सभी उद्योगों को परेशानी: मप्र में कोयला एजेंट की नियुक्ति से भ्रष्टाचार बढ़ेगा - कमल नाथ

उन्होंने आगे कहा कि पूर्व में भी प्रदेश में ऐसी व्यवस्था को लागू किया गया था, जिसके कारण सभी उद्योगों को परेशानी उठानी पड़ी थी। नियमानुसार कोल इंडिया की नीति एवं निर्देश अनुसार कोयला वितरण एवं उठाव हेतु किसी भी एजेंट को नियुक्त नही किया जा सकता है।

मप्र में कोयला एजेंट की नियुक्ति से भ्रष्टाचार बढ़ेगा - कमल नाथ
Kamalnath

भोपाल | कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमल नाथ ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है और कहा है कि लघु औद्योगिक इकाईयों को कोयला उपलब्ध कराने के लिए एक एजेंट की नियुक्ति से भ्रष्टाचार बढ़ेगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश की विभिन्न लघु औद्योगिक इकाईयों को कोयले की आवश्यकता की पूर्ति हेतु कोल इंडिया से कोयला उपलब्ध कराने का कार्य म.प्र. सरकार की ओर से म.प्र. लघु उद्योग निगम द्वारा किया जाता है।

यह व्यवस्था वर्तमान में सुचारू रूप से संचालित हो रही है। वर्तमान व्यवस्था को परिवर्तित कर, लघु उद्योग निगम के अधीन कोल हैंडलिंग एजेंट को नियुक्त कर इस एजेंट के माध्यम से कोयला आपूर्ति की नवीन व्यवस्था प्रारंभ की जा रही है। जो लघु औद्योगिक इकाईयों के हित में नहीं है।

प्रदेश की लघु औद्योगिक इकाईयों के संगठनों के प्रतिनिधि मण्डल ने कमल नाथ से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया। इसका हवाला देते हुए कमल नाथ ने कहा, नई व्यवस्था के जरिए सरकार लघु औद्योगिक इकाइयों की कोयला सप्लाई में सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। वहीं कोयला सप्लाई मंे एजेंट प्रणाली लाने से उद्यमियों का शोषण होगा।

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कमल नाथ ने आगे कहा कि प्रदेश के औद्योगिक संगठन इस नई व्यवस्था से असहमत एवं चिंतित है। औद्योगिक संगठनों के अनुसार एजेंट के माध्यम से कोयला आपूर्ति की व्यवस्था प्रारंभ करने पर आपूर्ति समय पर नहीं होगी और एजेंट द्वारा अवैधानिक राशि की वसूली औद्योगिक इकाईयों से की जाएगी।

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राशि न देने पर कोयला समय पर उपलब्ध नही से कोयले का आवंटन लेप्स हो जाएगा, वहीं जमा की गई राशि एक वर्ष तक के लिये कोल इंडिया में अटक जाएगी, जिससे उद्योग इकाइयों को महंगा कोयला खरीद कर भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

उन्होंने आगे कहा कि पूर्व में भी प्रदेश में ऐसी व्यवस्था को लागू किया गया था, जिसके कारण सभी उद्योगों को परेशानी उठानी पड़ी थी। नियमानुसार कोल इंडिया की नीति एवं निर्देश अनुसार कोयला वितरण एवं उठाव हेतु किसी भी एजेंट को नियुक्त नही किया जा सकता है।

प्रदेश में एजेंट की नियुक्ति करना, उससे कोयला वितरण कराना वैधानिक प्रावधानों के भी विपरीत होगा।

कमल नाथ ने कहा कि सरकार औद्योगिक संगठनों एवं इकाईयों की परेशानियों एवं मांग को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की लघु औद्योगिक इकाईयों को चालू व्यवस्था के तहत् ही कोल इंडिया के माध्यम से कोयला आपूर्ति की व्यवस्था को जारी रखे।

इस संबंध में सरकार गंभीरता से विचार करते हुए प्रदेश की लघु औद्योगिक इकाईयों को शासन स्तर से सहयोग प्रदान करे।

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