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By FirstBharat
आप लैपटॉप को पूरे दिन चार्जर को जोडने और डिस्कनेक्ट करने की परेशानी से तो बचते है। लेकिन यह बैटरी के लिए खतरा है।
लैपटॉप में लिथियम आयन की बैटरी होती है। हर समय प्लग इन रखने से ओवरचार्ज या पार्ट को गर्म होने का डर तो नहीं होता है। लेकिन बैटरी की क्षमता को नुकसान होता है।
पुरानी होने के साथ लैपटॉप बैटरी की चार्जिंग क्षमता कम होने लगती हैं। जो बैटरी पहले 4 घंटे चलती हो, बाद में वह एक या 2 घंटे ही चलती है। ऐसे बढ़ सकती है बैटरी की लाइफ।
बैटरी की लंबी अवधि के लिए लिथियम बैटरी को 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत के बीच ही चार्ज करें। 100 प्रतिशत चार्ज करना या डिस्चार्ज करना बैटरी के लिए खराब है।
लैपटॉप को हर समय प्लग इन न रखें। इसे रिचार्ज करने से पहले इसकी पावर को लगभग 40 प्रतिशत तक कम होने दे।
बैटरी को नियमित तरह से डिस्चार्ज न करें। बैटरी के 15 प्रतिशत से कम होने पर इसे जितना जल्दी हो सके चार्ज करे।
लैपटॉप में optimize mode चार्जिंग मोड होता है। यह जान लेता है कि किस समय अपने लैपटॉप को चार्ज करते हैं और उसी के अनुसार यह बैटरी को अनुकूलित करता है।