Rajasthan @ प्रदेश की राजनीति UP में: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी किसानों की मौत पर राजनीति, यूपी जा रहे पायलट को पुलिस ने लिया हिरासत में, कांग्रेस का पैदल मार्च 7 को

राजस्थान के कांग्रेस नेताओं ने उत्तर प्रदेश की ओर रूख कर लिया है। आज बुधवार को पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट लखीमपुर खीरी के लिए रवाना तो हो गए, लेकिन मुरादाबाद पहुंचते पहुंचते ​पुलिस की हिरासत में ले लिए गए। वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस की ओर से 7 अक्टूबर को पैदल मार्च का ऐलान कर दिया गया।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी किसानों की मौत पर राजनीति, यूपी जा रहे पायलट को पुलिस ने लिया हिरासत में, कांग्रेस का पैदल मार्च 7 को

जयपुर। 
राजस्थान में रीट भर्ती परीक्षा मामला कांग्रेस सरकार ने गोल मोल कर दिया। अब राजस्थान की कांग्रेस सरकार का ध्यान उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी मामले पर है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के बाद अब राजस्थान के कांग्रेस नेताओं ने उत्तर प्रदेश की ओर रूख कर लिया है। आज बुधवार को पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट लखीमपुर खीरी के लिए रवाना तो हो गए, लेकिन मुरादाबाद पहुंचते पहुंचते ​पुलिस की हिरासत में ले लिए गए। वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस की ओर से 7 अक्टूबर को पैदल मार्च का ऐलान कर दिया गया। इसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लेकर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य मंत्री भरतपुर जा सकते है। 
किसानों की मौत के विरोध में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जा रहे सचिन पायलट और कांग्रेसी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन को आज शाम मुरादाबाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया। पुलिस का इस मामले में कहना है कि पायलट ने धारा-144 तोड़ी है। सचिन पायलट गाजीपुर बॉर्डर होते हुए लखीमपुर खीरी के लिए जा रहे थे। सचिन पायलट को पहले गाजीपुर बॉर्डर पर रोका गया था, लेकिन कार्यकर्ताओं की नारेबाजी के बाद पुलिस ने उन्हें जाने दिया था। इसके बाद रास्ते में भी कई जगह सचिन पायलट के काफिले को रोका गया। आखिर में मुरादाबाद में सचिन पायलट को आगे जाने से रोक दिया। धारा 144 के उल्लंघन में सचिन पायलट को हिरासत में लिया गया है। उनके साथ कांग्रेस पार्टी के नेता आचार्य प्रमोद भी हैं।


पायलट ने किया सोशल मीडिया पर ट्वीट 
पायलट ने दिल्ली से लखीमपुर रवाना होने के बाद ट्वीट कर  लिखा कि आज सीतापुर, लखीमपुर जा रहे हैं। हम किसानों के पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका दर्द बांटना चाहते हैं। भाजपा ने हिंसक रवैया अपनाकर इस देश की लोकतांत्रिक परंपरा को तोड़ने का प्रयास किया है। किसान देश की रीढ़ की हड्डी है। इस पर होने वाला प्रहार स्वीकार नहीं है।
इसके बाद जब उन्हें हिरासत में ले लिया गया तब सोशल मीडिया पर लिखा कि लखीमपुर खीरी जाते समय मुझे व 
@AcharyaPramodk जी को उत्तरप्रदेश प्रशासन द्वारा मुरादाबाद में रोक दिया गया है। लोकतंत्र व संवैधानिक मूल्यों को कुचलकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को आहत किया है। सत्याग्रह की राह पर चलकर हम न्याय की आवाज उठाते रहेंगे।

खीरी घटना के विरोध में कांग्रेस का पैदल मार्च 
वहीं दूसरी ओर यूपी के लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में  प्रदेश कांग्रेस के नेता गुुरुवार को फिर से सड़कों पर उतरेंगे।  कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 7 अक्टूबर 11 बजे भरतपुर जिले के ऊंचा नगला बॉर्डर से लखीमपुर खीरी तक पैदल मार्च निकालने का ऐलान कर दिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को 11 बजे से पहले भरतपुर के ऊंचा नगला बॉर्डर पर पहुंचने को कहा गया है। कांग्रेस ने इस पैदल मार्च की तैयारियां शुरू हो गई। भरतपुर के आसपास के नेताओं को इस पैदल मार्च की जिम्मेदारी भी दी गई है।

प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट करके पैदल मार्च की घोषणा की है। ​​​डोटासरा ने कहा कि किसान नरसंहार में पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट करने और हत्यारों को कड़ी सजा की मांग को लेकर पैदल मार्च करेंगे। मार्च में बड़ी संख्या में नेता-कार्यकर्ता शामिल होंगे। यूपी बॉर्डर पर प्रदर्शन भी होगा। वहीं कांग्रेस नेताओं को यूपी पुलिस बॉर्डर पर ही रोक सकती है। मौजूदा हालात को देखते हुए राजस्थान कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बॉर्डर पर ही रोका जा सकता है। बॉर्डर पर रोके जाने की स्थिति में कांग्रेस नेता गिरफ्तारी देंगे। कांग्रेस नेता आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन जारी रख सकते हैंं। बीते दिन ही कांग्रेस ने सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया था।

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