मच्छरों ने डेंगू, यलो फीवर और जीका जैसी जानलेवा बीमारी फैलाई हैं। अब ये ही इसे खत्म करने का काम करेंगे।
इसके लिए अमेरिका के कैलिफोर्निया और फ्लोरिडा शहर में अगले दो साल में लैब में तैयार आनुवंशिक तौर पर संशोधित दो अरब नर मच्छर छोड़े जाएंगे।
यह पहल ऑक्सफोर्ड ब्रिटेन की पेस्ट कंट्रोल डेवलपमेंट फर्म ऑक्सीटेक ने की है। इस प्रजाति का कोडनेम OX5034 है। इसे ‘ऑक्सीटेक मच्छर’ नाम दिया गया है।
नर मच्छर इंसान में बीमारी नहीं फैलाते, इसलिए लैब में ऐसे नर मच्छरों के जीन में बदलाव किया गया है। जब नर मच्छरों को हवा में छोड़ा जाएगा तो ये मादा के साथ प्रजनन करेंगे।
नर मच्छर का खास प्रोटीन मादा में पहुंचेगा। इसके बाद पैदा होने वाले नई मादा मच्छर वयस्क होने से पहले ही मर जाएंगी। इस तरह बीमारी फैलाने वाली मादा मच्छरों की संख्या घटेगी।
इसका ट्रायल पिछले साल हुआ है। इस दौरान फ्लोरिडा में लाखों मच्छर छोड़े गए थे। इसके नतीजे असरदार साबित हुए हैं। इस योजना को पर्यावरण संरक्षण एजेंसी की मंजूरी मिल चुकी है।
अब 2022 से 2024 के बीच ऐसे 240 करोड़ मच्छर छोड़े जाएंगे। इसमें से 200 करोड़ मच्छर फ्लोरिडा में और 40 करोड़ कैलिफोर्निया में रिलीज किए जाएंगे।
लैब में तैयार हुए नए मच्छर इंसानों के लिए कितना खतरनाक हैं, इस पर ऑक्सीटेक ने कहा कि यह सुरक्षित हैं। पर्यावरण या इंसानों को इससे कोई खतरा नहीं है।
भारत में हर साल करीब चार करोड़ लोग मच्छर जनित बीमारियों की चपेट में आते हैं। वर्ष 2021 में 1.64 लाख केस मिले डेंगू के, 2019 में यह आंकड़ा 2.05 लाख था।