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FIrst Bharat
May 23, 2022
होटल और रेस्टोरेंट में खाने के दौरान भी उपभोक्ता के कई ऐसे अधिकार है, जिनके बारे में या तो वह जानता नहीं या उन पर गंभीरता से विचार नहीं करता।
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने साफ किया है कि कोई भी होटल या रेस्टोरेंट ग्राहकों से जबरन सर्विस टैक्स नहीं ले सकता है।
कई होटल सर्विस टैक्स अलग से जोड देते हैं, जो उपभोक्ता के लिए अनिवार्य नहीं है। वह इसके लिए मना कर सकता है।
इसी तरह मिनरल वाटर के लिए होटल या रेस्टोरेंट मिनरल वाटर के लिए बाध्य नहीं कर सकते है, ऐसा करना अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस की श्रेणी में आता है।
खाने की शुद्धता और गुणवता को जानने का भी उपभोक्ता को पूरा अधिकार है। वह इसके खिलाफ शिकायत भी कर सकता है।
ऑर्डर किया गया भोजन स्वाद और गुणवत्तापूर्ण नहीं होने पर लौटाने का अधिकार है। और उपभोक्ता अपने पूरे रुपए मांग सकता है।
ऑनलाइन भोजन ऑर्डर कर रहें तो दर, मात्रा और गुणवत्ता की जांच कर लें। उसके बाद ही पैमेंट करना चाहिए। यदि गुणवत्ता खराब हो तो उस कम्पनी में शिकायत कर रिफंड ले सकते है।
भोजन संतोषजनक नहीं होने पर होटल और स्वास्थ्य विभाग को लिखित शिकायत करें। शिकायत सही पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग उस होटल पर उचित कार्यवाही कर सकता है।