खनन माफिया को शह: रामसीन में एसडीएम के आदेश पर जब्त की गई जेसीबी व ट्रेक्टर ट्रॉली थाना प्रभारी ने छोड़ दी, खनन तस्करी के मामले को मोटरवाहन अधिनियम में निपटाया

अवैध तरीके से तालाब की मिट्टी खोदते हुए इन दोनों वाहनों को मौके से जब्त किया गया था। पर वो कहते है  न कि बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया यही बात इस मामले में भी हुई और थाने लाए गए जेसीबी औऱ ट्रैक्टर ट्रॉली को बड़ी रकम लेकर छोड़ दिया गया। 

रामसीन में एसडीएम के आदेश पर जब्त की गई जेसीबी व ट्रेक्टर ट्रॉली थाना प्रभारी ने छोड़ दी, खनन तस्करी के मामले को मोटरवाहन अधिनियम में निपटाया

रामसीन (जालोर) | लगता हैं रामसीन पुलिस ने खनन माफियाओं को पूरा संरक्षण देने की ठान ली हैं। तभी तो एक तालाब में बिना परमिशन मिट्टी खोद रहे जेसीबी और ट्रेक्टर ट्रॉली को बिना खनन विभाग को सूचना दिए ही मात्र एमवी एक्ट के एक चालान बनाकर छोड़ दिया गया। वरना खनिज विभाग को सूचित किया जाता तो लाखों रुपये का जुर्माना वसूला जा सकता था। दरअसल मामला रामसीन थाना क्षेत्र के सोमता का हैं जहां हैड कांस्टेबल महिपालसिंह ने सोमता गांव के एक तालाब में अवैध तरीके से मिट्टी खोदते जेसीबी मशीन व मिट्टी परिवहन करते ट्रेक्टर ट्रॉली को जब्त कर रामसीन थाने लाया गया था। लेकिन थानाधिकारी की खनन माफिया के साथ मिलीभगत के चलते पूरे मामले को रफादफा करने हुए जब्त दोनो वाहनों के एमवी एक्ट में चालान बनाकर इतिश्री कर दी और दोनों वाहनों को छोड़ दिया गया। हमारे संवाददाता ने जब पूरे मामले में थानाधिकारी का पक्ष जानना चाहा तो थानाधिकारी बोले ट्रेक्टर ट्रॉली और जेसीबी सड़क पर जा रहे थे जब इन वाहन चालकों को वाहनों के जरूरी दस्तावेज के लिए पूछा गया तो इनके पास जरूरी दस्तावेज नही थे। जिसके चलते इन वाहनों को थाने लाया गया था। और उसके बाद दस्तावेज पेश करने पर इन वाहनों से जुर्माना वसूल कर रिलीज कर दिया गया। जबकि ट्रेक्टर ट्रॉली की ये तस्वीरें साफ बयान कर रही हैं कि मिट्टी से आधी अधूरी भरी ट्रेक्टर ट्रॉली को पुलिस ने खनन स्थल से ही जब्त किया था। आधी अधूरी ट्रॉली भरकर परिवहन करना संभव ही नही हैं। सोमता के जोड़वाड़ा मार्ग पर स्थित एक तालाब में जेसीबी की सहायता से इस ट्रेक्टर ट्रॉली में मिट्टी भरने का कार्य किया जा रहा था। जिसकी शिकायत पर हैड कांस्टेबल महिपालसिंह मौके पर पहुंचे थे और अवैध तरीके से तालाब की मिट्टी खोदते हुए इन दोनों वाहनों को मौके से जब्त किया गया था। पर वो कहते है  न कि बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया यही बात इस मामले में भी हुई और थाने लाए गए जेसीबी औऱ ट्रैक्टर ट्रॉली को बड़ी रकम लेकर छोड़ दिया गया। 

ग्रामीणों ने की थी एसडीएम को शिकायत
सोमता के इस तालाब में अवैध खनन की शिकायत ग्रामीणों ने जसवंतपुरा एसडीएम को की थी। जिस पर एसडीएम ने रामसीन नायब तहसीलदार को फोन कर मौके पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। लेकिन नायब तहसीलदार मेहराराम के पास चितलवाना का अतिरिक्त चार्ज होने से उस दिन वो चितलवाना गए हुए थे। तो उन्होंने थाने में सूचना देकर इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। और इसी को लेकर रामसीन थाने से जाब्ता मौके पर गया और वहां अवैध खनन करते इस जेसीबी और ट्रेक्टर ट्रॉली को जब्त कर थाने लाया गया था। पर थानाधिकारी गिरधरसिंह की खनन माफिया के साथ सांठगांठ के चलते अवैध खनन की कार्रवाई नही कर सिर्फ एमवी एक्ट के चालान बनाकर खनन माफिया को क्लीन शीट दे दी गई। जिससे सरकार को लाखों रुपये की राजस्व हानि हुई।

थानाधिकारी गिरधरसिंह पर सांसद भी लगा चुके हैं आरोप
रामसीन थाने में तैनात सीआई गिरधरसिंह का विवादों से पुराना नाता रहा हैं। जब ये जालोर के करड़ा थाने में तैनात थे तब सांसद देवजी एम पटेल ने भी इन पर तस्करों से मिलीभगत का आरोप लगाया था। उस दौरान थानाधिकारी और सांसद के बीच हुए विवाद का ऑडियो भी खूब वायरल हुआ था। जिस पर इन्हें करड़ा थाने से हटना भी पड़ा था।