भारतीय लोगों को लगी स्मार्टफोन की लत: भारतीय स्मार्टफोन यूजर लॉक स्क्रीन पर बीता रहा है औसतन 25 मिनट, 1 साल में 200 फीसदी बढ़ा टाइम

भारत में स्मार्टफोन यूजर औसतन अपने स्मार्टफोन को दिन में कम से कम 70 बार अनलॉक करता है। इसमें से वो करीब 50 बार सिर्फ लॉक स्क्रीन पर दिए गए कंटेंट को देखता है। यूजर्स के लिए डिनर के बाद और सोने से पहले लॉक स्क्रीन कंटेंट देखने का सबसे पसंदीदा टाइम है।

भारतीय स्मार्टफोन यूजर लॉक स्क्रीन पर बीता रहा है औसतन 25 मिनट, 1 साल में 200 फीसदी बढ़ा टाइम

नई दिल्ली। 
भारतीयों को स्मार्टफोन की ऐसी लत लग चुकी है कि वे लॉक स्क्रीन पर भी सबसे ज्यादा वक्त बिता रहे हैं। ग्लांस की 'वॉट इंडिया कंज्यूमर ऑन लॉक स्क्रीन' रिपोर्ट 2021 के मुताबिक भारतीय फोन की लॉक स्क्रीन पर अब पिछले साल की तुलना में 200 प्रतिशत अधिक टाइम बिता रहे हैं। लॉक स्क्रीन कंटेंट के लिए एक यूजर औसतन 25 मिनट खर्च करता है। ग्लांस दुनिया का पहला स्क्रीन जीरो प्लेटफॉर्म है। ये लॉक स्क्रीन डिवाइस खासकर स्मार्टफोन पर यूजर्स को लाइव कंटेट प्रोवाइड करता है। ग्लांस द्वारा दी गई रिपोर्ट में जनवरी 2020 से जनवरी 2021 तक यूजर के व्यवहार को शामिल किया गया है। यहां आप को बता दें कि अब स्मार्टफोन पर लॉक स्क्रीन के दौरान पर कंटेंट पड़ा जा सकता है। रिपोर्ट से पता चलता है कि कि भारत में स्मार्टफोन यूजर औसतन अपने स्मार्टफोन को दिन में कम से कम 70 बार अनलॉक करता है। इसमें से वो करीब 50 बार सिर्फ लॉक स्क्रीन पर दिए गए कंटेंट को देखता है। यूजर्स के लिए डिनर के बाद और सोने से पहले लॉक स्क्रीन कंटेंट देखने का सबसे पसंदीदा टाइम है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और गुजरात के यूजर्स लॉक लेट नाइट तक स्क्रीन पर कंटेंट देखते हैं। लॉक स्क्रीन कंटेंट में एंटरटेनमेंट, न्यूज, नेचर/वाइ्डलाइफ की तीन कैटेगरी सबसे ज्यादा देखी जाती हैं। वहीं, अन्य कैटेगरी में हेल्थ एंड फिटनेस, पोल्स एंड क्विज, ट्रिविया के साथ पॉलिटिक्स से जुडा कंटेंट शामिल हैं। ग्लांस में मार्केटिंग के वाइस प्रेसिडेंट, वी चौधरी ने कहा, "कोविड-19 महामारी ने हमारे जीवन के हर पहलू को बदल दिया है। हमारा कंटेंट कंज्यूम करने का तरीका भी बदला है। द इंडिया लॉक स्क्रीन रिपोर्ट 2021 में भारत के महानगरों और टियर 2 और टियर 3 शहरों में बड़े स्तर पर मोबाइल-फर्स्ट कंटेंट कंजप्शन का पता चलता है। रिपोर्ट में पाया गया कि यूजर्स के लिए वीडियो कंटेंट प्राथमिकता पर रहा। इसके कंजप्शन में 182 प्रतिशत  की वृद्धि हुई है। शॉर्ट वीडियो ऐप्स ने भी इस अवधि के दौरान यूजर्स को आकर्षित किया। यहां पर यूजर्स के टाइम स्पेंड में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।