दिल्ली आबकारी नीति जांच: सीबीआई ने 8 लोगों के खिलाफ एलओसी की पुष्टि की, सिसोदिया पर कोई स्पष्टता नहीं
हालांकि, एजेंसी की ओर से यह स्पष्ट नहीं है कि क्या उन्होंने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य के खिलाफ एलओसी जारी किया है, जिनका उल्लेख प्राथमिकी में आरोपी के रूप में है।
नई दिल्ली | केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को पुष्टि की कि कथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में आठ लोगों के खिलाफ लुक आउट सकरुलर (एलओसी) जारी किया है।
हालांकि, एजेंसी की ओर से यह स्पष्ट नहीं है कि क्या उन्होंने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य के खिलाफ एलओसी जारी किया है, जिनका उल्लेख प्राथमिकी में आरोपी के रूप में है।
इस बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
CBI छापों के बारे में मोदी जी के इस बयान को ज़रूर सुने. अगर नहीं सुना तो आप एक बहुत बड़े सच को जानने से वंचित रह जाएँगे. https://t.co/6HptTsnVRH
— Manish Sisodia (@msisodia) August 21, 2022
एंटरटेनमेंट एंड इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ओनली मच लाउडर के पूर्व सीईओ विजय नायर, ब्रिंडको सेल्स प्राइवेट के निदेशक अमनदीप ढल, इंडोस्पिरिट ग्रुप के प्रबंध निदेशक समीर महेंद्रू, बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित अरोड़ा, सनी मारवाह, महादेव लिकर्स के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता, और तीन निजी व्यक्ति अरुण रामचंद्र पिल्लई, अर्जुन पांडे और दिनेश अरोड़ा के खिलाफ एलओसी जारी किए गए हैं।
सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में सिसोदिया को आरोपी नंबर एक बनाया है। इनपर आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और 477-ए (खातों का जालसाजी) के तहत आरोप लगाया गया है।
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सिसोदिया पर आरोप है कि शराब कारोबारियों को कथित तौर पर 30 करोड़ रुपये की छूट दी गई और लाइसेंस धारकों को उनकी मर्जी के मुताबिक एक्सटेंशन दिया गया, जबकि नीति आबकारी नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई।
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