अलीगढ़ जहरीली शराब कांड: शराब तस्करी के बीच जहरीली शराब से 95 लोगों की मौत,  जहरीली शराब ने 80 लोगों की छीन ली रोशनी

शराब तस्करी के बीच जहरीली शराब से 95 लोगों की मौत,  जहरीली शराब ने 80 लोगों की छीन ली रोशनी

नई दिल्ली।
उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) के अलीगढ़ (Aligard) में जहरीली शराब (Poisonous liquor) पीने से अब तक 95 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, इस कांड में नया खुलासा हुआ है। अलीगढ़ के मलखान सिंह डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल और जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जहरीली शराब पीने के चंद घंटों में ही करीब 80 लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई थी। इनमें से ज्यादातर लोगों की मौत हो चुकी है। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने भी शराब पीने से कई लोगों की आंखों की रोशनी जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ऐसे 10-12 लोगों के बारे में जानकारी है। इनकी आंखों की रोशनी चली गई। बाकी जो मर गए उनके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। CMO जिन 10-12 लोगों की बात कर रहे हैं वो अभी जिंदा हैं, जबकि मरने वालों के बारे में अभी उन्होंने स्थिति साफ नहीं की। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने इस मामले में अब तक 33 लोगों को गिरफ्तार किया है। शासन ने इस मामले में आबकारी आयुक्त पी गुरु प्रसाद समेत 8 अफसरों पर कार्रवाई की है। इनमें संयुक्त आबकारी आयुक्त, आगरा जोन रवि शंकर पाठक, उप आबकारी आयुक्त अलीगढ़ मंडल ओपी सिंह, कर्मवीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा, आबकारी निरीक्षक राजेश यादव, प्रधान सिपाही अशोक कुमार, निरीक्षक चंद्रप्रकाश यादव, इंस्पेक्टर लोधा अभय कुमार शर्मा और सिपाही रामराज राना को भी सस्पेंड किया जा चुका है।
एक्सपर्ट के मुताबिक मिथाइल अल्कोहल पीना सबसे खतरनाक होता है। इसमें इंसान की आंखों की रोशनी और लिवर का डैमेज होना तय होता है। इसका सबसे ज्यादा असर आंखों पर पड़ता है। दिमाग पर पड़ता है। यह सीधे तौर पर लिवर को भी प्रभावित करता है। मिथाइल अल्कोहल पीने पर मौत हो जाती है। अगर वह व्यक्ति किसी तरह बच भी गया तो उसकी आंखों की रोशनी जाना तय है। यह लिवर डिटॉक्सिफाई करने का काम करता है। वहां पर डिहाइड्रोजनेट एन्जाइम होता है। अल्कोहल ज्यादा मात्रा में पहुंचने पर लिवर उसे डिटॉक्सिफाई नहीं कर पाता है। इसकी वजह से मिथाइल अल्कोहल सीधे तौर पर अंगों को प्रभावित करता है। हैरान करने वाली बात यह भी है कि मिथाइल अल्कोहल (methyl alcohol) को लिवर फॉर्मिक ऐसिड और फॉर्मेल्डिहाइड में बदल देता है।