जालोर हेलीकॉप्टर से हेलिबोर्न सर्वे: जालोर से गुजरा हेलीबोर्न सर्वे हेलीकॉप्टर, सर्वे से भविष्य में हो सकते है सपने साकार

केंद्र सरकार के बहुआयामी प्रोजेक्ट के तहत जालोर जिले के ग्रामीण अंचलों में भी हेलीबोर्न सर्वे किया जा रहा हैं। जिले के नारणावास इलाके से मंगलवार को दोपहर सवा तीन बजे हेलीबोर्न सर्वे करने वाला हेलीकॉप्टर गुजरा। ऐसे में अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि भविष्य के लिए यह सर्वे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जालोर से गुजरा हेलीबोर्न सर्वे हेलीकॉप्टर, सर्वे से भविष्य में हो सकते है सपने साकार

जालोर।
केंद्र सरकार के बहुआयामी प्रोजेक्ट के तहत जालोर जिले के ग्रामीण अंचलों में भी हेलीबोर्न सर्वे किया जा रहा हैं। जिले के नारणावास इलाके से मंगलवार को दोपहर सवा तीन बजे हेलीबोर्न सर्वे करने वाला हेलीकॉप्टर गुजरा। ऐसे में अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि भविष्य के लिए यह सर्वे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
 हेलीबोर्न सर्वे भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से जुड़ा हुआ है। इस प्रोजेक्ट के तहत भूजल भंडारों के आंकड़े एकत्रित किए जा रहे है। इसके आधार पर भविष्य में सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए भविष्य की योजनाओं का निर्धारण किया जाएगा। 
इस सर्वे के अनुसार हेलीकॉप्टर से जमीन के अंदर के पानी व एकिक्वफर की तस्वीर लेगा। इसके साथ ही एक विस्तृत नक्शा  भी बनेगा। इस नक्शे में क्षेत्र के अनुसार पानी के भंडार को संधारित किया जाएगा। जालोर जिला डॉर्क जोन में है और यहां पानी की बहुत ही ज्यादा कमी है। इस लिहाज से यह प्रोजेक्ट काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हैदराबाद की कंपनी आधुनिक तकनीक से कर रही है सर्वे 
गैसेस जियोटेट एयरपोर्ट लिमिटेड कनाडा की ओर से एएमडी के लिए सच हिमालयन हेली सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से सर्वेक्षण किया जा रहा है। हैदराबाद की कंपनी आधुनिक तकनीक से सर्वे कर रही है। 
यह सर्वे भूजल प्रबंधन के लिए शुरू किया गया है। इसके पहले चरण में राजस्थान, पंजाब ,गुजरात, हरियाणा राज्य में हेलीबोर्न सर्वे किया जा रहा है।
इसमें शुष्क क्षेत्रों में भूजल स्रोत का मानचित्र करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी तैयार की गई है। इसमें अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा। सर्वेक्षण में भूजल प्रबंधन में उपयोग करने में मदद मिलेगी.


हेलीकॉप्टर ने नीचे गोल घेरे में लटके है खास कैमरे
हेलीकॉप्टर के नीचे गोल घेरे में लटके खास प्रकार के कैमरे हैं। यह भूगर्भ में पानी की गुणवत्ता उपलब्ध सहित विभिन्न प्रकार की जानकारी जुटा रहे हैं। 
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार की ओर से यह सर्वे हेलीकॉप्टर में शुरू करवाया गया है। इसमें राजस्थान के आठ जिलों में सर्वे किया जा रहा है।
इन जिलों में हेलीकॉप्टर से जमीन के 500 मीटर तक की गहराई तक का जल का पता लगाया जाएगा। इन जिलों में बीकानेर, चूरू, गंगानगर, जालौर, पाली, जैसलमेर, जोधपुर और सीकर जिले का सर्वे किया जा रहा है। 
भूगर्भ सर्वे में शामिल हेलीकॉप्टर के नीचे कैमरे लगे हुए हैं। यह हेलीकॉप्टर जब एक बार उड़ान भरेगा तो 10 से 15 किलोमीटर तक 500 मीटर नीचे तक भूगर्भ में क्या स्थिति है उसका सर्वे एक बार में कर देगा।

भविष्य में होंगे सपने साकार 
नारणावास सरपंच जशोदा कंवर ने बताया कि दिनों दिन वर्षा कम होने से नारणावास व नया नारणावास क्षेत्र का पानी रसाताल मे चला गया हैं। 
पानी की मात्रा में भारी कमी होने के साथ गुणवत्ता में भी गिरावट आई हैं ऐसे में ये हेलीबोर्न सर्वे भविष्य में कापी महत्वपूर्ण साबित होगा। भविष्य में ग्रामीण व किसानों के सपने साकार होंगे।

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