Electoral Effect खाद्य तेल दामों में कमी: देश में पांच राज्यों में चुनाव आते ही खाद्य तेलों से सरकार ने हटाई बेसिक ड्यूटी, कम किया अन्य टैक्स

सरकार ने तेल पर लगने वाले बेसिक ड्यूटी और कृषि उपकर को कम कर जनता को राहत प्रदान की है। सरकार के मुताबिक घरेलू कीमतें अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के रुझान से नियंत्रित होती हैं। इसलिए देश में खाद्य तेलों के दाम पिछले एक साल से काफी उच्च स्तर पर रहे हैं, जोकि सरकार के लिए चिंता का एक प्रमुख कारण रहा है। 

देश में पांच राज्यों में चुनाव आते ही खाद्य तेलों से सरकार ने हटाई बेसिक ड्यूटी, कम किया अन्य टैक्स

नई दिल्ली, एजेंसी। 
देश में पांच राज्यों के चुनावों का असर अब सामने आ रहा है। चुनाव को देखते हुए सरकार ने खाद्य तेलों के दाम में कमी की है। सरकार ने तेल पर लगने वाले बेसिक ड्यूटी और कृषि उपकर को कम कर जनता को राहत प्रदान की है। 
सरकार के मुताबिक घरेलू कीमतें अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के रुझान से नियंत्रित होती हैं। इसलिए देश में खाद्य तेलों के दाम पिछले एक साल से काफी उच्च स्तर पर रहे हैं, जोकि सरकार के लिए चिंता का एक प्रमुख कारण रहा है। 
ऐसे में  कीमतों पर लगाम लगाने और अभूतपूर्व महंगाई से जूझ रहे उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए सरकार ने  कच्चा पाम तेल, कच्चा सोयाबीन तेल और कच्चा सूर्यमुखी तेल पर बेसिक ड्यूटी यानी आधारभूत शुल्क 2.5 फीसदी से घटाकर शून्य करने का ऐलान कर दिया।
वहीं इसके अलावा इन तेलों पर कृषि उपकर कच्चे पाम तेल के लिए 20 फीसदी से घटाकर 7.5 फीसदी और कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल के लिए 5 फीसदी कर दिया गया है।


सरकार ने शुल्कों में की गई उपर्युक्त कटौती के बाद कच्चे पाम तेल पर कुल आयात शुल्क अब 7.5 फीसदी, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर 5 फीसदी है। आरबीडी पामोलिन तेल पर आधारभूत शुल्क हाल ही में 17.5 प्रतिशत से घटाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया है।
रिफाइंड सोयाबीन और रिफाइंड सूर्यमुखी तेल पर आधारभूत शुल्क 32.5 फीसदी से घटाकर 17.5 फीसदी कर कर दिया गया है। कटौती से पहले सभी प्रकार के कच्चे खाद्य तेलों पर कृषि अवसंरचना उपकर 20 फीसदी था। 
कटौती के बाद प्रभावी आयात शुल्क कच्चे पाम तेल पर 8.25 फीसदी, जबकि कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूर्यमुखी तेल में प्रत्येक पर 5.5 फीसदी है।     
सरकार ने पाम तेल, सूरजमुखी तेल और सोयाबीन तेल पर आयात शुल्क को युक्तिसंगत बनाने के अलावा, एनसीडीईएक्स पर सरसों तेल में वायदा कारोबार को निलंबित कर दिया गया और तेल व तिलहनों पर स्टॉक सीमा लगा दी गई है।
5 से 20 रुपए प्रतिकिलो तक गिरावट 
देशभर के 167 मूल्य संग्रह केंद्रों के रुझान के अनुसार, देश के प्रमुख खुदरा बाजारों में खाद्य तेल की कीमतों में 5 रुपए से 20 रुपए प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट आई है। 
अदानी विलमर और रुचि इंडस्ट्रीज सहित प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों ने कीमतों में 15-20 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है।