केसरिया पताका के नीचे: जयपुर की धरा पर हीरक जयंती कार्यक्रम में जुटे 4 लाख से अधिक क्षत्रिय

जयपुर की धरा पर हीरक जयंती कार्यक्रम में जुटे 4 लाख से अधिक क्षत्रिय

जयपुर। जयपुर में क्षत्रिय युवक संघ के हीरक जयंती कार्यक्रम में बुधवार को लाखों क्षत्रिय और क्षत्राणियां एकत्र हुई। बिना किसी राजनीतिक मकसद के पहली बार प्रदेश में इतनी अधिक संख्या में एक ही समाज के लोग एक ध्वज के नीचे एकत्र हुए तो यह कार्यक्रम देशभर में चर्चा का विषय बन गया। केसरिया पताका के नीचे कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए कार्यक्रम में सभी ने मास्क लगाकर खुद के जीवन को सुरक्षित किया। उपस्थित लोगों पर हेलीकाॅप्टर द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम स्थल भवानी निकेतन के आसपास कई किलोमीटर तक सड़कों पर केसरिया साफा पहने क्षत्रिय और केसरिया ओढ़ने के साथ क्षत्राणियों का रैला ही दिखा। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश, गुजरात के अलावा दक्षिण भारत के कई राज्यों से एक साथ बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम के निमित्त एकत्र हुए। इस संगठन के संघप्रमुख के तौर पर वर्तमान में लक्ष्मणसिंह बेण्यांकाबास और संरक्षक भगवानसिंह रोलसाहबसर के सानिध्य में युवाओं ने पूरी व्यवस्थाओं को इतना प्रभावी ढंग से निभाया कि हर कोई दंग रह गया।

प्रताप फाउण्डेशन और वरिष्ठ स्वयंसेवक महावीरसिंह सरवड़ी ने संघ की शुरूआत से लेकर आज तक के संघ कार्यों पर प्रकाश डाला। सरवड़ी ने प्रताप फाउण्डेशन, प्रताप युवा शक्ति और क्षात्र पुरुषार्थ फाउण्डेशन के माध्यम से किए जाने वाले कार्यों पर भी प्रकाश डाला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ ने क्षत्रिय युवक संघ की महत्ता पर बात कहते हुए कहा कि संघ ने समाज को जोड़ा है। गुजरात सरकार में मंत्री रहे भूपेन्द्रसिंह चूड़ासमा ने कहा कि तनसिंह ने जो बीज बोया वह एक विशाल वृक्ष के रूप में समाज को छाया दे रहा है। क्षत्रिय युवक संघ महिला प्रवर्ग की प्रमुख और तनसिंह की पुत्री जागृति बा हरदासकाबास ने गृहस्थ में क्षत्रिय युवक संघ की महत्ता बताई। कैबिनेट मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि जो दलित, पिछड़े को बचाने के लिए लड़ने और मरने की ताकत रखता है, वही क्षत्रिय कहलाता है। हम राम और कृष्ण के सिद्धान्त पर चलने वाले होने चाहिए। राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उप नेता राजेन्द्रसिंह राठौड़ ने कहा कि यह सम्मेलन काल के कपाल पर ऐसी रेखा खींचेगा, जिसे आने वाली दुनिया याद रखेगी। क्षत्रिय सुरक्षा का भाव देता है। भय का नहीं।

केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने कहा कि क्षरण के प्रवाह के विपरीत समय में समाज में चरित्र निर्माण और संस्कारों के निर्माण के लिए काम कर रहे क्षत्रिय युवक संघ की स्तुति की जानी चाहिए। शेखावत ने कहा कि पूर्वजों के प्रेरक गुणों त्याग, बलिदान, तेज, शौर्य, धैर्य, पर दुख कारता, धर्म, श्रेष्ठता की रक्षा व ईश्वरीय भाव को धारण करना चाहिए। पूरा विश्व ऐसे गुणों को धारण करने वाले लोगों को नमन करता है। ये गुण डीएनए के माध्यम से पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित होते हैं। उन्होंने संस्कारों से जुड़ने और क्षत्रिय युवक संघ की साधना का हिस्सा बनने का आह्वान किया।

संघ के संस्थापक तनसिंह, पूर्व संघप्रमुख आयुवानसिंह हुडील, नारायण सिंह रेड़ा के आडियो विजुअल के माध्यम से उनका जीवन परिचय बताया गया। संघ के अनुशांगिक संगठनों प्रताप फाउण्डेशन, प्रताप युवा शक्ति और दुर्गा बालिका संस्थान आदि पर भी विजुअल के माध्यम से जानकारी दी गई। संघप्रमुख लक्ष्मणसिंह बेण्यांकाबास ने संघ के संस्थापक तनसिंह द्वारा प्रारंभ की गई संस्कारमयी कर्मप्रणाली के बारे में बताया। क्षत्रिय युवक संघ के संरक्षक भगवानसिंह रोलसाहबसर ने कहा कि ईश्वरीय कृपा सभी पर बरसे। बात राजपूतों की नहीं है। तनसिंह को जो पीड़ा हुई वह प्राणीमात्र के कल्याण के लिए हुई। उन्होंने ईश्वरीय भाव से कर्म में रत रहने की सीख दी।

आयोजन में बड़ी संख्या में अन्य समाजों के लोग और प्रतिनिधि शामिल हुए। सीएम अशोक गहलोत, पूर्व सीएम वसुन्धरा राजे ने अपने शुभकामना संदेश भेजे। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां, जयपुर के सांसद रामचरण बोहरा, राजसमंद की सांसद दिया कुमारी, प्रदेश सरकार के मंत्री भंवरसिंह भाटी, महेश जोशी, सुखराम विश्नोई, पूर्व मंत्री पुष्पेन्द्रसिंह राणावत, कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी, पूर्व मंत्री गजेन्द्रसिंह खींवसर, चित्तौड़गढ़ के विधायक चन्द्रभानसिंह आक्या, विद्याधरनगर के विधायक नरपतसिंह राजवी, शेरगढ़ की विधायक मीना कंवर, बाड़ी के विधायक गिर्राजसिंह मंलिगा, विधायक जोराराम कुमावत, छगनसिंह राजपुरोहित, पूर्व राज्यपाल वीपीसिंह बदनौर, पूर्व विधायक राजपालसिंह शेखावत, आरएसएस के हनुमानसिंह राठौड़, विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष राव राजेन्द्रसिंह, बीजेपी के संगठन मंत्री चन्द्रशेखर, पूर्व विधायक घनश्याम तिवाड़ी, संत प्रताप पुरी, संत सामताराम महाराज, गोरखनाथ महाराज, पूर्व विधायक मानवेंद्रसिंह जसोल, विश्व हिन्दु परिषद के नरपतसिंह शेखावत, भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री अलका गुर्जर, पूर्व विधायक बाबू सिंह राठौड़, सिवाणा के विधायक हम्मीरसिंह भायल, जैसलमेर के विधायक रूपाराम धनदेव, मकराना के विधायक रूपराम मुरावतिया, चौहटन के विधायक पदमाराम मेघवाल, पूर्व विधायक मानसिंह किनसरिया, मसूदा के विधायक सुरेश रावत, रतनगढ़ के विधायक अभिनेष महर्षि, पूर्व विधायक रणवीरसिंह गुढ़ा, पूर्व विधायक रणधीरसिंह भींडर, सुखदेवसिंह गोगामेड़ी, जैतारण के विधायक अविनाश गहलोत, झुंझुनूं के पूर्व विधायक डॉ. मूलसिंह शेखावत, देवीसिंह शेखावत बानसूर, पुनीत कर्नावट जयपुर डिप्टी महापौर, नोखा के विधायक बिहारी विश्नोई, गुजरात सरकार के मंत्री मंत्री प्रवीणसिंह वाघेला, सुल्तानसिंह जसुपुरा, शैलेन्द्रसिंह प्रांत प्रचारक, मारवाड़ राजपूत सभा के अध्यक्ष हनुमानसिंह खांगटा, महेन्द्रसिंह राव, राजस्थान राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष राजेश्वरसिंह, आईएएस राजेन्द्रसिंह, हनुमानसिंह, शक्तिसिंह, मनोज न्यांगली, बहादुरसिंह आईपीएस आदि भंवरसिंह पलाड़ा समेत बड़ी संख्या में विशिष्ट लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरूआत प्रार्थना से हुई। ईश्वरीय वंदना के बाद 8 दिसम्बर को शहीद हुए जनरल बिपिन रावत और अन्य शहीदों के लिए मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। शिविर कार्यालय प्रमुख गजेन्द्रसिंह आउ ने संघ प्रमुख लक्ष्मणसिंह बेण्यांकाबास का लिखित वार्षिक संदेश पढ़कर सुनाया।

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