सिरोही में भामाशाहों की पहल: आबूरोड के बाद अब शिवगंज और सिरोही में भामाशाहों के सहयोग से शुरू होगा ऑक्सीजन प्लांट का कार्य

माउंट के होटल व्यवसायी सुधीर जैन की प्रेरणा से दानदाताओं ने आबूरोड सहित शिवगंज एवं सिरोही के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगवाने की घोषणा की दी। इसके साथ ही कोरोना से चल रहे इस युद्ध में अपना अहम योगदान दिया है। 

आबूरोड के बाद अब शिवगंज और सिरोही में भामाशाहों के सहयोग से शुरू होगा ऑक्सीजन प्लांट का कार्य

शिवगंज।
कहते है कि लक्ष्य को आंखों से नहीं मन से देखना होता है। उसके बाद वह कितना ही कठिन क्यों नहीं हो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। ऐसा ही कुछ सिरोही विधायक संयम लोढा (Sanyam Lodha) के प्रयासों से संभव होता दिखाई दे रहा है। कोरोना काल के इस कठिन दौर में जहां संक्रमित मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है तथा उनके लिए प्राणवायु का संकट खड़ा हो रहा है। वहीं अब जिले के सभी प्रमुख अस्पतालों में विधायक लोढ़ा के आग्रह पर माउंट के होटल व्यवसायी सुधीर जैन (Sudhir Jain) की प्रेरणा से दानदाताओं ने आबूरोड सहित शिवगंज एवं सिरोही के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plant) लगवाने की घोषणा की दी। इसके साथ ही कोरोना से चल रहे इस युद्ध में अपना अहम योगदान दिया है। 
भामाशाहों की घोषणा के साथ विधायक संयम लोढ़ा ने बुधवार को राजकीय अस्पताल का दौरा कर प्लांट लगाने की जगहों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही आवश्यक मरम्मत कार्य के लिए विधायक कोष से राशि स्वीकृत करने की अभिशंसा की। उम्मीद है कि सिरोही व शिवगंज में ये प्लांट एक पखवाड़े के भीतर आक्सीजन उत्पादन का कार्य प्रारंभ कर देंगे। विधायक ने अस्पताल के कोविड वार्ड की व्यवस्थाओं को सुधारने के भी निर्देश दिए। गौरतलब है कि सिरोही ऐसा जिला है जहां एक भी ऑक्सीजन उत्पादन का प्लांट स्थापित नहीं है। ऐसे में जिले का ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए अन्य पड़ौसी जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। गत दिनों सिरोही को ऑक्सीजन सिलेंडरों उपलब्ध करवाने वाले सुमेरपुर के रीफलिंग प्लांट से अधिकारियों की ओर से आपूर्ति अजमेर को शुरू करवाने पर विधायक भड़क गए थे। बाद में सीएमओ के निर्देश पर सिरोही के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की प्राथमिकता के साथ आपूर्ति शुरू की गई। इस घटना के बाद विधायक लोढ़ा ने जिले के प्रमुख अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगवाने के प्रयास शुरू किए। विधायक लोढ़ा के इन प्रयासों को माउंट आबू के होटल व्यवसायी व समाजसेवी सुधीर जैन जिन्होंने अपने माता पिता की स्मृति में माउंट आबू में आक्सीजन प्लांट स्थापित कर मानवता की सेवा में महत्वपूर्ण कार्य किया है, का सहयोग मिला और इस कार्य को पूर्ण करने की मंजिल दिखाई देने लगी। 
आबूरोड़ में लगा प्लांट अब सिरोही व शिवगंज की बारी
समाजसेवी जैन की प्रेरणा से आबूरोड में दानदाता एचजी इन्सा के निदेशक विजेंद्र चौधरी की ओर से  २०.१६ लाख रूपए की लागत से प्लांट तैयार करवाया जा रहा है। यह प्लांट लगभग तैयार हो चुका है तथा इसके दो दिन के भीतर प्रारंभ होने की पूरी संभवना है। समाजसेवी जैन ने बताया कि सिरोही व शिवगंज में भी प्लांट लगाने के लिए उनके पास दानदाता उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि सिरोही में करीब २५ लाख तथा शिवगंज में २० लाख रूपए की लागत से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाएंगे। यह कार्य एक पखवाड़े में पूरा हो जाएगा।
विधायक ने किया जगह का अवलोकन
विधायक संयम लोढ़ा ने बुधवार को पालिकाध्यक्ष वजींगराम घांची के साथ राजकीय अस्पताल का दौरा कर ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की जगह का अवलोकन किया तथा वहां आवश्यक मरम्मत कार्य के लिए विधायक कोष से तत्काल राशि स्वीकृत की। विधायक लोढ़ा ने बताया कि जिले के प्रमुख अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट स्थापित हो जाने के बाद जिला ऑक्सीजन को लेकर आत्मनिर्भर बन सकेगा। उन्होंने इसके लिए दानदाताओं सहित इसके लिए प्रेरणा देने वाले समाजसेवी सुधीर जैन का आभार प्रकट किया। 
वार्ड का किया अवलोकन दिए आवश्यक निर्देश 
विधायक लोढ़ा ने अस्पताल में संचालित हो रहे कोरोना मरीजों के लिए वार्ड की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा अस्पताल के प्रभारी अधिकारी डॉ गोपालसिंह को वार्ड की व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश प्रदान किए। विधायक लोढ़ा ने वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए हवा पानी की व्यवस्था करने, भर्ती मरीजों के अलावा अन्य लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने, पीपीई किट का उपयोग करने, मरीजों की समय पर जांच करने तथा वार्ड को संक्रमण से बचाने के लिए निरंतर हाईपोक्लोराइड सोल्यूशन का छिडकाव करने के निर्देश दिए। इस मौके पर ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ कौशल ओहरी भी मौजूद थे। 
एक माह के भीतर कॉटेज की मिल सकेगी सुविधाएं
विधायक लोढ़ा ने अस्पताल में दानदाता परिवार की ओर से निर्मित करवाए जा रहे पांच कॉटेज वार्ड का भी निरीक्षण किया। विधायक ने बताया कि कॉटेज वार्ड का निर्माण अंतिम चरण में है तथा एक माह के भीतर इन वार्डो की सेवाएं मरीजों को उपलब्ध हो सकेगी।