सिरोही में भामाशाहों की पहल: सिरोही में भामाशाहों की पहल ने संभाला मोर्चा, आबू रोड के बाद सिरोही में शुरू किया ऑक्सीजन बैंक

सिरोही में कोरोना का कहर दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। कोरोना से जहां संक्रमितों में ऑक्सीजन लेवर कम हो जाता है, वहीं फेफड़ों में संक्रमण से मौत हो रही है। ऐसे में अस्पतालों में अचानक ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए सिरोही में अब भामाशाहों ने मोर्चा संभाल लिया।

सिरोही में भामाशाहों की पहल ने संभाला मोर्चा, आबू रोड के बाद सिरोही में शुरू किया ऑक्सीजन बैंक

सिरोही, 14 मई।
सिरोही (Sirohi) में कोरोना का कहर दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। कोरोना (Corona) की दूसरी लहर लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। कोरोना से जहां संक्रमितों में ऑक्सीजन लेवर कम हो जाता है, वहीं फेफड़ों में संक्रमण से मौत हो रही है। ऐसे में अस्पतालों में अचानक ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए सिरोही में अब भामाशाहों ने मोर्चा संभाल लिया। विधायक संयम लोढा(Sanyam Lodha) की उपस्थिति में स्थानीय सरजावाव गेट के निकट पुराने जैन ट्रांसपोर्ट कम्पनी में ज्ञानरमण चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आबूरोड के बाद सिरोही में भी ऑक्सीजन बैंक (Oxygen Bank) की शुरूआत की गई। विधायक संयम लोढा की प्रेरणा से इसे मिशन अमृत नाम दिया गया। सिरोही जिले के सभी वर्ग के कोरोना बीमारी से ग्रस्त घरेलू ईलाज वाले पीड़ितों के लिए मिषन अमृत के तहत निःशुल्क सिलेण्डर उपलब्ध कराए जाएंगे। प्राणवायु के लिये चिकित्सक की पर्ची आवश्यक होगी। खाली सिलेण्डर लेकर बदले में ट्रस्ट की ओर से भरा सिलेण्डर निःशुल्क दिया जाएगा। अगर मरीज के पास खाली सिलेण्डर न होने पर ट्रस्ट की ओर से सिलेण्डर भी उपलब्ध कराया जाएगा, जो खाली होने पर वापस ट्रस्ट को देना होगा यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
आबू रोड के बाद अब सिरोही में 
 ट्रस्ट के अध्यक्ष किशोर गांधी ( Kishore Gandhi) ने जानकारी देते हुए कहा कि आबूरोड के बाद ऑक्सीजन बैंक की सेवा अब सिरोही में आरम्भ की जा रही है। इस सेवा के शुरूआत में विधायक संयम लोढा की मौजूदगी में ट्रस्ट के पंकज गांधी ने प्राणवायु की जरूरत के मरीज मोनिका प्रजापत को निःशुल्क सिलेण्डर देकर आरम्भ किया। इसे लेकर विधायक संयम लोढा ने ट्रस्ट का आभार जताया। कार्यक्रम में राजेन्द्र गांधी, हरिश माली, नवाब भाई, सत्येन मीणा, बाबू खान आदि उपस्थित थे।