राज्यपाल की प्रदेशवासियों से अपील: राज्यपान ने कोरोना प्रोटोकोल की पालना करते हुए होली मनाने का किया आग्रह

राज्यपाल कलराज मिश्र ने होली के पावन पर्व पर देश और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा है कि होली रंग, उत्साह और उमंग का त्योहार है लेकिन इस बार कोविड - 19 के लगातार बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

राज्यपान ने कोरोना प्रोटोकोल की पालना करते हुए होली मनाने का किया आग्रह

जयपुर।
राज्यपाल कलराज मिश्र ने होली के पावन पर्व पर देश और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा है कि होली रंग, उत्साह और उमंग का त्योहार है लेकिन इस बार कोविड - 19 के लगातार बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। राज्यपाल मिश्र ने इस अवसर पर अपील की है कि त्योहार पर एहतियात बरतना ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। इसलिए राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कोरोना प्रोटोकोल की पूरी तरह से पालना करते हुए त्योहार मनाएं। उन्होंने कहा है कि घरों में भी एक स्थान पर अधिक संख्या में एकत्र होकर होली न खेलें। होली खेलें भी तो हाथ को बार-बार सैनिटाइज करते रहें तथा मुंह, नाक पर मास्क जरूर लगाए रखें। 

धार्मिक रोक के चलते होली का फीका रंग
गृह विभाग ने 28 व 29 मार्च को सभी तरह के सार्वजनिक और धार्मिक कार्यक्रमों की गाइड लाइन जारी की है। इसके मुताबिक इस बार जयपुर सहित प्रदेश के दूसरे सभी शहराें में होली का रंग फीका रहेगा। हालांकि, होलिका दहन की रस्म अदा की जाएगी। लेकिन वहां भी ज्यादा भीड़ जुटाने पर रोक रहेगी। जयपुर में हर साल सिटी पैलेस में पूर्व राजपरिवार की तरफ से बड़े स्तर पर होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। यह परंपरा रियासतकाल से चली आ रही है। इसमें सबसे पहले पूर्व राजपरिवार होलिका दहन करता है। यहीं से लोग होलिका की लौ लेकर जगह-जगह होलिका दहन करते हैं। लेकिन इस बार ये परंपरा सिर्फ पूर्व राजपरिवार सदस्यों की मौजूदगी में निभाई जाएगी। न कोई धूम धड़ाका होगा, न ही कोई रंगारंग कार्यक्रम और न होलिका दहन के बाद आंच लेने के लिए शहरवासियों का हूजूम उमड़ेगा। इधर, जयपुर के खासाकोठी परिसर सहित अन्य कई जगहों पर सामूहिक होली उत्सव मनाया जाता है। पर्यटन विभाग की ओर से खासाकोठी में देश-विदेश से आने वाले मेहमान भी रंग उत्सव का आयोजन किया जाता है। लेकिन इस बार वह नहीं होगा।
सरकार की छूट का क्या मतलब
गृह विभाग ने 28 और 29 मार्च को शाम 4 से रात 10 बजे तक सार्वजनिक कार्यक्रम करने की अनुमति दी है। लेकिन यह अनुमति लोगों के काम की नहीं है। क्योंकि, होली में रंग खेलने का प्रचलन दोपहर तक ही है। ऐसे में सरकार के इस छूट के फैसले से लोगों को कोई खास राहत नहीं मिलेगी। दरअसल, शुक्रवार को गृह विभाग ने संशोधित आदेश जारी किया है। इसमें 28 और 29 मार्च को शाम 4 से रात 10 बजे तक सार्वजनिक कार्यक्रम करने की अनुमति दी है। लेकिन शर्त यह है कि उन कार्यक्रमों में 50 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। होली दहन तक तो सही था,लेकिन इसके बाद धुलंडी पर इस आदेश का क्या फायदा।