Sirohi रिश्वतखोर निलंबित तहसीलदार कल्पेश: 20 लाख भारतीय मुद्रा को जलाने और रिश्वत मामले में फंसे सिरोही पिंडवाडा के निलंबित तहसीलदार कल्पेश जैन ने सीएम से मांगी इच्छा मृत्यु

सिरोही जिले में एसीबी की कार्रवाई से डरकर 20 लाख रुपए रसोई गैस पर जलाने और रिश्वत मामले में फंसे पिंडवाडा के निलंबित तहसीलदार ने अब मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। निलंबित तहसीलदार कल्पेश जैन ने एसीबी की कार्रवाई को झूठा बताते हुए न्याय दिलाने या इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।

20 लाख भारतीय मुद्रा को जलाने और रिश्वत मामले में फंसे  सिरोही पिंडवाडा के निलंबित तहसीलदार कल्पेश जैन ने सीएम से मांगी इच्छा मृत्यु

सिरोही। 
सिरोही जिले में एसीबी की कार्रवाई से डरकर 20 लाख रुपए रसोई गैस पर जलाने और रिश्वत मामले में फंसे पिंडवाडा के निलंबित तहसीलदार ने अब मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। निलंबित तहसीलदार कल्पेश जैन ने एसीबी की कार्रवाई को झूठा बताते हुए न्याय दिलाने या इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। बाड़मेर जसोल निवासी कल्पेश जैन ने सीएम अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में बताया कि विभागीय निर्देशानुसार एवं विधि सम्मत तरीके से पूर्ण निष्ठा और मेहनत से अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन किया है। इस दौरान अतिक्रमियों, खनन माफिया एवं कई प्रभावशाली लोगों के अवैध काम नहीं होने दिए। इस लिए माफिया उनसे दुश्मनी रखने लगे और उनको हटाने के लिए षड्यंत्रों रचकर जनवरी में रिश्वत मामले में फंसाया।  इस पर हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश दिया है। जैन ने ज्ञापन में बताया कि उनको द्वेष, दुर्भावना एवं षड्यंत्र प्रायोजित प्रकरण में अवैध रूप से आंवला छाल एकत्रित करने की नीलामी के मामले को लेकर उसे एसीबी से ट्रैप करवाया गया। इस मामले में निष्पक्ष जांच के लिए एसीबी महानिदेशक जयपुर को भी पत्र भेजा है। जैन ने एक सप्ताह में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच नहीं होने एवं न्याय नहीं मिल पाने की स्थिति में राज्य सरकार द्वारा गरिमापूर्ण मानवीय जीवन के अधिकारों की सुरक्षा के अभाव में इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। 

20 लाख रुपए जलाते हुए पकड़े गए थे जैन
एसीबी पाली टीम की कार्रवाई के दौरान का एक वीडियो सामने आया था, इसमें तहसीलदार कल्पेश जैन को गैस चूल्हे पर नोट जलाते देखा गया। यह वीडियो किसी ने मकान के बाहर खिड़की से बनाया था। ये प्रकरण पाली एसीबी कार्यालय में 102/2021 पर दर्ज है। गौरतलब है कि परिवादी मूलसिंह पुत्र भंवरसिंह ने एसीबी को रिपोर्ट में दी थी कि पिंडवाड़ा तहसील में 15 दिसंबर 2020 से 31 मार्च 2021 तक की अवधि में आंवला छाल एकत्रित करने का ठेका दिया जाना था। खुली नीलामी में सबसे ज्यादा बोली लगाने के कारण परिवादी के नाम नीलामी स्वीकृति तहसील कार्यालय से जारी की गई थी। इसके एवज में तहसीलदार ने रिश्वत मांगी। इस पर जालोर में कार्रवाई के बाद पिंडवाड़ा तहसीलदार के यहां एसीबी पाली टीम ने 24 मार्च 2021 को सर्च कार्रवाई की थी।

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