सोशल मीडिया पर तेज हुई बयानबाजी : केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी के बीच सोशल मीडिया पर बहस

फोन टैपिंग मामले में एक बाद फिर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। शेखावत और जोशी के बीच सोशल मीडिया पर ट्वीट हो रहे है।

केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी के बीच सोशल मीडिया पर बहस

जयपुर।
राजस्थान की राजनीति में लगातार उबाल आ रहा है। कभी सचिन पायलट बनाम मुख्यमंत्री तो कभी निर्दलीय विधायकों के साथ कांग्रेसी विधायकों की बयान बाजी के चलते हालात गर्मा रहे है। ऐसे में अब फोन टैपिंग मामले में एक बाद फिर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) और सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी (Mahesh Joshi) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। शेखावत और जोशी के बीच सोशल मीडिया पर ट्वीट हो रहे है। महेश जोशी ने जहां कल फोन टैपिंग केस में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच( Crime Branch of Delhi Police) के नोटिस को लेकर राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन से मुलाकात की। वहीं दूसरी ओर गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस मुलाकात का फोटो ट्वीट किया। इसमें टेबल पर पड़े कागज को क्राइम ब्रांच का नोटिस बताया और जोशी से वहां पूछताछ को लेकर जाने के लिए दिल्ली पुलिस हैडक्वार्टर का पता भी दे दिया।


केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने  जोशी पर तंज कसते हुए 
ट्वीटर पर ट्वीट किया कि मुख्य सचेतक साहब, पता चला कि आप दिल्ली में हैं। आपकी सुविधा के लिए पुलिस मुख्यालय का पता मैंने यहां लिखा है। टेबल पर पड़े समन पर भी यही पता है। मीटिंग के बाद इसकी पालना जरूर करें। इस पर जोशी ने लिखा कि सही धारा में नोटिस भिजवाया होता तो बिना पता पूछे सिर के बल आपकी दिल्ली पुलिस की सेवा में हाजिर होता
शेखावत के ट्वीट के बाद महेश जोशी (Mahesh Joshi) ने पलटवार करते हुए लिखा कि मेज पर पड़े जिस कागज पर लिखा कुछ भी पढ़ने में नहीं आ रहा है, उसे मेरा नोटिस बताना सिद्ध करता है कि आपको साजिश के पुर्जे-पुर्जे की पहचान व जानकारी है, क्योंकि पूरी साजिश के मुख्य किरदार आप ही हैं और आपके दबाव से ही दिल्ली पुलिस ने मुझे वह नोटिस भेजा था। लेकिन मंत्री महोदय नोटिस सही धारा में भिजवाया होता तो बिना पता पूछे सिर के बल आपकी दिल्ली पुलिस की सेवा में हाजिर होता। जोशी ने लिखा कि आपकी स्वयं की नादानी से ही आपका प्लान चौपट हो गया। भगौड़ा मानसिक संतुलन बेचारा। खैर आपको राजस्थान ACB के पते की जानकारी नहीं तो मैं भेजूं ?


Gajendra Singh ने तंज कसते हुए ट्वीट किया। सियासी हलकों में माकन—जोशी की मुलाकात से भी ज्यादा चर्चा टेबल पर पड़े कागज और इस ट्वीट वॉर की है। गजेंद्र सिंह की फोन टैपिंग की शिकायत के आधार पर 25 मार्च को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया। उस केस मेंं मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा और पुलिस अफसरों को आरोपी बनाया। लोकेश शर्मा को दिल्ली हाईकोर्ट ने 6 अगस्त तक गिरफ्तारी सहित अन्य कार्रवाई से राहत दे रखी है। इस बीच महेश जोशी को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नोटिस जारी कर 24 जून को पूछताछ के लिए बुलाया। महेश जोशी ने नोटिस की कानूनी वैधता पर सवाल उठाते हुए पूछताछ के लिए जाने से इनकार कर दिया। महेश जोशी का कहना है कि उनकी उम्र 65 साल से ज्यादा है और कानूनी प्रावधानों के हिसाब से 65 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने नहीं बुलाया जा सकता। दूसरा एफआईआर में उनका नाम नहीं है और क्षेत्राधिकार भी नहीं है, मामला कोर्ट में है।

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