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स्क्रीन पर रीडिंग से दिमाग पर असर, हो सकती है दिमागी बीमारी

   By FirstBharat

अगर आप भी रोजाना लम्बे समय तक मोबाइल या गैजेट्स की स्क्रीन की मदद से बुक रीडिंग या ऐसे काम करते हैं तो ब्रेन पर बुरा असर पड सकता है। 

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यह दावा जापान में हुई एक रिसर्च में किया गया है। जिसमें 34 यूनिवर्सिटीज के स्टूडेंट्स शामिल किए गए। जानिए, ​स्क्रीन का लिमिटेड इस्तेमाल क्यों जरूरी है।

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शोध में स्टूडेंट्स से पेपर और स्मार्टफोन दोनों पर टेक्सट पढने के लिए कहा गया, उनके दिमाग के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स की एक्टिविटी को मापा गया।

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इसमें पाया गया कि जो स्टूडेंट्स पेपर पर शब्दों को पढते है वह बेहतर परफॉर्म करते है। और शब्दों को याद कर लेते है। उनमें शब्दों की समझ नहीं घटती है।

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स्कीन पर रीडिंग करने से रेस्पिरेट्री सिस्टम व ब्रेन फंक्शन प्रभावित होते है। रिसर्च में सामने आया कि ज्यादा लंबी सांस लेने को सोशल कम्युनिकेशन के मामले निगेटिव माना जाता है।

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रिपोर्ट की मानें तो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस पर पढ़ने से 'शब्दों की समझ' घटती है।  आज के वक्त में रीडिंग के मामले में ज्यादातर लोगों की निर्भरता स्क्रीन पर होती जा रही है। 

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