भारत: मालवा-निमाड़ में किसान लहसुन फेंकने को मजबूर

ताजा मामला धार जिले के बदनावर से है जहां के किसान लहसुन की वाजिब दर न मिलने से इतने दुखी हुए कि उन्होंने नागदा गांव के पास चामला नदी में 100 कट्टे लहसुन फेक दी।

मालवा-निमाड़ में किसान लहसुन फेंकने को मजबूर
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इंदौर/भोपाल 25 अगस्त, (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ इलाके में लहसुन की हुई अच्छी पैदावार ने किसानों की मुसीबत बढ़ाने का काम कर दिया है, क्योंकि उन्हें एक रुपए किलो की दर से लहसुन बेचना पड़ रहा है। इससे नाराज किसान अपनी फसल को या तो मंडियों में छोड़कर भाग रहे हैं या फिर नदी तक में फेंक रहे हैं।

ताजा मामला धार जिले के बदनावर से है जहां के किसान लहसुन की वाजिब दर न मिलने से इतने दुखी हुए कि उन्होंने नागदा गांव के पास चामला नदी में 100 कट्टे लहसुन फेक दी।

किसानों का कहना हैं कि वे इंदौर मंडी में अपना लहसुन बेचने गए थे, इस लहसुन का वजन लगभग 20 क्विंटल था और इसके बदले उन्हें दाम सिर्फ दो हजार रुपये मिले यानी एक रुपए किलो लहसुन का दाम मिला, जबकि 18 अट्ठारह सौ रुपए तो भाड़ा और हम्मारी में गया, इसके अलावा लहसुन की साफ सफाई का खर्च अलग से लगा हम किसान लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं।

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ ने एक वीडियो ट्वीट किया है, जिसमें साफ नजर आ रहा है कि एक वाहन लहसुन से भरा हुआ है, और उसमें से बोरियांे को मजदूर निकाल-निकालकर नदी में फेंक रहे हैं।

कमल नाथ ने अपने ट्वीट में लिखा है, किसानों की आय दोगुनी तो नहीं हुई लेकिन उत्पादन लागत जरूर दोगुनी हो गयी है, खेती घाटे का धंधा बनती जा रही है। मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार में यह है किसानो की स्थिति और किसानों की आय दोगुनी करने के दावे का सच। किसान को उसकी उपज का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है और वो निरंतर कर्ज के दलदल में फंसता जा रहा है।

उन्होंने आगे लिखा, लहसुन एक रुपये से भी कम में बिक रहा है, घाटे के कारण किसान इसे कभी आग के हवाले कर रहे हैं और कभी नदी में बहा रहे हैं।

--आईएएनएस

एसएनपी/एएनएम

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