राजस्थान में प्राकृतिक गैस उत्पादन: राजस्थान ने प्राकृतिक गैस उत्पादन में रचा इतिहास, 1 साल में 1570 एमसीएम गैस उत्पादन कर 384 करोड़ का राजस्व अर्जन

राजस्थान में प्राकृतिक गैस के उत्पादन में विगत 13 साल में सात गुणा बढ़ोतरी हुई है। इसके फलस्वरूप राजस्व प्राप्ति में 113 गुणा से भी अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

राजस्थान ने प्राकृतिक गैस उत्पादन में रचा इतिहास, 1 साल में 1570 एमसीएम गैस उत्पादन कर 384 करोड़ का राजस्व अर्जन

जयपुर।
राजस्थान में प्राकृतिक गैस के उत्पादन में विगत 13 साल में सात गुणा बढ़ोतरी हुई है। इसके फलस्वरूप राजस्व प्राप्ति में 113 गुणा से भी अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि हाल ही समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड 1570 मिलियन क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस का उत्पादन हुआ है।
वहीं राजस्व अर्जन का भी नया कीर्तिमान बनाते हुए राज्य सरकार को 384 करोड़ 54 लाख रूपए राजस्व प्राप्त हुआ है।
एसीएस माइंस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य में केयर्न वेदांता, फोकस एनर्जी और ऑयल इंडिया द्वारा प्राकृतिक गैस का उत्पादन किया जा रहा है।

इसमें सर्वाधिक गैस का उत्पादन केयर्न वेदांता द्वारा बाड़मेर के रागेश्वरी व आसपास के क्षेत्र में किया जा रहा है। वही फोकस एनर्जी द्वारा जैसलमेर के शाहगढ़ और ऑयल इंडिया द्वारा जैसलमेर के तनोट डांडेवाला क्षेत्र में गैस का उत्पादन किया जा रहा है। 
ओएनजीसी के मनहेरा टीब्बा क्षेत्र मेें दो वर्षों से उत्पादन बंद है और कंपनी द्वारा गैस डिहाइड्रेशन यूूनिट लगाई जा रही है ताकि दुबारा उत्पादन आरंभ किया जा सके।
13 साल 214 से 1570 मिलियन ​क्यूबिक मीटर पर पहुंचा उत्पादन
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2009-10 में राज्य में समग्र रुप से 214.53 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन हो रहा था जो हाल ही 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 में बढ़कर 1570 मिलियन क्यूबिक मीटर सालाना हो गया है।
वहीं 2009-10 में प्राकृतिक गैस उत्पादन से प्राप्त होने वाला राजस्व 3 करोड़ 39 लाख रुपए था जो 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड 384 करोड़ 54 लाख रुपए हो गया है। 
यह राजस्व इससे पहले के वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना में भी 3 गुणा से भी अधिक है। एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि ओएनजीसी के मनहेरा क्षेत्र में उत्पादन चालू होता तो प्राकृतिक गैस का उत्पादन व राजस्व  और भी अधिक होता। 


उन्होंने बताया कि राज्य में केयर्न वेदांता द्वारा बाड़मेर के रागेश्वरी व आसपास के क्षेत्र में गैस का उत्पादन किया जा रहा है।  इनके द्वारा 20-21 में 110 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रतिमाह के ओसत से करीब 1320 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस का वार्षिक उत्पादन कर पाइप लाईन के माध्यम से गैस नेशनल ग्रीड में भेजी जाती हैं।
वहां से एग्रीमेंट के तहत जीएनएफसी, कृभको, नर्मदा वैली आदि फर्टिलाइजर उत्पादक कंपनियों को भेजी जाती है। एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि फोकस एनर्जी और ऑयल इंडिया द्वारा उत्पादित गैस रामगढ़ पॉवर प्लांट को उपलब्ध कराई जा रही है। 
उन्होंने बताया कि फोकस एनर्जी द्वारा जैसलमेर के शाहगढ ब्लॉक में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 96 मिलियन क्यूबिक मीटर और ऑयल इंडिया द्वारा जैसलमेर के तनोत डांडेवाला क्षेत्र में 2021-22 में 96 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन किया गया है।
पेट्रोलियम विभाग के निदेशक ओम कसेरा ने बताया कि पश्चिम राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर में प्राकृतिक गैस के विपुल भण्डार होने से चार में से तीन कंपनियों द्वारा उत्पादन किया जा रहा है।

निदेशक कसेरा ने बताया कि 2018-19 में जहां 708.94 मिलियन क्यूबिक मीटर उत्पादन के साथ 100 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था,
 जो 2021-22 में बढ़कर 1570.43 मिलियन क्यूबिक मीटर उत्पादन और 384 करोड़ 54 लाख रुपए का राजस्व अर्जन हो गया है।
 उन्होंने बताया कि ओएनजीसी के क्षेत्र में भी नई यूनिट से शीघ्र ही उत्पादन आरंभ कराने के प्रयास जारी है।

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