India @इलेक्ट्रिक व्हीकल और पेट्रोल डीजल: भारत में 2030 तक 30 प्रतिशत प्राइवेट कार, 70 प्रतिशत तक कॉमर्शियल कार और 40 प्रतिशत बसें होगी इलेक्ट्रिक

इलेक्ट्रिक व्हीकल को चलाने की लागत पेट्रोल वाहनों की तुलना में बहुत कम है। इसलिए बहुत जल्द ही इलेक्ट्रिक व्हीकल को बड़े स्तर पर अपनाया जाएगा। इससे इनकी कीमत में कमी आएगी। गडकरी ने कहा कि​ इलेक्ट्रिक वाहनों पर सरकार की ओर से महज पांच प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है,

भारत में 2030 तक 30 प्रतिशत प्राइवेट कार, 70 प्रतिशत तक कॉमर्शियल कार और 40 प्रतिशत बसें होगी इलेक्ट्रिक

नई दिल्ली, एजेंसी। 
भारत में पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इलेक्ट्रीक व्हीकल को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया। गडकरी की घोषणा के मुताबिक अब ऐसे अंदाजा लगाया जा रहा है कि सरकार इलेक्ट्री वाहनों की बिक्री को बढ़ानेे के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसी के चलते इन वाहनों पर सब्सिडी तक दी जा रही है। गडकरी ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि अगले दो साल में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमतें कम हो जाएगी। अगर दूसरे शब्दों में कहा जाए तो पेट्रोल डीजल की गाड़ियों के बराबर इसकी रेट हो जाएगी। द सस्टेनेबिलिटी फाउंडेशन डेनमार्क की ओर से कराए गए एक वेबिनार में गडकरी ने कहा था कि इलेक्ट्रिक व्हीकल को चलाने की लागत पेट्रोल वाहनों की तुलना में बहुत कम है। इसलिए बहुत जल्द ही इलेक्ट्रिक व्हीकल को बड़े स्तर पर अपनाया जाएगा। इससे इनकी कीमत में कमी आएगी। गडकरी ने कहा कि​ इलेक्ट्रिक वाहनों पर सरकार की ओर से महज पांच प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है,जबकि पेट्रोल वाहनों 48 प्रतिशत तक है। वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी में इस्तेमाल होने वाले ​लिथियम की ज्यादा कीमत के चलते इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत भी बढ़  गई। हालांकि भविष्य में लिथियम के ज्यादा प्रोडक्शन से कीमतों में भारी कमी आ जाएगी। सरकार लिथियम बैटरी की कीमत कम करने की दिशा में काम कर रही है। लिथियम बैटरी की  जरूरत का 81 प्रतिशत प्रोडक्शन लोकल स्तर पर हो रहा है। सस्ती बैटरी कैसे उपलब्ध कराई जाए, इस पर रिसर्च ​किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक 30 प्रतिशत प्राइवेट कार, 70 प्रतिशत तक कॉमर्शियल कार और 40 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक हो जाएं। सरकार भारत को इलेक्ट्रिक व्हीकल का मैन्युफैक्चरिंग सेंटर बनाने का भी लक्ष्य रखा है।आज बजाज और हीरो जैसी भारतीय कं​​पनियों के बनाए 50 प्रतिशत ई वाहनों का निर्यात किया जाता है। अगले दो साल में भारत में हजारों चार्जिंग पॉइंट बनाए जाएंगे। बाजारों में भी चार्जिंग पॉइंट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पेट्रोल पंप पर भी चार्जिंग सुविधा रहेगी।

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