टोक्यो ओलिंपिक में टेबल टेनिस: टोक्यो ओलिंपिक में भारत को टेबल टेनिस में मनिका बत्रा से मेडल की उम्मीद

टोक्यो ओलिंपिक जुलाई में होने जा रहे है। कोरोना के चलते पिछले साल नहीं हुए ओलिंपक खेलों में इस बार भारत को कई मेडल की उम्मीद है। इस बार 23 जुलाई से टोक्यो ओलिंपिक की शुरुआत हो रही है। भारत से 100 से ज्यादा खिलाड़ी इस मेगा स्पोट्र्स इवेंट में दावेदारी पेश करेंगे।

टोक्यो ओलिंपिक में भारत को टेबल टेनिस में मनिका बत्रा से मेडल की उम्मीद

नई दिल्ली, एजेंसी।
टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics) जुलाई में होने जा रहे है। कोरोना के चलते पिछले साल नहीं हुए ओलिंपक खेलों में इस बार भारत को कई मेडल की उम्मीद है। इस बार 23 जुलाई से टोक्यो ओलिंपिक की शुरुआत हो रही है। भारत से 100 से ज्यादा खिलाड़ी इस मेगा स्पोर्ट्स इवेंट में दावेदारी पेश करेंगे। हालांकि भारत को जिन खिलाडिय़ों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है उनमें टेबल टेनिस स्टार मनिका बत्रा (Manika Batra) भी शामिल हैं। Manika Batra के अलावा टेबल टेनिस में पहली बार तीन और भारतीय खिलाड़ी ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाई हुए हैं। मनिका से सिंग्लस के अलावा मिश्रित में अचंत शरत कमल के साथ मेडल जीतने की उम्मीद है।  आप को बता दें कि मनिका 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स (  Gold Coast Commonwealth Games) में देश के लिए चार मेडल जीतने के बाद टेबल टेनिस की नई सितारा बन कर उभरी थी। मनिका ने सिंगल्स और वुमन टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीते। इसके अलावा मनिका ने महिला डबल्स में सिल्वर मेडल जीता। मिश्रित इवेंट में भी मनिका को मेडल मिला। मनिका इस बाद दूसरी बार ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। मनिका बत्रा ने कहा कि लक्ष्य ओलिंपिक में मेडल जीतकर पूरे विश्व को बताना है कि भारतीय खिलाड़ी भी टेबल टेनिस में ओलिंपिक में मेडल जीत सकते हैं। उन्होंने कहा कि ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है, मेरा भी है। मैं ओलिंपिक में मेडल जीतकर दुनिया की सोच बदलना चाहती हूं। मनिका दिल्ली में जन्मी और तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। दोनों बड़े भाई-बहनों से प्रेरित होकर मनिका ने भी चार साल की उम्र में टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया था। दिल्ली अंडर  टूर्नामेंट के दौरान कोच संदीप गुप्ता की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने अपने अकेडमी में आकर ट्रेनिंग करने का ऑफर दिया। मनिका कहती हैं, कि चार साल की उम्र में मैने जब टेबल टेनिस की शुरुआत की तो मुझे नहीं पता था कि मैं अंतरराष्ट्रीय लेवल तक जाऊंगी। मैंने तो केवल फन के लिए इस खेल को खेलना शुरू किया था। मुझे मॉडलिंग के ऑफर भी आए। मेरा माइंड में केवल एक ही बात थी कि टेबल टेनिस में आगे जाना है और अपने गेम को आगे तक लेकर जाना है। मनिका ने 2008 में सिर्फ 13 साल की उम्र में देश का प्रतिनिधित्व कर मनिका ने साबित कर दिया कि टेबल टेनिस को अपने जीवन का लक्ष्य बनाकर उन्होंने कोई गलती नहीं की। आने वाले समय में 2015 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप और 2016 में साउथ एशियन चैंपियनशिप में मेडल जीत कर उनकी नजर 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स पर थी। जहां उन्होंने इतिहास रच डाला। कॉमनवेल्थ गेम्स में दो गोल्ड सहित चार मेडल जीते।