गोशाला के नाम पर अवैध कब्जा: श्रीपतिधाम नंदनवन नया सानवाड़ा के संत गोविंद वल्लभदास ने किया गोचर भूमि अतिक्रमण

श्रीपतिधाम नंदनवन नया सानवाड़ा के संत गोविंद वल्लभदास ने किया गोचर भूमि अतिक्रमण। पंचायत में अतिक्रमण हटाए जाने का प्रस्ताव लिए जाने के बावजूद नहीं हटा कब्जा।

श्रीपतिधाम नंदनवन नया सानवाड़ा के संत गोविंद वल्लभदास ने किया गोचर भूमि अतिक्रमण
श्रीपतिधाम नंदनवन नया सानवाड़ा के संत गोविंद वल्लभदास ने किया गोचर भूमि अतिक्रमण

सिरोही। श्रीपतिधाम नंदनवन गोशाला के संत गोविंद वल्लभदास के द्वारा पंचायत की गोचर भूमि पर अतिक्रमण करने का मामला प्रकाश में आया है। 

खबर के अनुसार पिंडवाड़ा जाने वाले मार्ग में सानवाड़ा शनि मंदिर के पीछे स्थित श्रीपतिधाम नंदनवन गोशाला के द्वारा पंचायत की गोचर भूमि पर अतिक्रमण कर तारबंदी करवाई गई है। 

ज्ञात हो कि इस अतिक्रमण को लेकर  पहले नया सानवाड़ा स्थिति एक मंदिर में ग्रामसभा की बैठक आयोजित हुई थी, उस बैठक में सरपंच अलका रावल, ग्राम विकास अधिकारी इशिका जैन, पूर्व सरपंच ईश्वरसिंह दहिया सहित अनेक ग्रामवासी भी सम्मिलित हुए थे, इस बैठक में अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया था। 

गोविंद वल्लभदास द्वारा किए गए अतिक्रमण पर कई अखबारों में समाचार भी प्रकाशित हुआ था जिसके सरपंच अलका रावल ने माना था कि ग्रामीणों ने अतिक्रमण को लेकर पंचायत को ज्ञापन सौपा था कि गोचर भूमि खसरा नंबर 881 की भूमि पर श्रीपतिधाम नंदनवन गोशाला द्वारा अतिक्रमण किया गया है।

अतिक्रमणकारी ने भूमि पर तारबंदी की है। पंचायत में इस अतिक्रमण को हटाने केलिए प्रस्ताव भी पारित किया था। 

काफी समय बीत जाने पर भी अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। श्रीपतिधाम नंदनवन के संत गोविंद वल्लभदास राजनीति में अच्छी पकड़ रखते हैं तथा प्रभावशाली लोगों का उनके आश्रम में आना जाना रहता है।

एक जाति विशेष का ही है आश्रम -
श्रीपतिधाम नंदनवन गोशाला के संस्थापक गोविंद वल्लभदास एक संत है किंतु उन्होंने आश्रम व इस संस्था का उद्देश्य एक जाति विशेष तक सीमित करके रखा है। अपनी फेसबुक प्रोफाइल में भी उन्होंने श्रीपतिधाम नंदनवन को कुम्हार, कुमावत, प्रजापति समाज को संगठित करके उन्नति के पथ पर ले जाने को ही अपना उद्देश्य माना है। कोई भी संत किसी भी समाज का नहीं होता बल्कि संत का लक्ष्य सर्वांगीण विकास का लक्ष्य रहता है।

क्या कहा गोविंद व्ल्लभदास ने --
संत गोविंद वल्लभदास ने बताया कि उन्होंने कम भूमि पर ही कब्जा किया है तथा उस पर पेड़ पौधे लगाए है।

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