India Post विभाग का साल 2021: Indian Postal Department ने साल 2021 के 10 माह में 1.43 लाख डाकघरों में पोस्टमैन मोबाइल एप लागू कर 47 करोड़ स्पीड पोस्ट को पहुंचाया टाइम पर

भारतीय डाक विभाग 150 सालों से अधिक वर्षों से देश के संचाल का मजबूत स्तंभ बनकर खड़ा है। समय के साथ—साथ भारतीय डाक विभाग भी अपडेट हो रहा है। भारतीय डाक विभाग कई तरह से भारतीय नागरिकों के जीवन से जुड़ा हुआ है। 

Indian Postal Department ने साल 2021 के 10 माह में 1.43 लाख डाकघरों में पोस्टमैन मोबाइल एप लागू कर 47 करोड़ स्पीड पोस्ट को पहुंचाया टाइम पर

नई दिल्ली, एजेंसी। 
भारतीय डाक विभाग 150 सालों से अधिक वर्षों से देश के संचाल का मजबूत स्तंभ बनकर खड़ा है। समय के साथ—साथ भारतीय डाक विभाग भी अपडेट हो रहा है। 
भारतीय डाक विभाग कई तरह से भारतीय नागरिकों के जीवन से जुड़ा हुआ है। 
इसमें जैसे डाक पहुंचाना, छोटी बचत योजनाओं के तहत जमा स्वीकार करना, डाक जीवन बीमा (पीएलआई) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलआई) के तहत जीवन बीमा कवर प्रदान करना और बिल जमा करने, फॉर्मों की बिक्री जैसी खुदरा सेवाएं प्रदान कर रहा है।
डाक विभाग महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में मजदूरी वितरण और वृद्धावस्था पेंशन भुगतान जैसी अन्य सेवाओं के निर्वहन में भारत सरकार के लिए एक एजेंट के रूप में भी कार्य करता है।
भारतीय डाक विभाग डिलीवरी के सही समय का अपडेशन कर रहा है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में 98,454 डाकघरों सहित 1.43 लाख डाकघरों में पोस्टमैन मोबाइल ऐप लागू किया गया। 
पोस्टमैन मोबाइल एप के माध्यम से जनवरी से अक्टूबर, 2021 तक स्पीड पोस्ट से 47.5 करोड़ डाक की रीयल टाइम डिलीवरी की स्थिति और पंजीकृत लेख तैयार किया गया। 
98 प्रतिशत लेटर बॉक्स विभागीय डाकघरों से जुड़े हुए हैं, इसे "नान्याथा" नामक मोबाइल ऐप के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरेंस के तहत कवर किया गया है। 
भारतीय डाक विभाग के एक प्रमुख उत्पाद "स्पीड पोस्ट" से जनवरी 2021 से अक्टूबर 2021 की अवधि के दौरान 34.97 करोड़ डाक की आवाजाही से 1413.34 करोड़ रुपये की कमाई हुई। 
डाक विभाग विकल्प मिलने के बाद से यूआईडीएआई का एकमात्र वितरण भागीदार है। डाक विभाग जनवरी 2013 से नवंबर 2021 तक 166.73 करोड़ आधार कार्ड साधारण डाक से और 1.56 करोड़ आधार पीवीसी कार्ड स्पीड पोस्ट के माध्यम से वितरित कर चुका है।
डाक विभाग ने एलआईसी द्वारा जारी पॉलिसी बांडों की छपाई और वितरण के लिए इसे मुद्रित करने से लेकर डाक द्वारा इसे भेजने तक के संपूर्ण समाधान प्रदान करने के लिए भारत के एलआईसी के साथ एक समझौता किया है। 
इसके तहत 2 करोड़ से अधिक पॉलिसी बांडों को मुद्रित करने, स्पीड पोस्ट से इसे भेजने और सही जगह तक पहुंचाने का काम करना होता है जिससे डाक विभाग को प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई होती है।
डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट के माध्यम से चुनाव या फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) के वितरण के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के साथ समझौता किया है। 
प्रारंभिक चरण में, निर्वाचन आयोग स्पीड पोस्ट के माध्यम से डिलीवरी के लिए 6-7 करोड़ चुनाव या फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) प्रदान करेगा। 
इससे एक साल में लगभग 100 करोड़ रुपये की आमदनी होगी। डाक विभाग ने अंतर-राज्यीय संपर्क में सुधार के लिए जम्मू और कश्मीर पोस्टल सर्कल के लिए 17 अतिरिक्त नए एमएमएस वाहन खरीदे गए हैं। 
चालू वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान विभिन्न सर्किलों में खराब पड़े वाहनों की जगह 75 नए वाहन लाए गए हैं। प्राइम यूनाइटेड स्टेट्स पोस्टल सर्विसेज (यूएसपीएस) ट्रैक्ड सर्विस समझौते पर भारतीय डाक और यूएसपीएस ने हस्ताक्षर किए हैं। 
डाक विभाग ने देश भर में 1.56 लाख डाकघरों के माध्यम से 29.29 करोड़ से अधिक सक्रिय डाक घर बचत बैंक (पीओएसबी) खातों का संचालन करता है। 
डाकघर बचत बैंक (पीओएसबी) योजनाओं में 12,56,073 करोड़ रुपए का बकाया बैलेंस है। कुल मिलाकर, 1.67 करोड़ नए खाते खोले गए और इनमें 4.71 लाख करोड़ रुपये जमा कराए गए, लगभग 3.48 लाख करोड़ की निकासी की गई।
इस प्रकार सीबीएस (कोर बैंकिंग सर्विस) डाकघरों में लगभग 8.19 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ। 
अप्रैल, 2021 से सीबीएस डाकघरों में 51.45 लाख नए खाते खुले और 1,22,851 करोड़ रुपए की शुद्ध राशि जमा की गई। डाकघर सीबीएस सिस्टम दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है। 
इसमें 24,971 कार्यालय पहले से ही इस नेटवर्क में मौजूद हैं। इसके अलावा 1,29,219 शाखा डाकघरों को भी वास्तविक समय के आधार पर नेटवर्क तक पहुंचने में सक्षम बनाया गया है। 
सीबीएस ने डाक विभाग (डीओपी) को एटीएम, इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से चौबीसों घंटे सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनाया है।


वित्त मंत्रालय की सभी 9 लघु बचत योजनाएं 1.56 लाख डाकघरों में उपलब्ध हैं। सुकन्या समृद्धि खाता (एसएसए) योजना को बालिका समृद्धि योजना के रूप में भी जाना जाता है। 
डाकघर विभाग द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना की शुरूआत के बाद से अक्टूबर, 2021 तक कुल 2.26 करोड़ सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए हैं। इनमें 80,509.29 करोड़ रुपए जमा हैं। 
देश में कुल सुकन्या समृद्धि खातों का 86% केवल डाकघरों के माध्यम से खुले हैं। प्रधानमंत्री ने मई 2015 में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) नाम से प्रधानमंत्री जन सुरक्षा योजनाएं शुरू की। 
डाक विभाग भारत सरकार की इन प्रमुख योजनाओं के तहत सक्रिय भूमिका निभा रहा है। 
डाक विभाग ने अब तक 3.47 लाख अटल पेंशन योजना (एपीवाई), 7.54 लाख प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) (वार्षिक ऑटो नवीनीकरण सहित) और 1.38 करोड़ प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) (वार्षिक ऑटो नवीनीकरण सहित) दिलवाई।

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