गहरी नींद में सिरोही " पुलिस ": शराब तस्करी, चोरी या लूटपाट में शामिल शातिर बदमाश ही नहीं लाचार, बेबस और बेसहाय सिरोही पुलिस को दिव्यांग भी चकमा दे हो रहे है फरार

जालोर जिले से विवादों में आने के बाद आईपीएस हिम्मत अभिलाष टांक को सिरोही जिले में कानून व्यवस्था बनाने के लिए लगा तो दिया, लेकिन इनकी कार्यशैली की बदौलत जिले में अपराधियों के हौंसले बुलंद होते जा रहे है। इसी का परिणाम है कि मंगलवार को एक दिव्यांग अपराधी कोर्ट से पुलिस की हिरासत में होने के बावजूद फरार हो गया।

शराब तस्करी, चोरी या लूटपाट में शामिल शातिर बदमाश ही नहीं लाचार, बेबस और बेसहाय सिरोही पुलिस को दिव्यांग भी चकमा दे हो रहे है फरार

सिरोही। गुजरात सीमा से लगे प्रदेश के सिरोही जिले में कानून व्यवस्था भगवान भरोसे ही लग रही है। शराब माफियाओं द्वारा जहां सरेआम शराब की तस्करी की जा रही, वहीं चोरी और लूटपाट की वारदातें दिन ब दिन बढती जा रही है। पुलिस की लचर मुखबिरी के चलते  बदमाशों द्वारा लगातार एक के बाद एक वारदात को अंजाम दिया जा रहा है। ना केवल बदमाश वारदात को अंजाम दे रहे है, बल्कि वारदात के बाद आसानी से फरार भी हो जाते है। मंगलवार को ​एक दिव्यांग अपराधी द्वारा कोर्ट परिसर से पुलिस की हिरासत में होने के बावजूद फरार होने का मामला चौंकाने वाला प्रतित हो रहा है। ऐसे में जिला पुलिस के मुखिया की नींद वाली फोटो से अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिलहाल सिरोही पुलिस नींद में। 


 जानकारी के मुताबिक अनादरा थाना क्षेत्र में वर्ष 2014 में हुए एक आर्म्स एक्ट के मामले में सिन्दरथ गांव निवासी अन्नाराम वाल्मीकि लम्बे समय से फरार चल रहा था। इसके खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद अनादरा थानाधिकारी पदम पाल सिंह की टीम ने कड़ी मेहनत कर आरोपी अन्नाराम को सोमवार शाम गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मात्र 24 घण्टे में ही अनादरा पुलिस की इस कामयाबी का रंग फीका पड़ गया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने के दौरान यह दिव्यांग आरोपी सिपाही रमेश बिश्नोई को धत्ता बताते हुए फरार होने में कामयाब हो गया। 

सिरोही पुलिस की मुस्तैदी का नमूना
जिले में बदमाश लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे है और पुलिस हाथ पर हाथ रखकर बैठी हुई है। पिछले दो महीनों की बात करें तो जिले में चोरी की वारदातों की लंबी फेहरिस्त सामने आ रही हैं। बैंक की छत तोड़कर चोर बैंक के लॉकर तक पहुंच कर लॉकर ही साफ कर ले गए। बावजूद इसके बदमाश पुलिस की गिरफ्त से दूर है। सुने घरों और मंदिरों में तो चोरी की वारदातें आम बात हो गई हैं। 

पुलिस की मंथली रिश्वत के चलते बढ गई शराब तस्करी


सूबे की कमान जब से पुलिस अधीक्षक टांक ने संभाली है, तब से तस्करों की मौज हो रही है। सूत्रों की माने तो जिले में पुलिस की मंथली रिश्वत का खेल जोरों से चल रहा है। शराब की तस्करी के साथ डोडा-पोस्त व अफीम की तस्करी भी अब जिले में काफी हद तक बढ़ गई हैं। हालांकि पुलिस कार्रवाई के नाम पर एक दो कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपा रही है।


सांसद बेनीवाल ने लगाए थे एसपी पर गंभीर आरोप
आपको बता दें एसपी हिम्मत अभिलाष टांक पहले जालोर जिले में एसपी के पद पर थे, और इनका जालोर का कार्यकाल भी काफी विवादों में रहा था। डोडा-पोस्त की खरीद फरोख्त के एक मामले में आरोप लगने के बाद इनके विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच भी गठित हुई थी। वहीं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी तब एसपी हिम्मत अभिलाष टांक के विरुद्ध कई गंभीर आरोप लगाए थे।

Must Read: अजमेर रेलवे मंडल का मेवाड़ हॉस्पीटल उदयपुर व महावीर हॉस्पिटल आबू रोड से अनुबंध 

पढें राजस्थान खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें First Bharat App.

  • Follow us on :