प्रचार के लिए ताक पर कानून: युवा मित्रों को 'डमी अकाउंट' बनाने के आदेश हुए तो भाजपा हुई हमलावर

युवा मित्र इंटर्नशिप की योजना पर पहले ही विवाद चल रहा था कि अब युवा मित्रों को सरकारी प्रचार करने के तरीके को लेकर जारी आदेश ने एक नया बवाल खड़ा कर दिया है। आदेश में युवा मित्रों को अपने स्वयं के नाम के अलावा ट्विटर पर 10 और फेसबुक पर पांच अकाउंट बनाकर सरकार की योजनाओं के प्रचार करने के निर्देश दिए गए हैं।

युवा मित्रों को 'डमी अकाउंट' बनाने के आदेश हुए तो भाजपा हुई हमलावर

जयपुर । युवा मित्र इंटर्नशिप की योजना पर पहले ही विवाद चल रहा था कि अब युवा मित्रों को सरकारी प्रचार करने के तरीके को लेकर जारी आदेश ने एक नया बवाल खड़ा कर दिया है। आदेश में युवा मित्रों को अपने स्वयं के नाम के अलावा ट्विटर पर 10 और फेसबुक पर पांच अकाउंट बनाकर सरकार की योजनाओं के प्रचार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसे गैर कानूनी बताते हुए भाजपा गहलोत सरकार पर हमलावर हो गई हैं।

भाजपा के प्रदेश मंत्री जितेंद्र गोठवाल ने सवाई माधोपुर के आर्थिक व सांख्यिकी विभाग सहायक निदेशक सतीश कुमार की ओर से तीन अगस्त को जारी एक आदेश के खिलाफ गुरुवार को पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर से मुलाकात कर ज्ञापन दिया और कार्रवाई की मांग की। प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने भी इस मामले में गुरुवार को एक ट्वीट कर प्रदेश सरकार पर जालसाजों की फौज खड़ी करने का आरोप लगाया। पुलिस महानिदेशक से मिले भाजपा नेताओं का तर्क था कि आदेश में युवा मित्रों से ट्विटर, फेसबुक और व्हाट्सएप के अलग-अलग डमी अकाउंट बनाकर योजनाओं के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए जा रहे हैं। जबकि डमी अकाउंट के जरिए कोई भी कार्य करना अपराध की श्रेणी में आता है। क्योंकि यह एक तरीके से फर्जी अकाउंट होते हैं। भाजपा नेता जितेंद्र गोठवाल ने कहा कि धारा 419 आईपीसी के तहत यह दंडनीय अपराध में शामिल है, लेकिन सरकार अपनी योजनाओं के प्रचार के लिए अब युवा मित्रों से यह गैरकानूनी कृत्य भी करवाने जा रही है, जिसके आदेश स्वयं विभाग ने निकाले है। भाजपा ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग भी की है।

इसी आदेश को प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने ट्विटर पर गहलोत सरकार को फर्जी सिद्धांतों की सरकार करार दिया और यह तक कह डाला कि ये सरकार अब जालसाजों की फौज बना रही है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि अब राजनीति का स्तर इतना निम्न हो गया है कि इस प्रकार के आदेश सरकार निकालने लगी है, जिसमें युवा वर्ग को 'डमी अकाउंट' बनाने के निर्देश दे रही है। राठौड़ ने कहा कि इस फर्जी अकाउंट की प्रेरणा देने वाले आदेश पत्र में एक सच्चाई भी दिखाई देती है कि वर्तमान सरकार युवा वर्ग में अपनी लोकप्रियता खो चुकी है।

असल में, जिस पत्र को लेकर बबाल खड़ा हो रहा है, वह पत्र सभी ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारियों को भेजे गए हैं जो कि पंचायत समिति में लगे हैं। इनमें सभी को निर्देश दिया गया है। इसमें युवा मित्रों के कार्यों को लेकर दिशा-निर्देश है। इसमें कहा गया है कि प्रत्येक युवा मित्र का स्वयं के नाम से एक टि्वटर अकाउंट होना चाहिए। ट्विटर पर ही वो 10 डमी अकाउंट बनाएं। उन अकाउंट में कहीं भी युवा मित्र शब्द नहीं होना चाहिए। बाकायदा इस पत्र में यह भी निर्देश है कि एक मोबाइल नंबर से दस अकाउंट बन जाएंगे। प्रत्येक युवा मित्र का एक फेसबुक अकाउंट होना चाहिए और उसी मोबाइल नंबर से पांच डमी फेसबुक अकाउंट होना चाहिए। युवा मित्र अपने मुख्य अकाउंट और डमी अकाउंट से सोशल मीडिया का कार्य करेगा और सभी अकाउंट से लाइक, शेयर, कमेंट करना है। प्रत्येक युवा मित्र द्वारा अपने व्हाट्सएप अकाउंट पर मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी योजनाओं संबंधी प्रोफाइल फोटो लगानी है। इसके अलावा भी अवकाश व अन्य कार्य को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

भाजपा के प्रदेश मंत्री जितेंद्र गोठवाल ने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार धरातल पर भले ही कुछ काम ना करें, लेकिन अब सोशल मीडिया के जरिए फर्जी अकाउंट बनवा कर योजनाओं का झूठा प्रचार करवाएगी।यह सरकार अपने प्रचार-प्रसार के लिए इतनी अंधी हो गई कि युवा मित्रों से गैरकानूनी कार्य भी करवाए जा रहे हैं। 

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