NGT के नियम कायदे हवा: आखिर कैसे हो गया लम्बा चौड़ा निर्माण? जहाँ वर्ष 2007 में था मात्र छोटा सा निर्माण, वहां आज खड़ा हो गया आलीशान रिसोर्ट, पर प्रशासन की नज़र में नही अवैध

माउंट आबू की प्राकृतिक खूबसूरती को बचाए रखने के लिए NGT ने इस पूरे क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन घोषित कर रखा हैं। पर यहां के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता और ऊंचे रसूखदारों के बाहुबल के चलते माउंट आबू क्षेत्र कंक्रीट का जंगल बनते जा रहा हैं।

आखिर कैसे हो गया लम्बा चौड़ा निर्माण? जहाँ वर्ष 2007 में था मात्र छोटा सा निर्माण, वहां आज खड़ा हो गया आलीशान रिसोर्ट, पर प्रशासन की नज़र में नही अवैध
  • गणपतसिंह मांडोली/ विक्रमसिंह करणोत

सिरोही। माउंट आबू की प्राकृतिक खूबसूरती को बचाए रखने के लिए NGT ने इस पूरे क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन घोषित कर रखा हैं। पर यहां के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता और ऊंचे रसूखदारों के बाहुबल के चलते माउंट आबू क्षेत्र कंक्रीट का जंगल बनते जा रहा हैं। फिर बात चाहे लिमडी कोठी की हो या फिर अचलगढ़ के अचल रिसोर्ट, मनवार रिसोर्ट या फिर हमिंग बर्ड रिसोर्ट की। जहाँ देखो वहां अवैध निर्माण से बड़ी बड़ी इमारतें खड़ी हो गई पर आबू प्रशासन हैं कि पूरी तरह से अनभिज्ञ बना बैठा हैं। ऐसा नही हैं कि इसकी जानकारी ही आबू प्रशासन को नही हैं। सब कुछ जानकारी होने के बावजूद ऊंचे रसूखों ले चलते ये सभी अवैध निर्माण रुकने की बजाए बढ़ते ही जा रहे हैं। 

2007 में ली गई तस्वीर में एल तलीय दो कमरे, 2018 तक बन गई तीन मंजिला इमारत

आज हम आपको माउंट आबू के ओरिया ग्राम पंचायत के अचलगढ़ स्थित अचल रिसोर्ट, मनवार रिसोर्ट और हमिंग बर्ड रिसोर्ट की कुछ अलग अलग तस्वीरें दिखाने जा रहे हैं। जो पहली तस्वीर 2007 में ली गई थी, जबकि दूसरी तस्वीर 2018 में ली गई, वही तीसरी तस्वीर आज की है। इन तीनो तस्वीरों को देखकर ये साफ हो जाता हैं कि आज जिस जगह पर इन तीनों आलीशान रिसॉर्ट्स की इमारतें खड़ी नज़र आ रही हैं, उस जगह पर वर्ष 2007 में निर्माण के नाम पर नाममात्र का ही निर्माण किया हुआ था। आज जिस जगह पर अचल रिसोर्ट स्थित हैं वहां पर 2007 में सिर्फ ग्राउंड फ्लोर पर दो कमरे बने हुए थे, तो मनवार रिसोर्ट की जगह सिर्फ चार पिलर खड़े थे। वहीं हमिंग बर्ड रिसोर्ट की बिल्डिंग का आधा अधूरा हिस्सा खड़े नज़र आ रहा था। वहीं 2018 में ली गई तस्वीर में ये तीन आलीशान रिसोर्ट खड़े हो गए। इसके बाद भी निर्माण कार्य लगातार जारी रहा जिसमें अचल रिसोर्ट में स्वीमिंग पूल के अलावा और भी नए कमरों का निर्माण कार्य आज भी चल रहा हैं। 

अचल रिसोर्ट में आज भी चल रहा 8 नए कमरों का निर्माण कार्य

अचल रिसोर्ट और मनवार रिसोर्ट के बीच वाले खाली भाग में आज वर्तमान में भी 8 नए कमरों का निर्माण कार्य चल रहा हैं। इस निर्माण कार्य के लिए आए दिन चोरी छुपके यहां निर्माण सामग्री लाई जा रही हैं। जिसका खुलासा अभी एक महीने में ओरिया ग्राम पंचायत द्वारा दो बार पकड़े गए वाहनों के चालकों ने ही कर दिया हैं। दोनो बार अवैध तरीके से खाने पीने की वस्तुओं के नीचे छुपकर निर्माण सामग्री ले जाई जा रही थी। लेकिन जब ये निर्माण सामग्री पकड़ी गई तो वाहन चालकों ने इसे अचल रिसोर्ट ले जाने की बात स्वीकार की थी। पर उपखण्ड प्रशासन ने अचल रिसोर्ट के इस निर्माणाधीन 8 कमरों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नही की।

अधिकारियों की आवभगत में रिसोर्ट संचालक हर वक्त रहता हैं तत्पर

अचल रिसोर्ट का संचालक आबू के प्रशासनिक अधिकारियों की सेवा में हर वक्त तत्पर रहता हैं। फिर चाहे वो पुराने एसडीएम की विदाई का मौका हो या फिर नए एसडीएम के कार्यग्रहण का अवसर। इस रिसोर्ट संचालक ने हमेशा ही इन अधिकारियों की आवभगत में अपनी रिसोर्ट में कार्यक्रम आयोजित कर गुलदस्ते, साफा और माला पहनाकर स्वागत और विदाई की शानदार दावतें दी हैं।

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