एनकाउंटर में पुलिस को नोटिस: कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले में राष्ट्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने जारी किया नोटिस

बाड़मेर में कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले में अब राष्ट्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी दखल करेगा। राष्ट्रीय ओबीसी आयोग अब इस एनकाउंटर में अपने स्तर पर जांच भी करेगा। इतना ही नहीं,  इस पर उठ रहे सवालों की पड़ताल भी करेगा। ओबीसी आयोग ने कमलेश एनकाउंटर मामले में राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है।

कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले में राष्ट्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने जारी किया नोटिस

जयपुर।
बाड़मेर में कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले में अब राष्ट्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी दखल करेगा। राष्ट्रीय ओबीसी आयोग अब इस एनकाउंटर में अपने स्तर पर जांच भी करेगा। इतना ही नहीं,  इस पर उठ रहे सवालों की पड़ताल भी करेगा। ओबीसी आयोग ने कमलेश एनकाउंटर मामले में राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है। आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. लोकेश कुमार प्रजापति ने मुख्य सचिव, डीजीपी और गृह विभाग के प्रमुख सचिव को नोटिस जारी किए हैं।

ओबीसी आयोग ने कमलेश प्रजापत के एनकाउंटर से संबंधी आरोपों पर तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। यह नोटिस सुरेश प्रजापत और अन्य की ओर से आयोग को दी गई याचिका के बाद जारी की गई है। सुरेश प्रजापत ने 24 अपे्रल को आयोग को याचिका भेजकर कमलेश एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए इसकी सीबीआई से जांच की मांग की थी। आयोग ने यह चेतावनी दी है कि अगर 7 दिन में नोटिस का जवाब तथ्यात्मक रिपोर्ट के साथ नहीं दिया तो संबंधित अफसरों को वारंट जारी कर तलब किया जाएगा। 
पुलिस के एनकाउंटर पर सवाल
कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले में दो वायरल वीडियो ने पुलिस की कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। कमलेश के घर के बाहर एक फैक्ट्री के सीसीटीवी से लीक वीडियो वायरल  से यह खुलासा हो रहा है कि कमलेश की तरफ से गोली ही नहीं चली, गोली केवल पुलिस की तरफ से चली। पुलिसकर्मी डंडे से कमलेश की गाड़ी की विंड शीट तोड़ते हुए दिख रहे हैं। फिर एक पुलिसकर्मी रिवॉल्वर ताने दिखता है। कुछ ही देर बाद वीडियो में गाड़ी से एक युवक को पुलिसकर्मी दोनों हाथ और पांव पकडक़र उल्टा करके गाड़ी में डालते हुए दिख रहे हैं। इधर, इस मामले में पुलिस ने कमलेश की गाड़ी से जिस हेड कांस्टेबल को कुचलने का दावा किया, उसके और बाड़मेर एसपी के बयानों में विरोधाभास है। हेड कांस्टेबल ने कहा था कि कमलेश ने फायरिंग की जबकि बाड़मेर एसपी ने कहा-गोली नहीं चली। वीडियो देखने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है, जब कमलेश ने गोली नहीं चलाई तो फिर सीधे उसे हिट करके गोली क्यों मारी गई? पुलिस को अगर गाड़ी ही रोकनी थी तो गाड़ी के टायर पर फायर करके उन्हें रोका जा सकता था। वायरल वीडियो से यह साबित हो रहा है कि सामने से गोली नहीं चली और कमलेश पुलिस की गोली से घटनास्थल पर ही मारा गया। कमलेश प्रजापत एनकाउंटर पर भाजपा कांग्रेस के कई नेता सवाल उठा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कैलाश चौधरी, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, कांग्रेस विधायक मदन प्रजापत ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग की थी।