राजस्थान में बिजली संकट के बीच कटौती: राजस्थान में संभागीय मुख्यालयों पर 1 घंटा, जिला मुख्यालयों पर 2 घंटे, नगरपालिका क्षेत्रों एवं 5 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बों में 3 घंटे विद्युत कटौती शुरू

प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों पर एक घंटा, जिला मुख्यालयों पर दो घंटे, नगरपालिका क्षेत्रों एवं 5 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बों में 3 घंटे विद्युत कटौती शुरू हो गई। प्रदेश के जयपुर, जोधपुर, अजमेर संभागीय मुख्यालयों पर प्रातः 7 बजे से 8 बजे तक आज सोमवार को बिजली कटौती की गई।

राजस्थान में संभागीय मुख्यालयों पर 1 घंटा, जिला मुख्यालयों पर 2 घंटे, नगरपालिका क्षेत्रों एवं 5 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बों में 3 घंटे विद्युत कटौती शुरू

जयपुर।
राजस्थान में बिजली संकट के चलते अब प्रदेशभर में बिजली कटौती शुरू हो गई। प्रदेशभर में अलग—अलग क्षेत्रों के अनुसार सुबह 6 से 9 बजे तक के लिए बिजली कटौती के ओदश जारी कर दिए गए। आज से ​कटौती शुरू हो गई।
प्रदेश में आवश्यक सेवाओं जैसे-अस्पताल, ऑक्सीजन सेंटर, पेयजल आपूर्ति व मिलिट्री इंस्टालेशन आदि को सरकार ने इस बिजली कटौती से पूर्णतया मुक्त रखा है।
जबकि प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों पर एक घंटा, जिला मुख्यालयों पर दो घंटे, नगरपालिका क्षेत्रों एवं 5 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बों में 3 घंटे विद्युत कटौती शुरू हो गई। 
प्रदेश के जयपुर, जोधपुर, अजमेर संभागीय मुख्यालयों पर प्रातः 7 बजे से 8 बजे तक आज सोमवार को बिजली कटौती की गई। इसके अलावा  कोटा, भरतपुर, बीकानेर एवं उदयपुर संभाग मुख्यालयों पर  प्रातः 8 से 9 बजे तक कटौती तथा जिला मुख्यालयों पर प्रातः 6.30 बजे से 8.30 बजे तक एवं नगर पालिका क्षेत्रों एवं 5 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बों में प्रातः 6 बजे से 9 बजे तक बिजली कटौती का समय निर्धारित किया गया है।
वहीं कृषि आपूर्ति ब्लॉक के समय को 6 घंटे से घटाकर 5 घंटा किया गया है। सभी औद्योगिक उपभोक्ताओं को सांय 6 बजे से 10 बजे तक अपने विद्युत उपभोग को 50 प्रतिशत तक सीमित करने के निर्देश दिए गए।


प्रदेश के उर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने राजधानी के विद्युत भवन में आयोजित बैठक में प्रदेश में बिजली की मांग एवं उपलब्धता की समीक्षा की गई। इसके बाद बिजली कटौती का ऐलान किया।  
35 फीसदी बिजली मांग में बढ़ोतरी
मंत्री की बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष माह अप्रैल में बिजली की मांग में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही साथ ही पीक डिमांड भी 22 प्रतिशत बढ़कर 14200 मेगावाट तक पहुंच गई है। इस माह बिजली की खपत 3000 लाख यूनिट प्रतिदिन के स्तर पर पहुंच चुकी है।
वर्तमान में राज्य में प्रतिदिन लगभग 480 लाख यूनिट बिजली की कमी है अर्थात दिन के 24 घंटों में 15-15 मिनट के ब्लॉक्स में यह कमी 500 मेगावाट से 3000 मेगावाट के मध्य रहती है।

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