Sirohi @ कलेक्टर, प्रशासनिक अधिकारी तलब: सिरोही कलेक्ट्रेट परिसर में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर सहित जिले के छह प्रशासनिक अधिकारियों पर कोर्ट की अवमानना का आरोप, कोर्ट ने किया तलब

जिला मुख्यालय पर बैठने वाले तमाम अधिकारियों को गंदगी नजर ही नहीं आ रही, लेकिन जब गंदगी की साफ सफाई के आदेश कोर्ट से हुए तो उन आदेशों की भी इन अधिकारियों ने अवमानना कर दी। मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में फैली अवस्थाओं के आलम और सरूप विलास परिसर में पसरी गंदगी एवं अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए....

सिरोही कलेक्ट्रेट परिसर में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर सहित जिले के छह प्रशासनिक अधिकारियों पर कोर्ट की अवमानना का आरोप, कोर्ट ने किया तलब

सिरोही।
सिरोही​ यूं तो अवैध शराब तस्करी को लेकर पहले ही प्रदेशभर में बदमान हो चुका, लेकिन अब जिला मुख्यालय पर गंदगी, अव्यवस्थाओं को लेकर एक ओर दाग इस पर लग रहा है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि जिला मुख्यालय पर बैठने वाले तमाम अधिकारियों को गंदगी नजर ही नहीं आ रही, लेकिन जब गंदगी की साफ सफाई के आदेश कोर्ट से हुए तो उन आदेशों की भी इन अधिकारियों ने अवमानना कर दी। ऐसे में सिरोही जिले के कलेक्टर से लेकर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के उदासीन रवैए से खफा जज ने गैरजिम्मेदार अधिकारियों को कोर्ट में तलब होने के आदेश फरमाए हैं। अधिवक्ता भैरूपाल सिंह बालावत ने बताया कि मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में फैली अवस्थाओं के आलम और सरूप विलास परिसर में पसरी गंदगी एवं अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए सिविल न्यायालय सिरोही में प्रार्थना पत्र देकर समस्या निदान के लिए गुहार लगाई गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय द्वारा 8 जुलाई 2021 को पंचाट पारित करते हुए जिला कलेक्टर समेत कुल छह विभागीय अधिकारियों को मरमत नवीनीकरण आदि कराने के आदेश दिए गए थे। बालावत ने सिरोही जिले के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस आदेश को जानबूझकर अवहेलना करने का आरोप लगाया है। वहीं बालावत ने कोर्ट से धारा 12 अवमानना अधिनियम 1971 का हवाला देकर उचित कार्रवाई की मांग की है।


कलेक्टर, एसडीएम, नगर परिषद आयुक्त् सहित छह पर आरोप
अधिवक्ता भैरूपालसिंह बालावत ने बताया कि  उन्होंने एक मार्च 2019 को स्थाई लोक अदालत सिरोही के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके सिरोही कलेक्ट्रेट परिसर क्षेत्र जहां न्यायालय सहित विभिन्न विभाग के उच्च अधिकारी बैठते हैं स्वरूप विलास में पसरी अव्यवस्थाओं से हो रही समस्याओं के निराकरण के लिए जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल, उपखंड अधिकारी रमेशचंद्र बहेरिया, तत्कालीन उपखंड अधिकारी हंसमुख कुमार, नगर परिषद आयुक्त महेंद्र चौधरी, सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मदनसिंह परमार, जोधपुर विद्युत विनिलि. सिरोही के सहायक अभियंता इंद्रदान चारण को इसका जिम्मेदार बताते हुए न्यायालय से समस्या समाधान की मांग की थी।

इस पर 8 जुलाई 2021 को न्यायालय द्वारा पंचाट पारित करते हुए अप्रार्थीगण को यह निर्देश दिए गए कि वे अटल सेवा केंद्र के सामने हो रखे गड्ढे को बंद करावे, वहां पानी नहीं भरे ऐसी व्यवस्था की जावे तथा पारिवारिक न्यायालय व पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने लगे हुए खरंजे की मरम्मत/ नवीनीकरण करावे। इसके साथ ही आदेश में यह भी कहा गया कि संपूर्ण परिसर में जहां भी विद्युत लाइन खुले तारों के रूप में अव्यवस्थित लगी हुई है उसे सुधारें, परिसर में बने हुए दोनों मुत्रालयों की प्रतिदिन साफ सफाई व पानी की व्यवस्था करें। उपभोक्ता मंच व एमएसीटी को जाने वाले रास्ते पर पड़ी गंदगी को हटाने और परिसर के मुख्य गेट पर कैटल गार्ड लगाकर या अन्य किसी प्रकार से आवारा पशुओं को विचरण पर रोक लगावे, जिसे दो माह की अवधि में संपादित करें।

2 माह में करना था समस्या का समाधान...
अधिवक्ता भैरूपालसिंह बालावत ने बताया कि आदेश की सूचना उनके द्वारा 13 जुलाई 2021 को अप्रार्थीगण को भिजवाई गई थी। प्रार्थी ने कहा कि बावजूद सूचना के अप्रार्थीगण द्वारा पंचाट की पालना नहीं की गई है और पंचाट की पालना में मात्र खानापूर्ति की गई। अधिवक्ता ने बताया कि जिनकी यह सम्पूर्ण जवाबदारी है और पंचाट की पालना करवाते उन्होंने किसी ने भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया, जो कि न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है इसलिए न्यायालय से अवमानना के लिए दंडित करने की गुहार लगाई है।

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