NEET Exam 2022: नीट परीक्षा बनी छात्राओं के लिए सिरदर्द, उतारनी पड़ी ब्रा तक, जवाब था- भविष्य जरूरी या इनरवियर!

नीट परीक्षा में सुरक्षा जांच का हवाला देते हुए 90 प्रतिशत छात्राओं से उनके इनरवियर उतरवाए गए। केरल के एक एग्जाम सेंटर पर छात्राओं के ब्रा तक उतरवा लिए गए।

नीट परीक्षा बनी छात्राओं के लिए सिरदर्द, उतारनी पड़ी ब्रा तक, जवाब था- भविष्य जरूरी या इनरवियर!

नई दिल्ली | देश में छात्रों के मेडिकल में दाखिले का भविष्य तय करने वाली मेडिकल की नीट परीक्षा 2022 ही उनके लिए मानसिक तनाव का कारण बन गई। नीट एक्जाम के दौरान कई जगहों पर छात्राओं के साथ बदसलूकी के मामले सामने आए हैं। नीट परीक्षा में सुरक्षा जांच का हवाला देते हुए 90 प्रतिशत छात्राओं से उनके इनरवियर उतरवाए गए। केरल के एक एग्जाम सेंटर पर छात्राओं के ब्रा तक उतरवा लिए गए। इसके अलावा महाराष्ट्र में छात्राओं से हिजाब और बुर्का उतरवाया गया। जिसके चलते परीक्षा देते समय छात्राओं को मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा है। इस तरह की गई बदसलूकी से छात्राओं के साथ-साथ उनके अभिभावकों में भी रोष है। 

सभी छात्राओं को उतारने पड़े इनरवियर
रविवार को आयोजित हुई नीट परीक्षा 2022 के दौरान केरल के कोल्लम जिले में बनाए गए सेंटर में प्रवेश से पहले छात्राओं के ब्रा तक को उतरवा दिया गया। जिससे छात्राओं में भारी रोष है। बताया जा रहा है कि यहां परीक्षा देने पहुंची छात्राओं की सुरक्षा जांच के दौरान ब्रा में लगे हुक से मेटल डिटेक्टर बीप देने लगा। इसके बाद सभी छात्राओं से ब्रा उतरवा लिए गए। घटना कोल्लम में स्थित मार्थाेमा इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की है। सेंटर पर छात्राओं के साथ हुई इस बदसलूकी की शिकायत एक परिजन ने पुलिस में दर्ज करवाई जिसके बाद ये मामला सामने आया।

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छात्रा ने किया मना तो मिला ये जवाब
परीक्षा केन्द्र पर छात्राओं के साथ हुए इस बर्ताव को लेकर उनके परिजनों में रोष है। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाले परिजन की बेटी ने जब ब्रा निकालने से इनकार तो सुरक्षा जांच कर रही महिला कर्मचारी ने छात्रा को परीक्षा में नहीं बैठने देने की बात कही। जांच कर रही महिला कर्मचारी ने कहा कि भविष्य जरूरी है या इनरवियर? परीक्षा देने के लिए इसे हटाना होगा। हमारा समय बर्बाद न करें।  कोल्लम पुलिस के अनुसार, उन्हें मिले शिकायती पत्र में एक पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने इनरवियर से भरा एक कमरा देखा था और परीक्षा केन्द्र पर कई लड़कियां इस घटना से आहत होकर रो रही थी। परीक्षा देने आई छात्राओं के अनुसार, उन्हें सारे इनरवियर डिब्बों में एकसाथ फेंके हुए मिले। घटना के संबंध में स्थानीय मीडिया के अनुसार, मेटल के बटन लगे होने के कारण एक लड़की को अपनी जींस तक उतारने के लिए कहा गया। 

मंत्री ने कहा- गंभीर चूक, इंस्टीट्यूट मैनजमेंट ने नकारा
पुलिस तक ये मामला पहुंचने के बाद इंस्टीट्यूट मैनजमेंट ने ऐसी किसी भी घटना को नकार दिया है। वहीं, केरल की उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने इस मामले पर कहा कि परीक्षा किसी सरकारी एजेंसी ने नहीं कराई है। जो हुआ वह गंभीर चूक का संकेत है। ऐसी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हम एग्जाम सेंटर और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से शिकायत करेंगे। 

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