ब्लैक फंगस को दी मात, घर लौटा खुशाल: आत्मबल और परिवार के विश्वास से खुशाल ने जीती मुश्किल जंग, विधायक ने हर कदम पर किया सहयोग

आत्मबल और परिवार के सदस्यों का सहयोग किसी भी शारीरिक बीमार व्यक्ति को स्वस्थ कर सकता है। ऐसा ही एक मामला गोकुलवाडी में निवास करने वाले खुशाल परिहार का है। खुशाल ने पहले कोरोना होने के बाद जैसे ही उसे हराकर अपने घर पर कदम रखा ही था कि ब्लैक फंगस जैसी महामारी ने अचानक ही उसे दबोच लिया।

आत्मबल और परिवार के विश्वास से खुशाल ने जीती मुश्किल जंग, विधायक ने हर कदम पर किया सहयोग

शिवगंज (Sirohi)।
आत्मबल और परिवार के सदस्यों का सहयोग किसी भी शारीरिक बीमार व्यक्ति को स्वस्थ कर सकता है। ऐसा ही एक मामला गोकुलवाडी में निवास करने वाले खुशाल परिहार (Khushal Parihar)का है। खुशाल ने पहले कोरोना होने के बाद जैसे ही उसे हराकर अपने घर पर कदम रखा ही था कि ब्लैक फंगस (Black fungus) जैसी महामारी ने अचानक ही उसे दबोच लिया। लेकिन परिवार के विश्वास और सहयोग के साथ-साथ अपने आत्मविश्वास के दम पर उसने उसे भी हरा दिया। खुशाल के इस संघर्ष में विधायक संयम लोढा (MLA Sanyam Lodha) ने भी अपना संबल दिया तथा एक पारिवारिक सदस्य की तरह का सहयोग फिर चाहे वह चिकित्सकीय हो या फिर भावनात्मक हर तरह का सहयोग प्रदान किया। एक महिने से अधिक समय तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद जब खुशाल परिहार अपने घर पहुंचे तो विधायक संयम लोढ़ा ने भी उनके घर पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दी।
आप को बता दें कि गोकुलवाडी में निवास करने वाले Khushal Parihar स्वयं एक पेशेवर और जाने माने फोटोग्राफर है। कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना के शिकार हो गए थे। करीब दस दिनों तक अस्पताल में कोरोना से जंग लडऩे के बाद आखिरकार उस पर जीत हासिल कर ही ली। अस्पताल से स्वस्थ होकर खुशाल घर लौटे ही थे कि तीन दिन के भीतर उन्होंने अपने चेहरे के एक भाग में सूनापन का अहसास किया। अपने परिवार जनों से इसका जिक्र करने पर उनके पुत्र डम्पी माली को इस बात का अहसास हो गया था कि संभव है कोरोना की वजह से उनके पिताजी ब्लैक फंगस का शिकार हो गए। एक पल की देरी किए बिना परिवार के लोग खुशाल को लेकर उदयपुर के लिए रवाना हो गए। वहां ब्लैक फंगस की पुष्टि होने के बाद तीसरे ही दिन उन्हें अहमदाबाद ले जाया गया। वहां लंबे उपचार और लेजर ऑपरेशन के बाद आखिरकार खुशाल ने ब्लैक फंगस को मात दे ही दी। एक माह से अधिक समय तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लडऩे के बाद खुशाल ने मौत को मात देकर यह साबित कर दिया कि यदि व्यक्ति में आत्मविश्वास हो तथा अपनों का साथ तो वह दुनिया की कोई जंग हार नहीं सकता।
खतरनाक रोग है ब्लैक फंगस 
कोरोना महामारी के दौरान जब लोग इससे संघर्ष कर ही रहे थे इसी दौरान ब्लैक फंगस ने भी दस्तक दे दी। कोरोना के उपचार के बाद कई लोग इसका शिकार हो गए। यह ऐसा रोग है जिसका उपचार नहीं है। शरीर के जिस भाग में फंगस हो जाए उस भाग को ही निकालना पड़ता है तभी जीवन बचाना संभव है। इसका उपचार भी काफी खर्चीला और लंबा है। लेकिन इस मामले में भी खुशाल भाग्यशाली ही रहा। अहमदाबाद में चिकित्सकों ने लेजर ऑपरेशन से उनके नाक के पास हुए फंगस को हटाने में सफलता हासिल कर ली।


कदम कदम पर दिया विधायक ने साथ 
खुशाल परिहार जो MLA Sanyam Lodha के पारिवारिक मित्र भी है के कोरोना होने की जानकारी मिलने के बाद विधायक संयम लोढा ने उनके उपचार में पूरा सहयोग प्रदान किया जो भी मदद मिल सकती थी उसे दिलवाने में तनिक भी कौताही नहीं की। इतना ही नहीं, ब्लैक फंगस होने के बाद भी उन्हें जहां भी ले जाया गया वहां जहां तक संभव हो सकता था उनकी मदद की। इतना ही नहीं उपचार के दौरान प्रतिदिन फोन पर उनके परिवार जनों से संपर्क में रहे तथा खुशाल के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेते रहे। कोरोना एवं ब्लैक फंगस से जंग जीतने के बाद जब खुशाल अपने घर लौट आए तब उनकी पत्नी, पुत्र तथा पुत्रवधु शामिल थे।  विधायक संयम लोढ़ा का आभार प्रकट करने के लिए कुमकुम थाल लेकर उनके घर पहुंचे तथा उन्हें साफा व पुष्पहार पहनाकर आभार प्रकट किया। रविवार को विधायक लोढ़ा ने भी पालिकाध्यक्ष वजींगराम घांची एवं यूथ कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश मीना के साथ खुशाल परिहार के घर पहुंचकर उनके स्वास्थ की जानकारी ली तथा लंबी उम्र की शुभकामनाएं दी।

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