सिरोही को फिर सीएम की सौगात: सिरोही, बाड़मेर, जैसलमेर सहित 6 जिलों की 23 ग्राम पंचायत मुख्यालय जुड़ेंगे डामर सड़क से 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 6 जिलों में 23 ग्राम पंचायत मुख्यालयों को डामर सड़क से जोडऩे के लिए 34.38 करोड़ रूपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। गहलोत की इस मंजूरी से अलवर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर एवं सिरोही जिले के 23 ग्राम पंचायत मुख्यालय डामर सड़क से जुड़ सकेंगे।

सिरोही, बाड़मेर, जैसलमेर सहित 6 जिलों की 23 ग्राम पंचायत मुख्यालय जुड़ेंगे डामर सड़क से 

जयपुर। 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) ने 6 जिलों में 23 ग्राम पंचायत मुख्यालयों को डामर सड़क से जोडऩे के लिए 34.38 करोड़ रूपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। गहलोत की इस मंजूरी से अलवर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर एवं सिरोही (Alwar, Banswara, Barmer, Jaisalmer, Jodhpur and Sirohi)जिले के 23 ग्राम पंचायत मुख्यालय डामर सड़क से जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ रेलवे सेक्शन के फाटक संख्या 176 पर अंडरब्रिज के निर्माण के लिए 25 करोड़ रूपए की वित्तीय स्वीकृति भी दी है। यह संपूर्ण राशि राज्य सरकार की एसआरएफ योजना मद से वहन की जाएगी।  गहलोत की इन स्वीकृतियों से लोगों को आवागमन में सुविधा होगी और विकास को गति मिल सकेगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2021-22 के बजट में इस संबंध में घोषणा की थी। इन घोषणाओं को पूरा करने की दिशा में यह वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गई हैं। 

उचित मूल्य दुकान आवंटन के 174 प्रकरणों में शिथिलन
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवेदनशील निर्णय करते हुए अनुकम्पात्मक आधार पर विभिन्न जिलों से प्राप्त उचित मूल्य दुकान आवंटन के कुल 174 प्रकरणों में शिथिलता प्रदान की है। इससे मृतक राशन डीलरों के आश्रित परिवारों को बड़ा संबल मिल सकेगा। प्रस्ताव के अनुसार मुख्यमंत्री ने 60 वर्ष से अधिक आयु, न्यूनतम आयु 21 वर्ष में छूट, विधवा, शैक्षणिक योग्यता और आवेदन की अवधि में देरी के प्रकरणों में शिथिलता प्रदान की है।

गहलोत के इस निर्णय से इन आश्रित परिवारों को उचित मूल्य की दुकान का अनुकम्पात्मक आधार पर आवंटन संभव हो सकेगा और उन्हें आजीविका अर्जन में आसानी होगी। शिथिलन के प्रकरणों में अजमेर प्रथम के 5 एवं अजमेर द्वितीय के 5, अलवर के 24, बांसवाड़ा के 4, भरतपुर के 5, बीकानेर के 5, चूरू के 2, धौलपुर के 4, श्रीगंगानगर के 2, हनुमानगढ़ के 5, जयपुर द्वितीय के 4, जालोर के 3, झुंझुनूं के 5, जोधपुर प्रथम के 6, जोधपुर द्वितीय के 13, कोटा के 8, करौली के 2, राजसमन्द के 6, सवाई माधोपुर के 6, सिरोही के 6, नागौर के 9, उदयपुर के 14, प्रतापगढ़ के 2, बारां के 5, बाड़मेर के 2, टोंक के 9, डूंगरपुर के 5, दौसा के 3 एवं बूंदी के 5 प्रकरण शामिल हैं।