूं का दूसरा मामला है। इससे पूर्व तीन साल पहले ऐसे ही एक मामले में आरोपी विनोद कुमार को फांसी की सजा सुनाई गई थी। यह फैसला घटना के 29 दिन में आया था। 
हमारी बेटी को मिला न्याय
कोर्ट के फैसले के बाद बच्ची के पिता ने बताया कि आज हमारी बेटी को न्याय मिला है। घटना के बाद से ही वह सहमी रहती है। उसे जिंदगी भर का दर्द मिला है। जिसकी पीड़ा कोई कम नहीं कर सकता। वहीं दूसरी ओर फैसला आने के बाद झुंझुनूं SP मनीष त्रिपाठी ने कहा कि इस फैसले से इस तरह के समाज के कंटकों को कड़ा संदेश जाएगा कि बुराई का अंत बुरा ही होता है। उन्होंने मामले में जांच अधिकारी चिड़ावा डीएसपी सुरेश शर्मा और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस टीम ने महज 9 दिन में चालान पेश कर नया रिकॉर्ड बनाया।