Bhinmal मांगे नर्मदा नीर आंदोलन: भीनमाल को नर्मदा का नीर दिलाने की मांग पर 29वें दिन आंदोलन का नया स्वरूप अनशन शुरू

भीनमाल कस्बे में पेयजल संकट दूर करने की मांग पर 28 दिनों से जारी धरना—प्रदर्शन के साथ अब अनशन भी शुरू कर दिया गया। राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत नर्मदा परियोजना ईआर प्रोजेक्ट का कार्य दिसंबर 21 तक पूर्ण करवाने की मांग को लेकर गठित नर्मदा संघर्ष समिति द्वारा स्थानीय उपखंड कार्यालय के बाहर आज 29वें दिन अनशन शुरू कर दिया।

भीनमाल को नर्मदा का नीर दिलाने की मांग पर 29वें दिन आंदोलन का नया स्वरूप अनशन शुरू

भीनमाल।
भीनमाल कस्बे में पेयजल संकट दूर करने की मांग पर 28 दिनों से जारी धरना—प्रदर्शन के साथ अब अनशन भी शुरू कर दिया गया। राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत नर्मदा परियोजना ईआर प्रोजेक्ट का कार्य दिसंबर 21 तक पूर्ण करवाने की मांग को लेकर गठित नर्मदा संघर्ष समिति द्वारा स्थानीय उपखंड कार्यालय के बाहर आज 29वें दिन अनशन शुरू कर दिया। इससे पहले कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन और पीएम व सीएम के नाम हस्ताक्षर अभियान चलाकर ज्ञापन दिए गए थे। 
आज सोमवार को हिन्दूसेवा समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सांवलसिंह राव,कपूरचंद गहलोत, घेवरचंद राजपुरोहित, डूंगरसिंह सोलंकी व उत्तमकुमार दर्जी कर्मिक अनशन पर रहे। आंदोलन के तहत सोमवार को राजस्थान किसान संघर्ष समिति के जिला संयोजक विक्रम सिंह पुनासा, अध्यक्ष बद्रीदान चारण, कोषाध्यक्ष सुरेश व्यास व मोडाराम देवासी, भाजपा नेता छगनलाल पुरोहित देलवाड़ा, पूर्व सरपंच सांवलाराम पुरोहित, छैलसिंह लूर, प्रतिष्ठित व्यवसायी उमराव सेठ, अशोक सेठ व पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष जयरूपाराम माली के नेतृत्व में बड़ी तादाद में किसानों व गणमान्य लोगों ने धरने में भाग लिया।इसके बाद पीएम व सीएम के नाम उपखंड अधिकारी जवाहरराम चौधरी व तहसीलदार रामसिंह राव को ज्ञापन सौंपा गया।


2008 में तैयार प्रोजेक्ट अभी तक पानी को तरसते लोग
ज्ञापन में बताया कि भीनमाल, रानीवाड़ा, सांचोर व जालोर विधानसभा क्षेत्र के 256 गावों व करीब 1100 ढाणियों में निवासरत लोगों को पीने की पानी तक की समस्या है। यहां के लोगों की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2008 में नर्मदा परियोजना ईआर प्रोजेक्ट तैयार किया गया। वर्ष 2013 में राज्य सरकार द्वारा योजना को मंजूर कर कार्य चालू करने के लिए बजट भी आवंटन किया गया था। आवश्यक औपचारिकता के बाद निर्धारित समय पर कार्य चालू किया गया। उक्त कार्य वर्ष 2016 के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया था,लेकिन सरकारी उदासीनता के चलते अभी तक मात्र 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ है। जबकि हकीकत यह है कि उक्त कार्य नर्मदा विभाग व राज्य सरकार के खाते में कार्य पूर्ण होकर पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। वर्तमान स्थिति के अनुसार उक्त कार्य वर्ष 2025 तक पूर्ण होना मुश्किल लग रहा है। ज्ञापन में चेताया कि उक्त कार्य  शीघ्र पूर्ण नहीं किया गया तो मजबूरन राजस्थान किसान संघर्ष समिति आंदोलन के लिए उतारू होगी।


28 सितंबर से शुरू होगा चक्का जाम आंदोलन 
समिति के सदस्य शेखर व्यास,मोहनसिंह सिसोदिया,अशोक सिंह ओपावत,दिनेश दवे नवीन व श्रवणसिंह राव ने सीएम के नाम एसडीएम जवाहरराम चौधरी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि नर्मदा नीर संघर्ष समिति द्वारा नर्मदा के नीर की मांग को लेकर करीब डेढ़ माह से नियमित आंदोलन चल रहा है,लेकिन जिला प्रशासन द्वारा आंदोलन को अनदेखा किया जा रहा है।लोकतंत्र में जनता द्वारा वाजिब मांग को लेकर लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत संचालित आंदोलन को जिला कलेक्टर जनता को हल्के में आंककर कमजोर समझ रहे हैं। इसको लेकर समिति व आमजन में भारी आक्रोश व्याप्त है। ज्ञापन में चेताया कि आंदोलन के तहत क्रमिक अनशन, प्रसाशन व जनप्रतिनिधियों के निवास व कार्यालय के बाहर मटका फोड़,ढोल नगाड़ व घण्टी बजाकर जगाने ओर सरकार, जनप्रतिनिधियों व प्रसाशन की सदबुद्धि के लिए यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद सरकार व प्रसाशन की आंखे नहीं खुली तो 28 सितंबर से भीनमाल नगर सहित विधानसभा क्षेत्र में चक्का जाम और बेमियादी अनशन का आगाज किया जाएगा। इस दौरान कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार व प्रसाशन की होगी।

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